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Deoria News: असम पुलिस में हवलदार की ब्रेन हेमरेज से मौत
Mon, 15 Jun 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:54 PM IST
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भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव के रहने वाले
भटनी। थाना क्षेत्र के नोनापार गांव निवासी और असम पुलिस में हवलदार पद पर तैनात शिवजी तिवारी (52) की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शिवजी तिवारी असम पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत थे। इन दिनों उनकी तैनाती असम के तिनसुखिया स्थित एसपी कार्यालय में थी। शनिवार की रात ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत ब्रेन हेमरेज के कारण हुई है।
रविवार की रात जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नोनापार पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। भागलपुर स्थित सरयू नदी तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान असम पुलिस के जवानों की मौजूदगी में उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों में शोक व्याप्त है। इस दौरान भाजपा नेता गिरधारी तिवारी, बड़े भाई ईश्वर दयाल तिवारी, रामचंद्र नाथ तिवारी, श्रीराम तिवारी, रामनाथ तिवारी, राघवेंद्र नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
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भटनी। थाना क्षेत्र के नोनापार गांव निवासी और असम पुलिस में हवलदार पद पर तैनात शिवजी तिवारी (52) की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शिवजी तिवारी असम पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत थे। इन दिनों उनकी तैनाती असम के तिनसुखिया स्थित एसपी कार्यालय में थी। शनिवार की रात ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उनकी मौत ब्रेन हेमरेज के कारण हुई है।
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रविवार की रात जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नोनापार पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। भागलपुर स्थित सरयू नदी तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान असम पुलिस के जवानों की मौजूदगी में उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों में शोक व्याप्त है। इस दौरान भाजपा नेता गिरधारी तिवारी, बड़े भाई ईश्वर दयाल तिवारी, रामचंद्र नाथ तिवारी, श्रीराम तिवारी, रामनाथ तिवारी, राघवेंद्र नाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
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