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Deoria News: कर्मियों पर भारी पड़ा वरासत के नाम पर खर्च मांगना
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तहसीलदार ने मांगा स्पष्टीकरण, अधिकारियों के हाथ वीडियो लगने पर कर्मियों के फूले हाथ-पांव
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील परिसर में वरासत दर्ज कराने के लिए लोगों को महीनों से चक्कर लगाना पड़ रहा है। बावजूद वरासत दर्ज नहीं हो पा रहा है। वरासत के नाम पर कागज और खर्च मांगने वाले मामले में कर्मियों से तहसीलदार अश्वनी कुमार ने स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों के हाथ वीडियो लगने की जानकारी होने पर कर्मियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। वरासत का मामला दिनभर चर्चा में रहा।
तहसीलदार ने वरासत दर्ज कराने के लिए कागज और खर्च मांगने मामले में प्रभारी सहायक राजिस्ट्रार कानूनगो कृष्णमुरारी पांडेय औरा राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र कुमार से दो से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। जिससे तहसील कर्मियों में खलबली है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के जारी फरमान में परिवार के मुखिया के मृत्यु की दशा में उनकी तेरहवीं तक वरासत में नाम दर्ज करने का आदेश है। लेकिन जिम्मेदार आदेश को दरकिनार कर मनमाना करने से नहीं चूक रहे हैं। तहसील में वरासत दर्ज कराने के लिए कुछ जिम्मेदारों द्वारा कागज और खर्च मांगने की बात सामने आई है। जिसका वीडियो अधिकारियों तक पहुंच गया है। वीडियो में जिम्मेदार अपने अधिकारियों को भी भला-बुरा कहते देखे जा रहे हैं। तहसीलदार अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए जवाब मांगा गया है। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील परिसर में वरासत दर्ज कराने के लिए लोगों को महीनों से चक्कर लगाना पड़ रहा है। बावजूद वरासत दर्ज नहीं हो पा रहा है। वरासत के नाम पर कागज और खर्च मांगने वाले मामले में कर्मियों से तहसीलदार अश्वनी कुमार ने स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों के हाथ वीडियो लगने की जानकारी होने पर कर्मियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। वरासत का मामला दिनभर चर्चा में रहा।
तहसीलदार ने वरासत दर्ज कराने के लिए कागज और खर्च मांगने मामले में प्रभारी सहायक राजिस्ट्रार कानूनगो कृष्णमुरारी पांडेय औरा राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र कुमार से दो से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। जिससे तहसील कर्मियों में खलबली है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के जारी फरमान में परिवार के मुखिया के मृत्यु की दशा में उनकी तेरहवीं तक वरासत में नाम दर्ज करने का आदेश है। लेकिन जिम्मेदार आदेश को दरकिनार कर मनमाना करने से नहीं चूक रहे हैं। तहसील में वरासत दर्ज कराने के लिए कुछ जिम्मेदारों द्वारा कागज और खर्च मांगने की बात सामने आई है। जिसका वीडियो अधिकारियों तक पहुंच गया है। वीडियो में जिम्मेदार अपने अधिकारियों को भी भला-बुरा कहते देखे जा रहे हैं। तहसीलदार अश्वनी कुमार ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए जवाब मांगा गया है। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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