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Deoria News: उद्योग व व्यवसाय के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे आवेदक
Thu, 18 May 2023 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 May 2023 12:07 AM IST
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कागजी कोरम पूरा करने के बाद भी बैंककर्मी लोन देने में कर रहे आनाकानी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला उद्योग विभाग व बैंकों के बीच तालमेल नहीं है। जिन कागजातों के सहारे उद्योग विभाग के अधिकारी भारी भरकम अनुदान के साथ लोन दिलाने का दावा करते हैं, वह फाइल बैंक में पहुंचते ही खारिज कर दी जा रही है। बीते दो साल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना के 190 आवेदन बैंकों ने रिजेक्ट किए हैं। ये सभी आवेदन जिला उद्योग विभाग से बैंकों को अग्रसारित किए गए थे। बैंकों के मनमानी की शिकार ज्यादातर महिलाएं हो रही हैं। बरवामीर छापर गांव की विभा पांडेय ने वर्ष 2020 में एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 10 लाख रुपये लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जिला उद्योग विभाग की ओर से उनकी फाइल बैंक को अग्रसारित कर दी गई। बैंक ने विभा से गांरटी मांगी तो उन्होंने जमीन के कागजात प्रस्तुत किए। फिर जीएसटी पेपर न होने का हवाला दिया गया। यह कागजात भी तैयार कर विभा ने जमा कर दिया। सारी कमी पूरी होने के बावजूद मैनेजर ने लोन देने से इन्कार कर दिया। वह लोन नहीं देने का कारण पूछती रहीं, पर बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
-- -- -- -- -- - डेढ साल गुजर गए नहीं आया कॉल
मैंने मुद्रा लोन के लिए पिछले साल फरवरी माह में आवेदन किया। पार्लर खोलना चाहती थी। बैंक ने जो कागजात मांगे सभी पूरे करने के बाद भी लोन नहीं दिया गया। पूछने पर शाखा प्रबंधक कहते थे कि आपको कॉल जाएगा। डेढ साल बीत गए अबतक बैंक से कॉल नहीं आया। - विमला देवी, पथरदेवा।
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टूट गया आत्मनिर्भर बनने का सपना
मैं भी पुरूषों की तरह आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। जनवरी 2022 में जिला उद्योग के माध्यम से मुद्रा लोन के लिए आवेदन की। बार-बार बैंक का चक्कर लगाती रही, लेकिन लोन नहीं मिला। सीमित संसाधनों में सिलाई-कढाई का काम कर जीविकोपार्जन करती हूं। - मुन्नी देवी, देसही देवरिया।
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स्पष्ट नहीं हो पातीं बैंकों की शर्तें
उद्योग विभाग की शर्तों के मुताबिक आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण-पत्र जाति प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं शपथ-पत्र देना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच व न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदक किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो। पूर्व में संचालित किसी योजना में (सब्सिडी) का लाभ प्राप्त न किए हो। जबकि बैंकों की शर्तें स्पष्ट नहीं हो पातीं। सारे कागजात होने के बाद शाखा प्रबंधक अपने विवेकानुसार निर्णय लेते हैं कि आवेदक लोन चुका पाने में समर्थ है या नहीं।
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वर्जन
संपूर्ण कागजात के साथ आए आवेदनों को ही बैंकों को अग्रसारित किया जाता है। बैंक अपनी नियमावली उद्योग विभाग से साझा नहीं करते। शासन से जो गाइडलाइन मिली है उसके अनुसार हम पात्रता का निर्धारण कर आवेदन बैंको को भेजते हैं।- अभय सुमन, उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र।
-- -- -- -- -- बैंको का मूल व्यवसाय लोन देना ही है। लक्ष्य के मुताबिक हर साल लोन के आवेदन स्वीकृत किए जाते हैं। आवेदन वही निरस्त किए जाते हैं जो व्यक्ति लोन चुकाने में असमर्थ होता है। जरूरी कागजात लेने के अलावा शाखा प्रबंधक को अपने विवेक का भी इस्तेमाल करना होता है। ताकि आमजन का जमा पैसा डूबने न पाए। - अरूणेश कुमार, एलडीएम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला उद्योग विभाग व बैंकों के बीच तालमेल नहीं है। जिन कागजातों के सहारे उद्योग विभाग के अधिकारी भारी भरकम अनुदान के साथ लोन दिलाने का दावा करते हैं, वह फाइल बैंक में पहुंचते ही खारिज कर दी जा रही है। बीते दो साल के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना के 190 आवेदन बैंकों ने रिजेक्ट किए हैं। ये सभी आवेदन जिला उद्योग विभाग से बैंकों को अग्रसारित किए गए थे। बैंकों के मनमानी की शिकार ज्यादातर महिलाएं हो रही हैं। बरवामीर छापर गांव की विभा पांडेय ने वर्ष 2020 में एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 10 लाख रुपये लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जिला उद्योग विभाग की ओर से उनकी फाइल बैंक को अग्रसारित कर दी गई। बैंक ने विभा से गांरटी मांगी तो उन्होंने जमीन के कागजात प्रस्तुत किए। फिर जीएसटी पेपर न होने का हवाला दिया गया। यह कागजात भी तैयार कर विभा ने जमा कर दिया। सारी कमी पूरी होने के बावजूद मैनेजर ने लोन देने से इन्कार कर दिया। वह लोन नहीं देने का कारण पूछती रहीं, पर बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
मैंने मुद्रा लोन के लिए पिछले साल फरवरी माह में आवेदन किया। पार्लर खोलना चाहती थी। बैंक ने जो कागजात मांगे सभी पूरे करने के बाद भी लोन नहीं दिया गया। पूछने पर शाखा प्रबंधक कहते थे कि आपको कॉल जाएगा। डेढ साल बीत गए अबतक बैंक से कॉल नहीं आया। - विमला देवी, पथरदेवा।
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टूट गया आत्मनिर्भर बनने का सपना
मैं भी पुरूषों की तरह आत्मनिर्भर बनना चाहती थी। जनवरी 2022 में जिला उद्योग के माध्यम से मुद्रा लोन के लिए आवेदन की। बार-बार बैंक का चक्कर लगाती रही, लेकिन लोन नहीं मिला। सीमित संसाधनों में सिलाई-कढाई का काम कर जीविकोपार्जन करती हूं। - मुन्नी देवी, देसही देवरिया।
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स्पष्ट नहीं हो पातीं बैंकों की शर्तें
उद्योग विभाग की शर्तों के मुताबिक आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण-पत्र जाति प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं शपथ-पत्र देना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच व न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदक किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्था का डिफाल्टर न हो। पूर्व में संचालित किसी योजना में (सब्सिडी) का लाभ प्राप्त न किए हो। जबकि बैंकों की शर्तें स्पष्ट नहीं हो पातीं। सारे कागजात होने के बाद शाखा प्रबंधक अपने विवेकानुसार निर्णय लेते हैं कि आवेदक लोन चुका पाने में समर्थ है या नहीं।
वर्जन
संपूर्ण कागजात के साथ आए आवेदनों को ही बैंकों को अग्रसारित किया जाता है। बैंक अपनी नियमावली उद्योग विभाग से साझा नहीं करते। शासन से जो गाइडलाइन मिली है उसके अनुसार हम पात्रता का निर्धारण कर आवेदन बैंको को भेजते हैं।- अभय सुमन, उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र।