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Deoria News: अजय तिवारी के कोलकता के रहने वाले सहयोगी को रामगढ़ताल पुलिस ने की गिरफ्तार
Tue, 11 Nov 2025 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:49 AM IST
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देवरिया। शराब दुकानदारों सहित कई लोगों से छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अजय तिवारी के एक और सहयोगी सुकांता बैनर्जी को गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना की पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी। पकड़ा गया शख्स स्पेस शटल और न्यूक्लियर एनर्जी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं की आपूर्ति व खरीद फरोख्त के व्यवसाय का हवाला देकर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। इसके खाते में देवरिया का जालसाज अजय तिवारी चार से पांच करोड़ का लेनदेन किया है।
पुलिस के मुताबिक सुकांता बैनर्जी देवरिया के रहने वाले अजय तिवारी का सहयोगी है। अजय उसके खाते में करीब चार से पांच करोड़ रूपए का लेन देन किया है। उसके गिरफ्तार की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई। मंगलवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
शहर के रामगुलाम निवासी अजय तिवारी शराब कारोबारी संजय केडिया की पत्नी रीना केडिया के नाम से फर्म का मैनेजर था। वह शराब की दुकान और गोदाम की देखरेख करता था। आरोप है कि फर्म के गोदाम पर आने वाले शराब दुकानदारों से उसने संपर्क बढ़ा लिया। अधिक धन अर्जित करने की चाहत की मेंं 2007 में गोदाम और दूसरे की लाइसेंसी शराब की दुकान लेकर चलाने लगा। इसके बाद शराब के कई दुकानदारों काे झांसे में लेकर उनकी दुकान के व्यवस्थापन का कार्य अपने हाथों में ले लिया।
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गोदाम से शराब मंगाने के बाद भुगतान लेकर फर्म को जमा करने की जगह हड़पने लगा। काफी बकाया होने पर गोदाम से उठान रोक देने और बकाया की जानकारी होने पर शराब दुकानदारों के होश उड़ गए। इसके बाद दुकानदारों ने केस दर्ज कराया। इसी तरह दो लोगों से कूटरचित दस्तावेज दिखाकर जमीन बैनामा करने के नाम पर रुपये भी हड़प लिए। इस मामलेे में भी पीड़ितों ने केस दर्ज कराया। एक के बाद एक केस दर्ज होने के बाद अजय तिवारी सहयोगी रमेश यादव के साथ फरार हो गया। इसी बीच न्यायालय से गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया।
कई मामलों में वांछित होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये इनाम की घोषणा कर दी गई। कुछ दिन पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि कोलकाता के अर्बन एनआरआई आनंदपुर निकट रूबी हास्पिटल टावर नंबर 7 फ्लैट नंबर 3505 कोलकाता निवासी सुकांता बैनर्जी पुत्र सुब्रत बैनर्जी के बैंक खाता में अजय तिवारी ने कोलकाता में व्यापार बढ़ाने के लिए अलग-अलग तारीख को करीब चार से पांच करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
उधर, गोरखपुर के रामगढ़ताल पुलिस ने सुकांत बैनर्जी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि स्पेस शटल और न्यूक्लियर एनर्जी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं की आपूर्ति व खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से संबद्ध होने की बात बताकर व अपने को नासा से संबद्ध कम्पनी व एजिस फिनकैप कन्सलटेंट लि. का चीफ कोआर्डिनेटर, डाॅयरेक्टर बताकर फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करके एक रुपये के निवेश पर दो वर्षों में न्यूनतम 100 रुपये का लाभांश देने की बात कहकर धोखे से करोड़ों रुपये की ठगी कर लेने के संबंध में प्राप्त हुआ।
उसकी गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस उसे वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई। मंगलवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में सुकांता बैनर्जी के कारोबार में अजय तिवारी का भी नाम प्रकाश में आ सकता है।
पूर्व में पुलिस की पूछताछ में अजय ने बताया था कि कोलकाता में कारोबार के लिए सुकांता के अकाउंट में पैसा भेजता था। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अजय तिवारी के मुकदमे में विवेचना के क्रम में सुकांता का नाम प्रकाश में आया है। उसे वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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पुलिस के मुताबिक सुकांता बैनर्जी देवरिया के रहने वाले अजय तिवारी का सहयोगी है। अजय उसके खाते में करीब चार से पांच करोड़ रूपए का लेन देन किया है। उसके गिरफ्तार की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई। मंगलवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
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शहर के रामगुलाम निवासी अजय तिवारी शराब कारोबारी संजय केडिया की पत्नी रीना केडिया के नाम से फर्म का मैनेजर था। वह शराब की दुकान और गोदाम की देखरेख करता था। आरोप है कि फर्म के गोदाम पर आने वाले शराब दुकानदारों से उसने संपर्क बढ़ा लिया। अधिक धन अर्जित करने की चाहत की मेंं 2007 में गोदाम और दूसरे की लाइसेंसी शराब की दुकान लेकर चलाने लगा। इसके बाद शराब के कई दुकानदारों काे झांसे में लेकर उनकी दुकान के व्यवस्थापन का कार्य अपने हाथों में ले लिया।
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गोदाम से शराब मंगाने के बाद भुगतान लेकर फर्म को जमा करने की जगह हड़पने लगा। काफी बकाया होने पर गोदाम से उठान रोक देने और बकाया की जानकारी होने पर शराब दुकानदारों के होश उड़ गए। इसके बाद दुकानदारों ने केस दर्ज कराया। इसी तरह दो लोगों से कूटरचित दस्तावेज दिखाकर जमीन बैनामा करने के नाम पर रुपये भी हड़प लिए। इस मामलेे में भी पीड़ितों ने केस दर्ज कराया। एक के बाद एक केस दर्ज होने के बाद अजय तिवारी सहयोगी रमेश यादव के साथ फरार हो गया। इसी बीच न्यायालय से गैर जमानती वारंट भी जारी हो गया।
कई मामलों में वांछित होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये इनाम की घोषणा कर दी गई। कुछ दिन पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि कोलकाता के अर्बन एनआरआई आनंदपुर निकट रूबी हास्पिटल टावर नंबर 7 फ्लैट नंबर 3505 कोलकाता निवासी सुकांता बैनर्जी पुत्र सुब्रत बैनर्जी के बैंक खाता में अजय तिवारी ने कोलकाता में व्यापार बढ़ाने के लिए अलग-अलग तारीख को करीब चार से पांच करोड़ रुपये का लेन-देन किया है।
उधर, गोरखपुर के रामगढ़ताल पुलिस ने सुकांत बैनर्जी को गिरफ्तार किया तो पता चला कि स्पेस शटल और न्यूक्लियर एनर्जी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं की आपूर्ति व खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से संबद्ध होने की बात बताकर व अपने को नासा से संबद्ध कम्पनी व एजिस फिनकैप कन्सलटेंट लि. का चीफ कोआर्डिनेटर, डाॅयरेक्टर बताकर फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करके एक रुपये के निवेश पर दो वर्षों में न्यूनतम 100 रुपये का लाभांश देने की बात कहकर धोखे से करोड़ों रुपये की ठगी कर लेने के संबंध में प्राप्त हुआ।
उसकी गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस उसे वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई। मंगलवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में सुकांता बैनर्जी के कारोबार में अजय तिवारी का भी नाम प्रकाश में आ सकता है।
पूर्व में पुलिस की पूछताछ में अजय ने बताया था कि कोलकाता में कारोबार के लिए सुकांता के अकाउंट में पैसा भेजता था। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अजय तिवारी के मुकदमे में विवेचना के क्रम में सुकांता का नाम प्रकाश में आया है। उसे वारंट बी के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।