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Deoria News: वर्षों बाद फिर चर्चा में आई बंद पड़ी गौरी बाजार चीनी मिल

Tue, 18 Feb 2025 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 18 Feb 2025 12:09 AM IST
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After years, the closed Gauri Bazaar sugar mill came into limelight again.
गौरीबाजार। ब्रिटिश शासन काल में स्थापित भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के अधीन कानपुर शुगर वकर्स लिमिटेड की गौरी बाजार की बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन खाली कराने की सूचना पर लोगों में हड़कंप मचा है। भौगोलिक रूप से समृद्ध मिल की जमीन पर कुछ अस्थायी तो कुछ स्थायी कब्जा लोगों द्वारा किया गया है।
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शासन के निर्देश पर राजस्व की टीम ने जमीन की पैमाइश कर कुछ स्थानों को चिह्नित किया है। इसमें कुछ लोग तो अस्थायी कब्जा कर अपना व्यवसाय कर रहें हैं। उपनगर से सटे ही मिल के पहले गेट पर लगभग एक दर्जन परिवार अस्थाई रुप से वर्षों से रह रहा है। तो वहीं मिल परिक्षेत्र में स्थित शिव मंदिर के समीप कुछ लोग छोटी-छोटी दुकान बनाकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं।
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तो वहीं भटौली खुर्द जाने वाले रास्ते पर भी मिल की जमीन पर स्थाई कब्जा किया गया है। आगे उसी रास्ते पर कुछ लोग वर्षों से कबाड़ का व्यवसाय कर रहे हैं। मझना नाले के समीप तक मिल का पानी जाता रहा।
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वहां भी कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। मिल परिसर में लगभग एक एकड़ क्षेत्र में बड़ा पोखरा पिच मार्ग के किनारे स्थित है।
वर्ष 1998 में चीनी मिल की बंदी के बाद मिल गंगोत्री इंटरप्राइजेज ने खरीदा। वे मिल न चला सके। करोड़ों रुपये मजदूरों किसानों का बकाया होने व मामला न्यायालय में होने के कारण गंगोत्री इंटरप्राइजेज ने अनुबंध निरस्त कर दिया। दोबारा राजेंद्र इस्पात कोलकता ने मिल को खरीदा। ज्यादातर स्क्रैप काटकर उठा ले गए। मजदूरों ने दमदारी से विरोध दर्ज कराया। इस बीच चीनी मिल में कई बार चोरी भी हुई। दो मामलों में स्थानीय थाने में केस भी दर्ज हुआ। समय बीतने के साथ करोड़ों की परिसंपत्ति वीरान पड़ गई। रेल लाइन से जुड़ा इस चीनी मिल परिसर की भौगोलिक स्थिति बेहतर है।सौ मीटर पर रेलवे स्टेशन स्थित है।

पांच सौ मीटर पर गोरखपुर-देवरिया फोरलेन भी है। इसकी जमीन की कीमत को बढ़ाती है। अब जब शासन ने कवायद शुरु की तो कब्जेदारों में जहां हड़कंप मच गया। वहीं बंद चीनी मिल के एक बार और चर्चा में आने के बाद लोगों में उत्साह भी है।
एसडीएम विपिन द्विवेदी ने बताया कि कुछ स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण की जगहों पर चिन्हित किया गया है। जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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