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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   After the deed of land, the dispute between the two increased, Chandrashekhar was in possession of the land.

Deoria News: जमीन बैनामा कराने के बाद दोनों के बीच बढ़ी थी रार, जमीन पर चंद्रशेखर का था कब्जा

Mon, 27 Nov 2023 04:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 27 Nov 2023 04:57 PM IST
सार

तहसीलदार कोर्ट से वाद खारिज होने के बाद सिविल कोर्ट में मुकदमा लंबित है। इसके बावजूद चंद्रशेखर का नाम खतौनी में चढ़ गया और जमीन को कब्जे में ले लिए। कई बार मदनपुर पुलिस तक मामला पहुंचा, लेकिन पुलिस लंबित मुकदमे को दरकिनार कर खतौनी को आधार मानते हुए चंद्रशेखर को सही बताया था।

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After the deed of land, the dispute between the two increased, Chandrashekhar was in possession of the land.
मृतक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देवरिया जिले के पिड़री गांव में खेत में सिंचाई करने गए चंद्रशेखर उर्फ गब्बू यादव की जमीन के विवाद में हत्या कर दी गई। चंद्रशेखर की हत्या की वजह लोग उनके द्वारा रजिस्ट्री कराए गए अधिक जमीन का विवाद बता रहे हैं। तहसील कोर्ट से वाद खारिज होने के बाद सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। पुलिस को लाश के पास कुदाल और चप्पल मिला।

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मदनपुर थाना क्षेत्र के पिड़री गांव निवासी किसान चंद्रशेखर यादव उर्फ गब्बू जून माह वर्ष 2022 में गांव के जोगिया टोला निवासी रामदेव कुशवाहा से 12 कट्टा जमीन बैनामा लिए। बैनामा के बाद इसकी जानकारी रामदेव के परिजनों को हुई तो उन्होंने रामदेव को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए आपत्ति जताई। तहसीलदार कोर्ट से वाद खारिज होने के बाद सिविल कोर्ट में मुकदमा लंबित है। इसके बावजूद चंद्रशेखर का नाम खतौनी में चढ़ गया और जमीन को कब्जे में ले लिए।
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कई बार मदनपुर पुलिस तक मामला पहुंचा, लेकिन पुलिस लंबित मुकदमे को दरकिनार कर खतौनी को आधार मानते हुए चंद्रशेखर को सही बताया था। इसलिए चंद्रशेखर बैनामा लिए गए जमीन में खेती किसानी करते थे। उसी खेत की सिंचाई करने शनिवार रात घरवालों से कह कर गए थे। पुलिस की माने तो आरोपी रामदेव के परिजन धोखा देकर अधिक जमीन बैनामा कराने का आरोप लगाते हुए विरोध कर रहे थे।

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इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हो चुकी थी। गांववालों कहना है कि अगर पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया होता तो जमीन के विवाद में चंद्रशेखर की हत्या नहीं हुई होती। किसान की हत्या के बाद गांव के पिड़री टोला और जोगिया टोले के बीच तनाव बढ़ गया है। गांव वालों की माने तो जबसे चंद्रशेखर यह जमीन बैनामा लिया था। तभी से परेशान चल रहा था।

बेटे को अच्छी शिक्षा दिए थे चंद्रशेखर
चंद्रशेखर यादव के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरे नंबर की बेटी मीना यूपीपी में सिपाही है। जबकि बड़ा बेटा रामप्रवेश यादव रेलवे में नौकरी करता है। घर पर छोटी बेटा प्रियंका और बेटा रामनिवास रहते हैं। घटना के बाद घर पर पहाड़ टूट पड़ा। मां शारदा और छोटा बेटा दहाड़े मार रहे थे। छोटे बेटे और बेटी के लिए चंद्रशेखर यादव रिश्ता ढूंढ रहे थे।
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