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Deoria News: एक दिन चलने के बाद आई खराबी, नहीं चली मशीन
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मेडिकल कॉलेज के एक्स रे कक्ष में लगी मरीज व तीमारदरों की भीड।संवाद
- पावर ज्यादा सप्लाई होने से बंद हो जा रही मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में स्थापित नई डिजिटल एक्स-रे मशीन एक दिन ही चली। मंगलवार को दूसरे दिन ही तकनीकी की गड़बड़ी की वजह से मशीन बंद रही। उन्हें पुराने डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर लंबी कतार में एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे जांच के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली का पावर अधिक आने से दिक्कत हो रही है। उद्घाटन के समय भी मशीन पिक-पिक की आवाज कर रही थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, उस समय खराब दूर कर ली गई होती तो जांच बाधित नहीं होती।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। ओपीडी के आर्थो, चेस्ट व टीबी, मेडिसिन सहित अन्य विभागों से डॉक्टर एक्स-रे जांच के लिए मरीज को भेजते हैं। हड्डी रोग विभाग के बगल में लगे पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे से शरीर के छोटे अंग की जांच होती है। यहां प्रतिदिन करीब सौ मरीजों की जांच होती है, जबकि डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर जांच के लिए मरीजों की भीड़ लगती है। सुबह से ही लंबी कतार लगती है। लोगों को एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन सीटी स्कैन के बगल में स्थापित की गई है।
पिछले मंगलवार को सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने उद्घाटन किया। इसके बाद कक्ष में ताला बंद था। इसकी शिकायत पर छह दिन बाद सोमवार को जांच शुरू हुई। पहले दिन किसी तरह मशीन चली और करीब 45 जांच हुई, लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को मशीन नहीं चली, जिससे मरीजों की जांच नहीं हुई। प्राचार्य के निरीक्षण में जांच बंद मिला। पता चला कि बिजली का पावर अधिक आ रहा है, जिससे मशीन बंद हो जा रही है, उन्होंने जल्द ठीक करने का निर्देश दिया। इलेक्टि्रशियन दिन भर लगे रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका था। उद्घाटन के समय भी पावर अधिक आने की वजह से पिक-पिक की आवाज आ रही थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को मरीज जांच कराने पहुंचे तो निराश होना पड़ा। उन्हें पुराने डिजिटल सेंटर पर कतार में खड़े होकर देर तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें दिक्कत हुई।
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प्रिंटर सर्विस से ठप रही जांच
- मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही। उन्हें जांच के लिए मशक्कत करना पड़ा। इसी बीच करीब आधे घंटे तक जांच रिपोर्ट न मिलने से मरीज परेशान रहे। यहां करीब तीन से प्रिंटर में खराबी जा गई थी, जिससे फिल्म निकालने पर फंस जा रही थी। इसकी वजह से रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही थी, वहीं फिल्म भी बर्बाद हो रहा था। दोपहर में सर्विस करने के लिए तकनीशियन पहुंचे। एक बजे सर्विस शुरू किए, जो करीब आधे घंटे तक चला। इसकी वजह से जांच ठप रहा। प्रिंटर की सर्विस होने के बाद जांच शुरू हुई और फिल्म दी गई। यहां करीब ढाई सौ से अधिक जांच हुई। उमस भरी गर्मी में मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
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- नई डिजिटल एक्स-रे मशीन में बिजली की अधिक सप्लाई आने से दिक्कत आई है। उसे ठीक करने में निर्देश दिए गए हैं। इलेक्टि्रशियन गड़बड़ी को दूर करने में लगे हैं। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। पुराने मशीन के प्रिंटर में दिक्कत थी। उसका सर्विस करा दिया गया है। मरीजों को जांच और रिपोर्ट लेने में आसानी होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में स्थापित नई डिजिटल एक्स-रे मशीन एक दिन ही चली। मंगलवार को दूसरे दिन ही तकनीकी की गड़बड़ी की वजह से मशीन बंद रही। उन्हें पुराने डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर लंबी कतार में एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे जांच के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली का पावर अधिक आने से दिक्कत हो रही है। उद्घाटन के समय भी मशीन पिक-पिक की आवाज कर रही थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, उस समय खराब दूर कर ली गई होती तो जांच बाधित नहीं होती।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। ओपीडी के आर्थो, चेस्ट व टीबी, मेडिसिन सहित अन्य विभागों से डॉक्टर एक्स-रे जांच के लिए मरीज को भेजते हैं। हड्डी रोग विभाग के बगल में लगे पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे से शरीर के छोटे अंग की जांच होती है। यहां प्रतिदिन करीब सौ मरीजों की जांच होती है, जबकि डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर जांच के लिए मरीजों की भीड़ लगती है। सुबह से ही लंबी कतार लगती है। लोगों को एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन सीटी स्कैन के बगल में स्थापित की गई है।
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पिछले मंगलवार को सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने उद्घाटन किया। इसके बाद कक्ष में ताला बंद था। इसकी शिकायत पर छह दिन बाद सोमवार को जांच शुरू हुई। पहले दिन किसी तरह मशीन चली और करीब 45 जांच हुई, लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को मशीन नहीं चली, जिससे मरीजों की जांच नहीं हुई। प्राचार्य के निरीक्षण में जांच बंद मिला। पता चला कि बिजली का पावर अधिक आ रहा है, जिससे मशीन बंद हो जा रही है, उन्होंने जल्द ठीक करने का निर्देश दिया। इलेक्टि्रशियन दिन भर लगे रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका था। उद्घाटन के समय भी पावर अधिक आने की वजह से पिक-पिक की आवाज आ रही थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को मरीज जांच कराने पहुंचे तो निराश होना पड़ा। उन्हें पुराने डिजिटल सेंटर पर कतार में खड़े होकर देर तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें दिक्कत हुई।
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प्रिंटर सर्विस से ठप रही जांच
- मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर मंगलवार को मरीजों की भीड़ रही। उन्हें जांच के लिए मशक्कत करना पड़ा। इसी बीच करीब आधे घंटे तक जांच रिपोर्ट न मिलने से मरीज परेशान रहे। यहां करीब तीन से प्रिंटर में खराबी जा गई थी, जिससे फिल्म निकालने पर फंस जा रही थी। इसकी वजह से रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही थी, वहीं फिल्म भी बर्बाद हो रहा था। दोपहर में सर्विस करने के लिए तकनीशियन पहुंचे। एक बजे सर्विस शुरू किए, जो करीब आधे घंटे तक चला। इसकी वजह से जांच ठप रहा। प्रिंटर की सर्विस होने के बाद जांच शुरू हुई और फिल्म दी गई। यहां करीब ढाई सौ से अधिक जांच हुई। उमस भरी गर्मी में मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
- नई डिजिटल एक्स-रे मशीन में बिजली की अधिक सप्लाई आने से दिक्कत आई है। उसे ठीक करने में निर्देश दिए गए हैं। इलेक्टि्रशियन गड़बड़ी को दूर करने में लगे हैं। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। पुराने मशीन के प्रिंटर में दिक्कत थी। उसका सर्विस करा दिया गया है। मरीजों को जांच और रिपोर्ट लेने में आसानी होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस