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Deoria News: पत्नी के बुलाने पर ससुराल पहुंचे युवक की हत्या कर शव नदी में फेंका
Fri, 25 Aug 2023 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:26 AM IST
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मझने नदी में मिले मृतक अखिलेश की फाइल फोटा
रुद्रपुर। दो दिन से गायब युवक का शव बृहस्पतिवार की सुबह अधरंगी गांव के पास मझने नदी में मिला। युवक के सिर और आंख में गंभीर चोट के निशान थे। युवक 21 अगस्त को ससुरालियों से हुए विवाद के बाद से ही गायब था। घर वाले ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या कर नदी शव में फेंकने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुटी है। मृतक के भाई ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
श्रीनगर कोल्हुआ गांव के अखिलेश प्रसाद (25) मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। करीब दो साल पहले उनकी शादी क्षेत्र के बड़हरा गांव निवासी रामअशीष की बेटी रेखा से हुई। घर वालों के अनुसार पत्नी के अक्सर मायके में रहने को लेकर छह माह से विवाद चल रहा था। 21 अगस्त की शाम को अखिलेश के ससुराल वालों ने विवाद किया। 22 को अखिलेश की पत्नी ने फोन कर उन्हें बुलाया। इसके बाद से ही उनका पता नहीं चला। 22 अगस्त की रात युवक के वापस नहीं लौटने पर 23 अगस्त की सुबह घर वालों ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने गुमशुदगी में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तो वे घर लौट गए। बृहस्पतिवार की सुबह अधरंगी गांव के लोगों ने टीकर मंदिर के पीछे मझने नदी में शव उतराता देख पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद युवक की पहचान हुई। युवक का चेहरा खराब हो गया था। उसके सिर में चोट के निशान मिले। सीओ जिलाजीत ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जबकि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता जयराम ने बताया कि बहू अक्सर मायके में रहती थी, इसको लेकर बेटे से तकरार होती थी। बेटा अपने घर ले जाने और बहू मायके में रहने की जिद करती थी।
सक्रिय हुई होती पुलिस, तो शायद बच जाती जान
रुद्रपुर। अखिलेश के परिजनों की सूचना पर यदि कोतवाली पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाई होती, तो शायद उसकी जान बच गई होती। मृतक के घर वालों के अनुसार उन्होंने ससुराल से फोन आने के बाद अखिलेश के गायब होने की लिखित सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी में एक दिन बाद कार्रवाई करने की बात बोल कर थाने से भेज दिया। युवक का शव मिलने के बाद घर वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा कि यदि पुलिस एक दिन पहले गहनता से जांच की होती, तो शायद जान बच गई होती। युवक के हत्या की खबर सुनकर तीन भाई और मां पानमती, पिता जयराम का रो रोकर बुरा हाल था। संवाद
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श्रीनगर कोल्हुआ गांव के अखिलेश प्रसाद (25) मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। करीब दो साल पहले उनकी शादी क्षेत्र के बड़हरा गांव निवासी रामअशीष की बेटी रेखा से हुई। घर वालों के अनुसार पत्नी के अक्सर मायके में रहने को लेकर छह माह से विवाद चल रहा था। 21 अगस्त की शाम को अखिलेश के ससुराल वालों ने विवाद किया। 22 को अखिलेश की पत्नी ने फोन कर उन्हें बुलाया। इसके बाद से ही उनका पता नहीं चला। 22 अगस्त की रात युवक के वापस नहीं लौटने पर 23 अगस्त की सुबह घर वालों ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने गुमशुदगी में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तो वे घर लौट गए। बृहस्पतिवार की सुबह अधरंगी गांव के लोगों ने टीकर मंदिर के पीछे मझने नदी में शव उतराता देख पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद युवक की पहचान हुई। युवक का चेहरा खराब हो गया था। उसके सिर में चोट के निशान मिले। सीओ जिलाजीत ने कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जबकि पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता जयराम ने बताया कि बहू अक्सर मायके में रहती थी, इसको लेकर बेटे से तकरार होती थी। बेटा अपने घर ले जाने और बहू मायके में रहने की जिद करती थी।
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सक्रिय हुई होती पुलिस, तो शायद बच जाती जान
रुद्रपुर। अखिलेश के परिजनों की सूचना पर यदि कोतवाली पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाई होती, तो शायद उसकी जान बच गई होती। मृतक के घर वालों के अनुसार उन्होंने ससुराल से फोन आने के बाद अखिलेश के गायब होने की लिखित सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गुमशुदगी में एक दिन बाद कार्रवाई करने की बात बोल कर थाने से भेज दिया। युवक का शव मिलने के बाद घर वालों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा कि यदि पुलिस एक दिन पहले गहनता से जांच की होती, तो शायद जान बच गई होती। युवक के हत्या की खबर सुनकर तीन भाई और मां पानमती, पिता जयराम का रो रोकर बुरा हाल था। संवाद
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