फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   advocate,protest,deoria news

न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता

Tue, 07 Dec 2021 11:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
advocate,protest,deoria news
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। कोतवाली पुलिस पर दीवानी कचहरी के अधिवक्ता की पिटाई का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। कचहरी के मुख्य गेट पर सभा कर पिटाई के मामले में एसडीएम सदर और कोतवाल व अन्य पर कार्रवाई की मांग की। सभा में अधिवक्ताओं ने एक जुटता का परिचय देते हुए कहा कि जब तक एसडीएम और कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मंगलवार सुबह से ही अधिवक्ताओं का आक्रोश परिसर में देखने को मिला। साथी के साथ हुए पुलिस उत्पीड़न को लेकर सभा कर अपनी मांगों को पूरा करने को कहा। संघ के अध्यक्ष सिंगासन गिरि ने कहा कि प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट झूठी है। यह सभी को पता है कि सीसीटीवी कैमरे के सामने पुलिस किसी की पिटाई नहीं कर सकती है। इसका पुलिस ने बहुत ही चालाकी से तोड़ निकाल कर कोतवाली में दूसरे रास्ते लेकर गई है। जहां अधिवक्ता की पिटाई की गई है। मंत्री मनोज राय ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की मिली भगत से घटना पर पर्दा डाला जा रहा है। इसे अधिवक्ता समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। पूर्व अध्यक्ष लल्लन मिश्र ने कहा कि पहले के अफसर हमेशा अधिवक्ताओं से तालमेल बना कर चलते थे। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव, कलेक्ट्रेट के पूर्व अध्यक्ष बृजबांके तिवारी, रामप्रसाद कुशवाहा, अरविंद साहनी, ओम हरिहर मिश्र, सुरेंद्र त्रिपाठी, हरिद्र प्रताप श्रीवास्तव, आनंद राय, प्रबोध श्रीवास्तव, प्रेम नारायण मणि, सुयश सिंह, पूर्व मंत्री प्रकाश तिवारी निराला, अनिल सिंह, संजय श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह , अभिषेक मिश्रा, संजय सिंह, शिव कुमार मणि, जटाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

यह है मामला
शहर के रामजानकी मंदिर के सामने दुकानों की तोड़-फोड़ के मामले में आरोप है कि एक दिसंबर की देर शाम कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता विष्णु जायसवाल को कोतवाली में पिटाई की। इस मामले में अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय पर दो दिसंबर को विरोध प्रदर्शन किया तो डीएम ने टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया। इसी दिन तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसपी ने कार्रवाई भी की। इसके बाद डीएम आशुतोष निरंजन एवं एसपी डा. श्रीपति मिश्र ने पूरे मामले को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर झूठा करार दे दिया। तर्क दिया कि पिटाई का कोई प्रमाण एवं साक्ष्य नहीं मिला है। मोबाइल फोन की सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट की बात झूठी साबित हो रही है। उधर अधिवक्ता मोबाइल की कॉल डिटेल निकालें जाने को कानूनी तौर पर गलत करार देने में जुटे है। उनका कहना है कि किसी भी अधिवक्ता का बिना परमिशन के मोबाइल की कॉल डिटेल कैसे पुलिस ने निकाल लिया जो कानून के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्य से विरत रहे बरहज के अधिवक्ता, देवरिया के आंदोलन को दिया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील बार एसोसिएशन के सदस्य मंगलवार को कार्य से विरत रहे। सभी देवरिया के अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन दिया और प्रशासनिक और पुलिसिया उत्पीड़न की भर्त्सना करते हुए नारेबाजी की। मंगलवार को तहसील बार संघ अध्यक्ष चंद्रभूषण यादव और महामंत्री लक्ष्मी प्रसाद दीक्षित के नेतृत्व में वकीलों ने देवरिया में वकील के साथ हुई घटना की निंदा की। आंदोलन के चलते पूरे दिन न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। इस दौरान उपाध्यक्ष सुवंश सिंह, राकेश प्रकाश रंजन, उधव प्रसाद, रामायण तिवारी, चंद्रगुप्त यादव, अवनींद्र मिश्र, उदयराज चौरसिया, खुर्शेद आलम, राकेश सिंह, राजेश कुशवाहा, कमला यादव, चंद्रभान चौरसिया, वीरेंद्र यादव, सत्यप्रकाश मालवीय, अरविंद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed