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Deoria News: क्या खाएं भाई...दूध से लेकर हल्दी तक में हो रही मिलावट
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- बीते सत्र में जांच के लिए गए थे 243 खाद्य पदार्थों के नमूने, 178 हो गए फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सेहत के लिए डाॅक्टर दूध पीने की सलाह देते हैं। नमक के बिना तो खाने का जायका ही नहीं मिलता। अब खाएं तो क्या? जब दूध से लेकर हल्दी, नमक, तेल सब में मिलावट हो रही है। दूधिया के दूध में फैट का संतुलन सामान्य नहीं मिल रहा। डिटरजेंट, पानी और सिंथेटिक, स्टार्च समेत कई ऐसी चीजें मिलाई जा रही हैं, जो हमारी और आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है।
बीते सत्र में खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग की ओर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने में 178 जांच में फेल मिले हैं। इसमें सर्वाधिक दूध से बने पदार्थ हैं। खोवा के 50, पनीर के 12, घी के 13, छेना के 21 अन्य सात मिल्क पदार्थ समेत 103 के नमूने में गड़बड़ी मिली है। दूषित खानपान से लोगों की सेहत खराब न हो इसके लिए खाद्य एवं सुरक्षा औषधि निरीक्षण विभाग विभिन्न त्योहारों के मौके पर छापा मारकर अभियान चलाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभाग ने अलग-अलग जगहों व दुकानों से 30 प्रकार के खाद्य पदार्थों के 243 नमूने संग्रह किए थे। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में दूध से बने पदार्थ, नमक, दाल, तेल, मसाला, नमकीन आदि 178 नमूने फेल पाए गए हैं।
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इनसेट
छह नमूने मिले खतरनाक
खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार छह नमूने खतरनाक मिले हैं। इसमें दाल और बेसन लड्डू के दो-दो, ब्रेकरी आइटम व अन्य एक-एक नमूने शामिल हैं। गाढ़ा कलर मिला होने के चलते इन सामानों से नुकसान की आशंका अधिक पाई गई है। डॉ. एचके मिश्रा के मुताबिक मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। इस तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली और लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं इससे ट्यूमर, एनीमिया, लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
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इनसेट
106 लोगों पर लगा है जुर्माना
पिछले सत्र खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले 106 व्यवसायियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग ने जुर्माना लगाया है। इसमें खोवा, पनीर, घी, मिल्क आइटम, तेल, दाल, ब्रेकरी, नमकीन व नमक विक्रेता शामिल हैं। कुल 34 लाख रुपये जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया चल रही है।
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इनसेट
इन पदार्थों के इतने नमूने हुए फेल
पदार्थ - संग्रहित नमूना - फेल
मिल्क प्रोडक्ट - 123 - 103
सरसों तेल - 06 - 05
रिफाइंड - 06 - 02
वनस्पति - 01 - 01
मसाला - 06 - 03
अनाज - 05 - 03
दाल - 17 - 15
पेय पदार्थ - 04 - 01
मिष्ठान - 08 - 03 ब्रेकरी प्रोडक्ट - 10 - 06
नमकीन - 10 - 10
नमक - 03 - 03 चायपत्ती/कॉफी - 04 - 02 सोपारी/पान मसाला - 01 - 01
अन्य - 38 - 17
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बोले व्यवसायी
ग्राहक हमारे परिवार जैसे होते हैं। उनकी सेहत का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। जांच परखकर ही कोई सामान बेचना चाहिए। ज्यादातर व्यवसायी इस मामले में सावधानी बरतते हैं।
- राजेश बरनवाल, किराना व्यवसायी।
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कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को खराब सामान नहीं देना चाहता। कभी-कभी बाहर से आयात हुए सामान की गुणवत्ता खराब निकल जाती है। जिसे वह भी पहचान नहीं पाते।
- आशीष मद्धेशिया, मिष्ठान विक्रेता
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ग्राहक बोले, नियमित चले छापामारी अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम त्योहारों के मौके पर ही खाद्य पदार्थों का नमूना संग्रह करती है। दुकानों पर छापामारी अभियान नियमित चलना चाहिए।
अलकेंद्र राव, ग्राहक
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कुछ दुधिया ऐसे दूध लाकर देते हैं, जो गाढ़ा तो होता है लेकिन स्वाद नहीं होता। बच्चे वह दूध पीने में आनाकानी करते हैं। हल्दी का रंग वास्तविकता से अधिक पीला आ रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
- दुर्गेश कुमार मिश्र, ग्राहक
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कोट
लोगों को मिलावट रहित सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम समय-समय पर छापामारी अभियान चलाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 243 नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 178 फेल हो गए हैं। 106 विक्रेताओं के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई है।
- रमेश चंद्र पांडेय, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सेहत के लिए डाॅक्टर दूध पीने की सलाह देते हैं। नमक के बिना तो खाने का जायका ही नहीं मिलता। अब खाएं तो क्या? जब दूध से लेकर हल्दी, नमक, तेल सब में मिलावट हो रही है। दूधिया के दूध में फैट का संतुलन सामान्य नहीं मिल रहा। डिटरजेंट, पानी और सिंथेटिक, स्टार्च समेत कई ऐसी चीजें मिलाई जा रही हैं, जो हमारी और आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक है।
बीते सत्र में खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग की ओर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने में 178 जांच में फेल मिले हैं। इसमें सर्वाधिक दूध से बने पदार्थ हैं। खोवा के 50, पनीर के 12, घी के 13, छेना के 21 अन्य सात मिल्क पदार्थ समेत 103 के नमूने में गड़बड़ी मिली है। दूषित खानपान से लोगों की सेहत खराब न हो इसके लिए खाद्य एवं सुरक्षा औषधि निरीक्षण विभाग विभिन्न त्योहारों के मौके पर छापा मारकर अभियान चलाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में विभाग ने अलग-अलग जगहों व दुकानों से 30 प्रकार के खाद्य पदार्थों के 243 नमूने संग्रह किए थे। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में दूध से बने पदार्थ, नमक, दाल, तेल, मसाला, नमकीन आदि 178 नमूने फेल पाए गए हैं।
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इनसेट
छह नमूने मिले खतरनाक
खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार छह नमूने खतरनाक मिले हैं। इसमें दाल और बेसन लड्डू के दो-दो, ब्रेकरी आइटम व अन्य एक-एक नमूने शामिल हैं। गाढ़ा कलर मिला होने के चलते इन सामानों से नुकसान की आशंका अधिक पाई गई है। डॉ. एचके मिश्रा के मुताबिक मानव स्वास्थ्य के लिए रासायनिक रंगों का सेवन नुकसानदायक है। इस तरह के अखाद्य रंगों के सेवन से गुर्दे, तिल्ली और लिवर को क्षति पहुंचती है। वहीं इससे ट्यूमर, एनीमिया, लकवा और कैंसर का भी खतरा हो सकता है।
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106 लोगों पर लगा है जुर्माना
पिछले सत्र खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले 106 व्यवसायियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि निरीक्षण विभाग ने जुर्माना लगाया है। इसमें खोवा, पनीर, घी, मिल्क आइटम, तेल, दाल, ब्रेकरी, नमकीन व नमक विक्रेता शामिल हैं। कुल 34 लाख रुपये जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया चल रही है।
इनसेट
इन पदार्थों के इतने नमूने हुए फेल
पदार्थ - संग्रहित नमूना - फेल
मिल्क प्रोडक्ट - 123 - 103
सरसों तेल - 06 - 05
रिफाइंड - 06 - 02
वनस्पति - 01 - 01
मसाला - 06 - 03
अनाज - 05 - 03
दाल - 17 - 15
पेय पदार्थ - 04 - 01
मिष्ठान - 08 - 03 ब्रेकरी प्रोडक्ट - 10 - 06
नमकीन - 10 - 10
नमक - 03 - 03 चायपत्ती/कॉफी - 04 - 02 सोपारी/पान मसाला - 01 - 01
अन्य - 38 - 17
बोले व्यवसायी
ग्राहक हमारे परिवार जैसे होते हैं। उनकी सेहत का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है। जांच परखकर ही कोई सामान बेचना चाहिए। ज्यादातर व्यवसायी इस मामले में सावधानी बरतते हैं।
- राजेश बरनवाल, किराना व्यवसायी।
कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को खराब सामान नहीं देना चाहता। कभी-कभी बाहर से आयात हुए सामान की गुणवत्ता खराब निकल जाती है। जिसे वह भी पहचान नहीं पाते।
- आशीष मद्धेशिया, मिष्ठान विक्रेता
ग्राहक बोले, नियमित चले छापामारी अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम त्योहारों के मौके पर ही खाद्य पदार्थों का नमूना संग्रह करती है। दुकानों पर छापामारी अभियान नियमित चलना चाहिए।
अलकेंद्र राव, ग्राहक
कुछ दुधिया ऐसे दूध लाकर देते हैं, जो गाढ़ा तो होता है लेकिन स्वाद नहीं होता। बच्चे वह दूध पीने में आनाकानी करते हैं। हल्दी का रंग वास्तविकता से अधिक पीला आ रहा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
- दुर्गेश कुमार मिश्र, ग्राहक
कोट
लोगों को मिलावट रहित सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि निरीक्षण विभाग की टीम समय-समय पर छापामारी अभियान चलाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 243 नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 178 फेल हो गए हैं। 106 विक्रेताओं के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई है।
- रमेश चंद्र पांडेय, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय