देवरिया: छठ पूजा में कोसी भराई कर रही थी मां, पिकअप की चपेट से मासूम की हो गई मौत
दुर्गेश गुप्ता के बड़े बेटे अनुराग गुप्ता (5) की रविवार को कोसी भराई थी। शाम को अनुराग की मां निर्मला देवी गांव की महिलाओं के साथ अनुराग को लेकर छठ घाट पर अर्घ्य देने जा रही थीं। अचानक सामने से एक पिकअप गाड़ी तेज रफ्तार से आई। अनुराग उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।
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रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के बलियवां गांव में रविवार की शाम एक वाहन की चपेट में आने से मासूम की मौत हो गई। वह अपनी मां के साथ छठ घाट पर जा रहा था। उसकी कोसी भराई थी। इस घटना की जानकारी होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग भी घटना से सन्न रह गए।
रामपुर कारखाना के बलियवां गांव के दुर्गेश गुप्ता मजदूरी करते हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़े बेटे अनुराग गुप्ता (5) की रविवार को कोसी भराई थी। शाम को अनुराग की मां निर्मला देवी गांव की महिलाओं के साथ अनुराग को लेकर छठ घाट पर अर्घ्य देने जा रही थीं। गांव के बाहर स्थानीय चौराहा पर सामने से एक पिकअप गाड़ी तेज रफ्तार से आई। अनुराग उस अनियंत्रित गाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए आनन-फानन जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस बात की जानकारी होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। इस घटना से पिता दुर्गेश, माता निर्मला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, अनुराग का छोटा भाई बुलबुल (2) समझ ही नहीं पा रहा था कि अचानक ऐसा क्या हो गया, जिससे सब लोग रोने लगे। एसओ रामपुर महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पिकअप की चपेट में आने से अनुराग की मौत हो गई। चालक और वाहन कब्जे में हैं। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
घर में पसर गया मातम
अनुराग गुप्ता की कोसी का कार्यक्रम चल रहा था। घर में सारे रिश्तेदार आ पहुंचे थे। भोजन और अन्य तैयारियां अंतिम दौर में थीं। परिवार में सब लोग बहुत खुश थे। हर तरफ खुशी का माहौल था। पर ईश्वर को शायद यह सब मंजूर ही नहीं था। सारी खुशियां पल भर में ही परवान चढ़ने से पहले ही बिखर गईं।
हे छठी माई ! हम तोहार का बिगड़ली
बेटे की लंबी उम्र और परिवार में सुख, शांति के लिए निर्मला ने व्रत और अनुराग की कोसी भराई का कार्यक्रम रखा था। वह कभी नहीं सोची होंगी कि जिस बच्चे की लंबी उम्र की कामना में वह लगीं हैं। वही बेटा इस तरह उनके सामने इस दुनिया से ऐसे अचानक छोड़कर चला जायेगा। निर्मला की करुण चीत्कार कि हे छठी माई हम तोहार का बिगड़ली सुनकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।