{"_id":"68-84142","slug":"Deoria-84142-68","type":"story","status":"publish","title_hn":"कादंबरी सिंह ने बसपा का दामन थामा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कादंबरी सिंह ने बसपा का दामन थामा
Deoria
Updated Fri, 14 Mar 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। 1857 की क्रांति के लिए जाना जाने वाला सतासी स्टेट की वारिस ने बृहस्पतिवार को पहली बार राजनीति में दस्तक दे दी। राजघराने की उत्तराधिकारी राजकुंवरि कादंबरी सिंह ने दल बल के साथ बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ली। उन्हें बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने सदस्यता दिलाई। प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों की मुखालफत करने पर सतासी राज के राजा उदित नारायण सिंह को काला पानी की सजा भोगनी पड़ी थी। सतासी राज घराने का नाम क्रांतिकारी स्टेटों में लिया जाता है। राजघराना शुरू से राजनीति से दूरी बनाए रखा। सतासीराज की उत्तराधिकारी के राजनीति में आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का माहौल है। में प्रतिष्ठित स्टेट की उत्तराधिकारी कादंबरी सिंह ने राजनीति में अपनी पहली उपस्थिति को गंभीर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ीं। बसपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह राजनीति के माध्यम से सेवा करने जा रही हैं।
विज्ञापन