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ढोंगी जोगी ने मांगा संपत्ति में हिस्सा
Deoria
Updated Mon, 05 Nov 2012 12:00 PM IST
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सलेमपुर। लार के तेतरी गांव में बेटा होने का दावा कर पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांग रहे गेरुआ वस्त्रधारी दो जोगियों को गांववालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान गांववालों ने दोनों की जमकर धुनाई भी की। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 25 वर्ष पूर्व अनिरुद्ध तिवारी का एक पुत्र गायब हो गया जो आजतक घर नहीं लौटा।
तेतरी हरदो गांव निवासी अनिरुद्ध त्रिपाठी के तीन पुत्र बलिराम, हरेराम तथा जयराम हैं। छोटा बेटा जयराम करीब ढाई दशक पूर्व गायब हो गया। काफी खोजने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। गांव में एक वर्ष से गेरुआ वस्त्र धारण कर दो जोगी भिक्षा और पुरानी धोती मांगते थे। दोनों जोगियों के लगातार आने-जाने से गांव के लोगों का उनसे काफी लगाव हो गया। लेकिन ये जोगी वास्तव में जोगी नहीं निकले। इन्हें कहीं से मालूम हो गया कि अनिरुद्ध त्रिपाठी का छोटा पुत्र जयराम 25 साल पहले गायब हो गया। जिसका आज तक पता नहीं चल सका। इसी बीच एक जोगी दावा करने लगा कि मैं ही अनिरुद्ध का छोटा बेटा जयराम हूं। उसने अनिरुद्ध से जमीन और घर में हिस्सा मांगा। जोगी के इस दावे से पूरा परिवार और गांव के लोग भौचक हो गए। अनिरुद्ध त्रिपाठी ने बाहर रह रहे अपने बेटे हरेराम और बलिराम को घर बुलाया। गांववालों और अनिरुद्ध के बेटों ने जोगियों के बारे में पता लगाया तो दोनों मऊ जिले के परशुरामपुर गांव निवासी शमीम और इरशाद नाम के युवक निकले। हकीकत जानने के बाद दोनों ढोंगियों को पीटते हुए गांववाले थाने पर लेकर पहुंचे। पुलिस दोनों ढाेंगियों को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन कर रही है। इस बाबत एसओ रामऔतार यादव ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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तेतरी हरदो गांव निवासी अनिरुद्ध त्रिपाठी के तीन पुत्र बलिराम, हरेराम तथा जयराम हैं। छोटा बेटा जयराम करीब ढाई दशक पूर्व गायब हो गया। काफी खोजने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। गांव में एक वर्ष से गेरुआ वस्त्र धारण कर दो जोगी भिक्षा और पुरानी धोती मांगते थे। दोनों जोगियों के लगातार आने-जाने से गांव के लोगों का उनसे काफी लगाव हो गया। लेकिन ये जोगी वास्तव में जोगी नहीं निकले। इन्हें कहीं से मालूम हो गया कि अनिरुद्ध त्रिपाठी का छोटा पुत्र जयराम 25 साल पहले गायब हो गया। जिसका आज तक पता नहीं चल सका। इसी बीच एक जोगी दावा करने लगा कि मैं ही अनिरुद्ध का छोटा बेटा जयराम हूं। उसने अनिरुद्ध से जमीन और घर में हिस्सा मांगा। जोगी के इस दावे से पूरा परिवार और गांव के लोग भौचक हो गए। अनिरुद्ध त्रिपाठी ने बाहर रह रहे अपने बेटे हरेराम और बलिराम को घर बुलाया। गांववालों और अनिरुद्ध के बेटों ने जोगियों के बारे में पता लगाया तो दोनों मऊ जिले के परशुरामपुर गांव निवासी शमीम और इरशाद नाम के युवक निकले। हकीकत जानने के बाद दोनों ढोंगियों को पीटते हुए गांववाले थाने पर लेकर पहुंचे। पुलिस दोनों ढाेंगियों को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन कर रही है। इस बाबत एसओ रामऔतार यादव ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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