{"_id":"44775","slug":"Deoria-44775-68","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई ने बिगड़ा िकचन का बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगाई ने बिगड़ा िकचन का बजट
Deoria
Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। न केवल सब्जियों बल्कि खानपान संबंधी अन्य बुनियादी सामानों की कीमतों में भी गत 15 दिनों में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे लोगों के किचन का बजट भी अचानक डगमगा गया है। अनाज के कारोबारी भी इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे जबकि मंहगाई की इस मार में पिस रही जनता सरकार को कोस रही है। आम मध्यम वर्गीय परिवार का घरेलू खानपान के बजट के डगमगाने की सूचना पर अमर उजाला ने यहां मोतीलाल रोड स्थित खुदरा मंडी का जायजा लिया। पाया कि चाय की चुस्की लेने वाले भी इस बढ़ी कीमत से चिंतित हैं।
क्या कहते हंै ग्राहक
महज 15 दिनों में आटा से लेकर चीनी तक का भाव बढ़ गया है। दुकान पर सामान खरीदने आई तो इसका पता चला। जो सामान डेढ़ किलो लेना था, वह अब किलो भर ही खरीदी हूं।
रानी राय, कोतवाली, देवरिया।
बताइए मैदा और बेसन तक के दाम बढ़ गए हैं। आम मध्यमवर्गीय लोग कैसे जिंदगी बसर करेंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा। सरकार भी कुछ नहीं कर रही।
-ममता मिश्रा, रामनाथ देवरिया
कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी इस महंगाई से परेशान हैं। क्या खाएं और कैसे मेहमानों की खातिर करें, हर आदमी अब इसी परेशानी में है। मैं खुद इस परेशानी को जी रहा हूं।
विज्ञापन
- वैद्य बीएन यादव, न्यू कालोनी, देवरिया
न केवल शहरी बल्कि गांव में रहने वाले भी परेशान हैं। कारण दोनों वक्त पकने वाले भोजन के सभी आइटम तो हर कोई अपने खेतों में नहीं उपजा पाता। शहर में किचन के लिए कुछ सामान खरीदने आया लेकिन बढ़े दाम के चलते सीमित मात्रा में दाल, चीनी आदि खरीदा हूं।
- रामायण सिंह, भीमपुर गौरा गांव, देवरिया
कुछ कहते ही नहीं बन रहा। कब थमेगी मंहगाई? भोजन तो पकना ही है और कमाई भी बढ़ी नहीं है। ऐसे में पुराने बजट में ही महंगे सामानों को खरीदने में काफी सोच -विचार करना पड़ रहा है। कई चीजों के लिए तो मन मार लेता हूं और घर में बहाना कर देता हूं कि किराने वाले के यहां अमुक सामान अभी स्टाक में ही नहीं था।
-रमाशंकर मल्ल, मोती लाल रोड, देवरिया
15 दिनों पहले और बुधवार को खुदरा बाजार में रहे रेट (प्रति किलो) का डाटा
आइटम बुधवार की दर 15 दिन पहले की दर
अरहर दाल 70 रुपय 62 रुपये
चना दाल 60 रुपये 52 रुपये
मटर दाल 36 रुपये 32 रुपये
मूंग दाल 80 रुपये 75 रुपये
मसूर दाल 60 रुपये 55 रुपये
राजमा 120 रुपये 80 रुपये
आटा 16 रुपये 13 रुपये
मैदा 19 रुपय 16 रुपये
चने का बेसन 68 रुपये 55 रुपये
चना 58 रुपये 48 रुपये
हल्दी साबूत 100 रुपये 75 रुपये
हल्दी बुका हुआ 120 रुपये 100 रुपये
मखाना 600 रुपये 300 रुपये
विज्ञापन
क्या कहते हंै ग्राहक
महज 15 दिनों में आटा से लेकर चीनी तक का भाव बढ़ गया है। दुकान पर सामान खरीदने आई तो इसका पता चला। जो सामान डेढ़ किलो लेना था, वह अब किलो भर ही खरीदी हूं।
विज्ञापन
रानी राय, कोतवाली, देवरिया।
बताइए मैदा और बेसन तक के दाम बढ़ गए हैं। आम मध्यमवर्गीय लोग कैसे जिंदगी बसर करेंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा। सरकार भी कुछ नहीं कर रही।
-ममता मिश्रा, रामनाथ देवरिया
कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी इस महंगाई से परेशान हैं। क्या खाएं और कैसे मेहमानों की खातिर करें, हर आदमी अब इसी परेशानी में है। मैं खुद इस परेशानी को जी रहा हूं।
विज्ञापन
- वैद्य बीएन यादव, न्यू कालोनी, देवरिया
न केवल शहरी बल्कि गांव में रहने वाले भी परेशान हैं। कारण दोनों वक्त पकने वाले भोजन के सभी आइटम तो हर कोई अपने खेतों में नहीं उपजा पाता। शहर में किचन के लिए कुछ सामान खरीदने आया लेकिन बढ़े दाम के चलते सीमित मात्रा में दाल, चीनी आदि खरीदा हूं।
- रामायण सिंह, भीमपुर गौरा गांव, देवरिया
कुछ कहते ही नहीं बन रहा। कब थमेगी मंहगाई? भोजन तो पकना ही है और कमाई भी बढ़ी नहीं है। ऐसे में पुराने बजट में ही महंगे सामानों को खरीदने में काफी सोच -विचार करना पड़ रहा है। कई चीजों के लिए तो मन मार लेता हूं और घर में बहाना कर देता हूं कि किराने वाले के यहां अमुक सामान अभी स्टाक में ही नहीं था।
-रमाशंकर मल्ल, मोती लाल रोड, देवरिया
15 दिनों पहले और बुधवार को खुदरा बाजार में रहे रेट (प्रति किलो) का डाटा
आइटम बुधवार की दर 15 दिन पहले की दर
अरहर दाल 70 रुपय 62 रुपये
चना दाल 60 रुपये 52 रुपये
मटर दाल 36 रुपये 32 रुपये
मूंग दाल 80 रुपये 75 रुपये
मसूर दाल 60 रुपये 55 रुपये
राजमा 120 रुपये 80 रुपये
आटा 16 रुपये 13 रुपये
मैदा 19 रुपय 16 रुपये
चने का बेसन 68 रुपये 55 रुपये
चना 58 रुपये 48 रुपये
हल्दी साबूत 100 रुपये 75 रुपये
हल्दी बुका हुआ 120 रुपये 100 रुपये
मखाना 600 रुपये 300 रुपये