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निषादों को आरक्षण का वादा पूरा नहीं कर रही सरकार
Updated Tue, 06 Feb 2018 10:51 PM IST
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अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लेने को लेकर तहसील में प्रदर्शन करते निषाद समुदाय के लोग और नायब तहसीलदार को देते पत्रक
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। आरक्षण की मांग को लेकर मंगलवार को निषाद पार्टी (निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा ने वादा किया था कि मछुआ समुदाय के लोगों को आरक्षण दिया जाएगा, लेकिन अभी तक तहसीलों में निषादों का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव सुग्रीव निषाद कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, फिर भी मछुआ समुदाय को आरक्षण देने के लिए अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है। क्रमिक मंत्रालय से आदेश भी आ गया है कि मछुआ समुदाय के लोगों का नाम ओबीसी की सूची से निकालकर अनुसूचित जाति में शामिल करते हुए उनको सुविधा दी जाए, इसके बावजूद मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 54 हजार करोड़ का बजट केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के विकास के लिए पास किया है। इसमें उनका भी हक है। मछुआ समुदाय मझवार, गोड़, तुरैहा, बाथम आदि नाम से संविधान में सूचीबद्घ है। जैसे अंबेडकरवादियों ने राजनैतिक हथियार से अपना हिस्सा लिया, वैसे ही निषाद समाज के लोग भी अपना हक लेकर रहेंगे। इस दौरान प्रमोद निषाद, सुदामा निषाद, सुनीता निषाद, जयकरन निषाद, शकुंतला निषाद, रामसेवक निषाद आदि मौजूद रहे।
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निषाद पार्टी के प्रदेश महासचिव सुग्रीव निषाद कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है, फिर भी मछुआ समुदाय को आरक्षण देने के लिए अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है। क्रमिक मंत्रालय से आदेश भी आ गया है कि मछुआ समुदाय के लोगों का नाम ओबीसी की सूची से निकालकर अनुसूचित जाति में शामिल करते हुए उनको सुविधा दी जाए, इसके बावजूद मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 54 हजार करोड़ का बजट केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति के विकास के लिए पास किया है। इसमें उनका भी हक है। मछुआ समुदाय मझवार, गोड़, तुरैहा, बाथम आदि नाम से संविधान में सूचीबद्घ है। जैसे अंबेडकरवादियों ने राजनैतिक हथियार से अपना हिस्सा लिया, वैसे ही निषाद समाज के लोग भी अपना हक लेकर रहेंगे। इस दौरान प्रमोद निषाद, सुदामा निषाद, सुनीता निषाद, जयकरन निषाद, शकुंतला निषाद, रामसेवक निषाद आदि मौजूद रहे।
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