{"_id":"662ebe8eb5e7f869f2086347","slug":"8-seats-vacant-of-cricket-and-volleyball-deoria-news-c-7-gkp1031-540595-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: क्रिकेट और वाॅलीबाल छात्रावास में आठ सीटें खाली, फाइनल ट्रायल के बाद भरने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: क्रिकेट और वाॅलीबाल छात्रावास में आठ सीटें खाली, फाइनल ट्रायल के बाद भरने की तैयारी
Mon, 29 Apr 2024 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 29 Apr 2024 02:54 AM IST
विज्ञापन
...फोटो
जुलाई के पहले सप्ताह तक खाली सीटों पर चयनित खिलाड़ियों के आने के बाद सीटें होंगी फुल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में संचालित क्रिकेट और वाॅलीबाल छात्रावास में कुल आठ सीटें खाली चल रही हैं। नए सत्र में जुलाई तक इसे भर देने की तैयारी चल रही है। खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल व स्टेट ट्रायल एवं केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर के बाद जो खिलाड़ी फाइनल रूप से चयनित किए जाएंगे, उन्हीं खिलाड़ियों से ये सीटें भरेंगी।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2012 से संचालित क्रिकेट छात्रावास में वर्तमान में कुल 25 और वाॅलीबाल में 15 सीटें हैं। पिछले सत्र में क्रिकेट में पहले दो एवं मार्च माह में तीन खिलाड़ियों के निष्कासन के बाद पांच सीटें और वाॅलीबाल में तीन खिलाडि़यों के निष्कासन के बाद इतनी ही सीटें खाली चल रही हैं। दोनों खेलों में खाली सीटों को भरने के लिए खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल व स्टेट ट्रायल एवं केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर के बाद जो खिलाड़ी फाइनल रूप से चयनित किए जाएंगे, उन्हीं खिलाड़ियों से ये सीटें भरेंगी। ऐसे में इनके जुलाई माह तक भर जाने की उम्मीद है।
प्रदेश स्तर पर क्रिकेट और वाॅलीबाल के हैं पांच-पांच छात्रावास
वाॅलीबाल में प्रदेश में कुल पांच छात्रावासों का संचालन खेल निदेशालय की ओर से किया जाता है। इसमें अयोध्या, प्रयागराज, बांदा, मैनपुरी के अलावा देवरिया भी शामिल है। जबकि क्रिकेट का छात्रावास फतेहपुर, कानपुर, मैनपुरी, मेरठ के अलावा देवरिया में है। यहां खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा के अलावा खेल का प्रशिक्षण, नौवीं से 12 तक की पढ़ाई की सुविधा प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
कोट
क्रिकेट व वाॅलीबाल छात्रावास में खाली सीटों को खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल, स्टेट ट्रायल के बाद चयनित खिलाड़ियों का केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर चलाया जाता है। इसमें फाइनल रूप से जो खिलाड़ी चुने जाते हैं, उन्हें विभिन्न छात्रावासों में भेजा जाता है। यहां भी जून के अंतिम या जुलाई प्रथम सप्ताह तक खाली सीटें खिलाड़ियों के आवंटन के बाद भरी जाएंगी। इसके बाद यहां नियमित प्रशिक्षण कार्य भी प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
विज्ञापन
जुलाई के पहले सप्ताह तक खाली सीटों पर चयनित खिलाड़ियों के आने के बाद सीटें होंगी फुल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। स्पोर्ट्स स्टेडियम में संचालित क्रिकेट और वाॅलीबाल छात्रावास में कुल आठ सीटें खाली चल रही हैं। नए सत्र में जुलाई तक इसे भर देने की तैयारी चल रही है। खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल व स्टेट ट्रायल एवं केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर के बाद जो खिलाड़ी फाइनल रूप से चयनित किए जाएंगे, उन्हीं खिलाड़ियों से ये सीटें भरेंगी।
रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में वर्ष 2012 से संचालित क्रिकेट छात्रावास में वर्तमान में कुल 25 और वाॅलीबाल में 15 सीटें हैं। पिछले सत्र में क्रिकेट में पहले दो एवं मार्च माह में तीन खिलाड़ियों के निष्कासन के बाद पांच सीटें और वाॅलीबाल में तीन खिलाडि़यों के निष्कासन के बाद इतनी ही सीटें खाली चल रही हैं। दोनों खेलों में खाली सीटों को भरने के लिए खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल व स्टेट ट्रायल एवं केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर के बाद जो खिलाड़ी फाइनल रूप से चयनित किए जाएंगे, उन्हीं खिलाड़ियों से ये सीटें भरेंगी। ऐसे में इनके जुलाई माह तक भर जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
प्रदेश स्तर पर क्रिकेट और वाॅलीबाल के हैं पांच-पांच छात्रावास
वाॅलीबाल में प्रदेश में कुल पांच छात्रावासों का संचालन खेल निदेशालय की ओर से किया जाता है। इसमें अयोध्या, प्रयागराज, बांदा, मैनपुरी के अलावा देवरिया भी शामिल है। जबकि क्रिकेट का छात्रावास फतेहपुर, कानपुर, मैनपुरी, मेरठ के अलावा देवरिया में है। यहां खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा के अलावा खेल का प्रशिक्षण, नौवीं से 12 तक की पढ़ाई की सुविधा प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
कोट
क्रिकेट व वाॅलीबाल छात्रावास में खाली सीटों को खेल निदेशालय की ओर से आयोजित जिला, मंडल, स्टेट ट्रायल के बाद चयनित खिलाड़ियों का केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर चलाया जाता है। इसमें फाइनल रूप से जो खिलाड़ी चुने जाते हैं, उन्हें विभिन्न छात्रावासों में भेजा जाता है। यहां भी जून के अंतिम या जुलाई प्रथम सप्ताह तक खाली सीटें खिलाड़ियों के आवंटन के बाद भरी जाएंगी। इसके बाद यहां नियमित प्रशिक्षण कार्य भी प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
-राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी