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शौचालय बने ही नहीं तो कहां खर्च हुए 78 करोड़ रुपये
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शौचालय बने ही नहीं तो कहां खर्च हुए 78 करोड़ रुपये
रुद्रपुर (देवरिया)। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत चलाया जा रहा स्वच्छ भारत मिशन रुद्रपुर में कागज में तो कामयाब है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां अभिलेखों में अधिकांश गांवों को खुले में शौच मुक्त गांव ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन गांव में या तो शौचालय बना ही नहीं है, और जो बना है, वह उपयोग लायक नहीं है। शौचालय के नाम पर खड़े ढांचे में गोबर के कंडे और लकड़ी रखी जा रही है।
रुद्रपुर ब्लॉक के 86 गांवों में 6494 लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। अकेले रुद्रपुर में शौचालय के नाम पर करीब 78 करोड़ रुपये हजम कर गए। यहीं हाल जिले के अन्य ब्लॉकों में भी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच करने से रोकने के लिए सरकार हर ग्रामवासी को शौचालय बनवाने के लिए 12 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। गांवों में शौचालय के नाम पर भारी घोटाला उजागर हो रहा है। कई गांवों में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से ठेके पर शौचालय बनवाया जा रहा है। गांवों में प्रधान लाभार्थी के खाते में शौचालय का धन डालकर उनसे निकलवा ले रहे हैं। ऐसे में हर लाभार्थी के दरवाजे पर शौचालय के नाम पर सिर्फ ढांचा खड़ा कर दिया गया है। वहीं कागज में गांव के सभी लोगों को लाभार्थी बनाकर गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। सीडीओ के निर्देश पर रुद्रपुर ब्लॉक के गांवों में शौचालयों की जांच हो रही है। जिसमें 6494 शौचालय अपूर्ण मिले हैं। एडीओ पंचायत रामनिवास सिंह ने कहा कि जिन लाभार्थियों ने धन निकाल कर शौचालय नहीं बनवाया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर तहसील से धन की रिकवरी कराई जाएगी।
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रुद्रपुर (देवरिया)। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत चलाया जा रहा स्वच्छ भारत मिशन रुद्रपुर में कागज में तो कामयाब है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां अभिलेखों में अधिकांश गांवों को खुले में शौच मुक्त गांव ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन गांव में या तो शौचालय बना ही नहीं है, और जो बना है, वह उपयोग लायक नहीं है। शौचालय के नाम पर खड़े ढांचे में गोबर के कंडे और लकड़ी रखी जा रही है।
रुद्रपुर ब्लॉक के 86 गांवों में 6494 लाभार्थियों के खाते में रुपये भेजने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। अकेले रुद्रपुर में शौचालय के नाम पर करीब 78 करोड़ रुपये हजम कर गए। यहीं हाल जिले के अन्य ब्लॉकों में भी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच करने से रोकने के लिए सरकार हर ग्रामवासी को शौचालय बनवाने के लिए 12 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। गांवों में शौचालय के नाम पर भारी घोटाला उजागर हो रहा है। कई गांवों में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से ठेके पर शौचालय बनवाया जा रहा है। गांवों में प्रधान लाभार्थी के खाते में शौचालय का धन डालकर उनसे निकलवा ले रहे हैं। ऐसे में हर लाभार्थी के दरवाजे पर शौचालय के नाम पर सिर्फ ढांचा खड़ा कर दिया गया है। वहीं कागज में गांव के सभी लोगों को लाभार्थी बनाकर गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। सीडीओ के निर्देश पर रुद्रपुर ब्लॉक के गांवों में शौचालयों की जांच हो रही है। जिसमें 6494 शौचालय अपूर्ण मिले हैं। एडीओ पंचायत रामनिवास सिंह ने कहा कि जिन लाभार्थियों ने धन निकाल कर शौचालय नहीं बनवाया है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर तहसील से धन की रिकवरी कराई जाएगी।
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