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देवरहा बाबा आश्रम के चारागाह को बनाया जाएगा उपयोगी
Updated Tue, 27 Nov 2018 10:32 PM IST
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देवरहा बाबा आश्रम का चारागाह कब्जामुक्त
250 एकड़ भूमि पर दबंग थे काबिज, रेत में दो किलोमीटर पैदल चले जिलाधिकारी
8 करोड़ से यहां गोशाला बनाने की है योजना
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का जिम्मा बाढ़ खंड को
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/मईल। देवरहा बाबा काठ आश्रम के 250 एकड़ चारागाह की जमीन पर दबंगों का वर्षों से कब्जा था। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने पर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और चारागाह को कब्जामुक्त कराया। अब इस जमीन को गोशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां तक आने के लिए सड़क भी बनेगी। आठ करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। कब्जा हटवाने आए मंगलवार को यहां आए डीएम आदि अफसरों को चारागाह तक आने के लिए रेत में दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
जिले के दक्षिणी छोर पर घाघरा नदी के किनारे मईल में देवरहा बाबा काठमंच आश्रम है। आश्रम के नाम से करीब 500 एकड़ चारागाह की जमीन है। कुछ जमीन नदी में कट गई है और 250 एकड़ पर स्थानीय दबंगों ने कब्जा कर रखा था। कुछ ने अभिलेखों में हेराफेरी से पट्टा तक करा लिया था। नतीजा आश्रम की गायों को छोटी सी जगह में रखना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री से पीठाधीश्वर महंत श्याम सुंदर दास ने इसकी शिकायत की थी। जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आया तो मंगलवार दोपहर में डीएम मातहतों के साथ आश्रम आए। महंत जी से बात की। फिर कब्जा हटवाने निकले। राजस्व कर्मियों ने नक्शा दिखाया तो उन्होंने वहां तक ले चलने को कहा। डीएम के अमले के वाहन कुछ दूर तो चले फिर सड़क न होने के कारण रेत में फंस गए। तब करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर अफसर चारागाह पहुंचे। इस अमले में एसडीएम बरहज विनीत सिंह, बाढ़ खंड के एक्सईएन अशोक द्विवेदी, नागेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सीताराम, पशु चिकित्साधीकारी केपी यादव, एसओ अनिल सिंह शामिल रहे।
देवरहा बाबा आश्रम के चारागाह को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। वहां जाने के लिए चकरोड का निर्माण और अन्य कार्यों के लिए बाढ़ खंड को 10 दिन में प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा गया है।
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-अमित किशोर, डीएम।
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250 एकड़ भूमि पर दबंग थे काबिज, रेत में दो किलोमीटर पैदल चले जिलाधिकारी
8 करोड़ से यहां गोशाला बनाने की है योजना
प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का जिम्मा बाढ़ खंड को
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/मईल। देवरहा बाबा काठ आश्रम के 250 एकड़ चारागाह की जमीन पर दबंगों का वर्षों से कब्जा था। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने पर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और चारागाह को कब्जामुक्त कराया। अब इस जमीन को गोशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां तक आने के लिए सड़क भी बनेगी। आठ करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। कब्जा हटवाने आए मंगलवार को यहां आए डीएम आदि अफसरों को चारागाह तक आने के लिए रेत में दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
जिले के दक्षिणी छोर पर घाघरा नदी के किनारे मईल में देवरहा बाबा काठमंच आश्रम है। आश्रम के नाम से करीब 500 एकड़ चारागाह की जमीन है। कुछ जमीन नदी में कट गई है और 250 एकड़ पर स्थानीय दबंगों ने कब्जा कर रखा था। कुछ ने अभिलेखों में हेराफेरी से पट्टा तक करा लिया था। नतीजा आश्रम की गायों को छोटी सी जगह में रखना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री से पीठाधीश्वर महंत श्याम सुंदर दास ने इसकी शिकायत की थी। जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आया तो मंगलवार दोपहर में डीएम मातहतों के साथ आश्रम आए। महंत जी से बात की। फिर कब्जा हटवाने निकले। राजस्व कर्मियों ने नक्शा दिखाया तो उन्होंने वहां तक ले चलने को कहा। डीएम के अमले के वाहन कुछ दूर तो चले फिर सड़क न होने के कारण रेत में फंस गए। तब करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर अफसर चारागाह पहुंचे। इस अमले में एसडीएम बरहज विनीत सिंह, बाढ़ खंड के एक्सईएन अशोक द्विवेदी, नागेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सीताराम, पशु चिकित्साधीकारी केपी यादव, एसओ अनिल सिंह शामिल रहे।
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देवरहा बाबा आश्रम के चारागाह को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है। वहां जाने के लिए चकरोड का निर्माण और अन्य कार्यों के लिए बाढ़ खंड को 10 दिन में प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा गया है।
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-अमित किशोर, डीएम।