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14 लोगों पर केस दर्ज, दो गिरफ्तार
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:55 PM IST
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रामपुर कारख़ाना। नौतन हथियागढ़ में बारूद का जखीरा मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। देर रात तक पुलिस टीम गांव में जमी रही। संदेह के आधार पर पूरे गांव में जांच की गई। 14 अवैध कारोबारियों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फरार चल रहे अन्य की तलाश कर रही है।
रामपुर कारखाना पुलिस की मिलीभगत से लंबे समय से नौतन हथियागढ़ गांव में अवैध पटाखा बनाने का कारोबार चल रहा था। शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। लोगों ने एसपी राजीव मल्होत्रा को इसकी सूचना दी। एसपी ने तरकुलवा एसओ को मौके पर भेजा। वहां का नजारा देख एसओ दंग रह गए और एसपी को बताया। इसके बाद रामपुर कारखाना एसओ पहुंचे। पुलिस को देख वर्कर भाग निकले। पुलिस ने पटाखा कारोबारी असनैन और रघुनाथपुर थानाक्षेत्र के पनार निवासी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 120 बोरी निर्मित पटाखा, 120 किलो बारूद और 50 बोरी अर्धनिर्मित पटाखे बरामद हुए। इस मामले में हसीना पत्नी असनैन, नबी रसूल, नूरजहां पत्नी नबी रसूल, इदरीश नजूल, नूरैफ, नसरूदीन, नेरुल, नन्हे, अनवर, सहाबुद्दीन, जमशेद निवासी हथियागढ़ सहित 14 लोगों पर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विस्फोट होता तो तबाह हो जाता गांव
नौतन हथियागढ़ में पटाखा की संख्या देख पुलिस वाले दंग रह गए। अगर छोटी से चिंगारी निकलती तो पूरा गांव तबाह हो जाता। एक साल पूर्व असनैन का लाइसेंस निरस्त हो गया था। वह बिना नवीनीकरण कराए अवैध तरीके से पटाखे का कारोबार कर रहा था। बिहार बॉर्डर होने के कारण पटाखा की खपत ज्यादा उधर होता था।
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विभाग की मिलीभगत से होता है मौत कारोबार
रामपुर कारखाना। अग्निशमन विभाग की लापरवाही से जिले में पटाखा का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। दो साल पूर्व रोहिनिया पिपरा गांव में एक बिल्डिंग में अवैध रूप से बन रहे पटाखा की फैक्ट्री में आग पकड़ लिया था। इसमें एक व्यक्ति की जहां मौत हो गई थी। वहीं कई लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा मझौलीराज, पुरैना सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से दिवाली के मध्यम नजर पटाखा बनाकर स्टोर किया जा रहा है।
पटाखा बनाने का नहीं है लाइसेंस
अग्निशमन विभाग का दावा है कि जिले में पटाखा बनाने का एक भी लाइसेंस निर्गत नहीं है। पटाखा बेचने के लिए करीब 25 लाइसेंस जारी किया गया है। पटाखा बनाने का जो भी कारोबार होता है, वह अवैध है। बीच-बीच में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।
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रामपुर कारखाना पुलिस की मिलीभगत से लंबे समय से नौतन हथियागढ़ गांव में अवैध पटाखा बनाने का कारोबार चल रहा था। शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। लोगों ने एसपी राजीव मल्होत्रा को इसकी सूचना दी। एसपी ने तरकुलवा एसओ को मौके पर भेजा। वहां का नजारा देख एसओ दंग रह गए और एसपी को बताया। इसके बाद रामपुर कारखाना एसओ पहुंचे। पुलिस को देख वर्कर भाग निकले। पुलिस ने पटाखा कारोबारी असनैन और रघुनाथपुर थानाक्षेत्र के पनार निवासी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 120 बोरी निर्मित पटाखा, 120 किलो बारूद और 50 बोरी अर्धनिर्मित पटाखे बरामद हुए। इस मामले में हसीना पत्नी असनैन, नबी रसूल, नूरजहां पत्नी नबी रसूल, इदरीश नजूल, नूरैफ, नसरूदीन, नेरुल, नन्हे, अनवर, सहाबुद्दीन, जमशेद निवासी हथियागढ़ सहित 14 लोगों पर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
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विस्फोट होता तो तबाह हो जाता गांव
नौतन हथियागढ़ में पटाखा की संख्या देख पुलिस वाले दंग रह गए। अगर छोटी से चिंगारी निकलती तो पूरा गांव तबाह हो जाता। एक साल पूर्व असनैन का लाइसेंस निरस्त हो गया था। वह बिना नवीनीकरण कराए अवैध तरीके से पटाखे का कारोबार कर रहा था। बिहार बॉर्डर होने के कारण पटाखा की खपत ज्यादा उधर होता था।
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विभाग की मिलीभगत से होता है मौत कारोबार
रामपुर कारखाना। अग्निशमन विभाग की लापरवाही से जिले में पटाखा का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। दो साल पूर्व रोहिनिया पिपरा गांव में एक बिल्डिंग में अवैध रूप से बन रहे पटाखा की फैक्ट्री में आग पकड़ लिया था। इसमें एक व्यक्ति की जहां मौत हो गई थी। वहीं कई लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा मझौलीराज, पुरैना सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से दिवाली के मध्यम नजर पटाखा बनाकर स्टोर किया जा रहा है।
पटाखा बनाने का नहीं है लाइसेंस
अग्निशमन विभाग का दावा है कि जिले में पटाखा बनाने का एक भी लाइसेंस निर्गत नहीं है। पटाखा बेचने के लिए करीब 25 लाइसेंस जारी किया गया है। पटाखा बनाने का जो भी कारोबार होता है, वह अवैध है। बीच-बीच में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।