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घाघरा उफनाई सहमे लोग
Updated Sun, 06 Aug 2017 05:08 PM IST
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बरहज (देवरिया)। करीब चार दिनों से घाघरा के जलस्तर में आई तेजी से नदी का पानी बाढ़ मापक गेज पर बने खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। अचानक उफनाती घाघरा को देख तटवर्ती गांवों के लोग सहम गए हैं। बाढ़ जैसी स्थिति आने से फसलें जलमग्न हो रही हैं।
चार दिन पूर्व घाघरा का जलस्तर 66.00 सेंटीमीटर पर था। लेकिन नदी के जलस्तर में उफान आने से जहाज घाट पर बने बाढ़ मापक गेज में इस समय खतरे के निशान 66.50 से ऊपर 66.85 सेंटीमीटर पर नदी बह रही है। करीब पच्चीस दिन पूर्व नदी का जलस्तर 64.00 से 66.70 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था। जिससे प्रशासन हरकत में आ गया था। जगह-जगह हो रही कटान पर प्रशासन मुस्तैद दिखा था। लेकिन अचानक जलस्तर घट गया और लोगों ने राहत की सांस ली। बीते चार दिनों से घाघरा दुबारा लोगों को डरा रही है। बेतहाशा हो रही जलस्तर में वृद्धि से कटइलवा गांव के समीप नदी का पानी खेतों को अपनी जद में ले रहा है। जिससे नौका टोला, कुरह परसियां के विस्थापित लोगों के खेत की फसलें डूब रही हैं। जिसे देख लोगों को 1998 का मंजर याद आ रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन हर तरह से प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद है।
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चार दिन पूर्व घाघरा का जलस्तर 66.00 सेंटीमीटर पर था। लेकिन नदी के जलस्तर में उफान आने से जहाज घाट पर बने बाढ़ मापक गेज में इस समय खतरे के निशान 66.50 से ऊपर 66.85 सेंटीमीटर पर नदी बह रही है। करीब पच्चीस दिन पूर्व नदी का जलस्तर 64.00 से 66.70 सेंटीमीटर तक पहुंच गया था। जिससे प्रशासन हरकत में आ गया था। जगह-जगह हो रही कटान पर प्रशासन मुस्तैद दिखा था। लेकिन अचानक जलस्तर घट गया और लोगों ने राहत की सांस ली। बीते चार दिनों से घाघरा दुबारा लोगों को डरा रही है। बेतहाशा हो रही जलस्तर में वृद्धि से कटइलवा गांव के समीप नदी का पानी खेतों को अपनी जद में ले रहा है। जिससे नौका टोला, कुरह परसियां के विस्थापित लोगों के खेत की फसलें डूब रही हैं। जिसे देख लोगों को 1998 का मंजर याद आ रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन हर तरह से प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद है।
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