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सोलर चरखा उद्योग से बेरोजगारी होगी दूर, महिलाए बनेगी आत्मनिर्भर
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:47 PM IST
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भटनी (देवरिया)। संसदीय क्षेत्र के गोद लिए गांव पयासी में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा ने सोलर चरखा उद्योग एवं प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का अधारशिला रखा। फिलहाल गांव में 50 चरखे आए हैं। इससे लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांवों में रोजगार की कमी है। इसकी वजह से लोग पेट पालने के लिए शहरों की तरफ रुख कर रहे है। केंद्र सरकार ने रचनात्मक कार्यों के तहत गांवों में सोलर चरखा के माध्यम से लोगों को रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि इस योजना से इलाके के लोगों की बेरोजगारी दूर होगी। प्रत्येक माह 200 बेरोजगारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेगी और उन्हें किसी पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। इससे देश में गांधी का सपना भी साकार होगा। भारतीय हरित खादी ग्रामोदय संस्था की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सोलर चरखा उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन चरखों से महिलाओं और पुरुषों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गांव के राजेश मिश्र ने इसके लिए पांच एकड़ जमीन दी है। इस दौरान डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, निदेशक आरएस पांडेय, विजय पांडेय, जिला अध्यक्ष महेंद्र यादव, माया पांडेय आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांवों में रोजगार की कमी है। इसकी वजह से लोग पेट पालने के लिए शहरों की तरफ रुख कर रहे है। केंद्र सरकार ने रचनात्मक कार्यों के तहत गांवों में सोलर चरखा के माध्यम से लोगों को रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि इस योजना से इलाके के लोगों की बेरोजगारी दूर होगी। प्रत्येक माह 200 बेरोजगारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेगी और उन्हें किसी पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। इससे देश में गांधी का सपना भी साकार होगा। भारतीय हरित खादी ग्रामोदय संस्था की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सोलर चरखा उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन चरखों से महिलाओं और पुरुषों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गांव के राजेश मिश्र ने इसके लिए पांच एकड़ जमीन दी है। इस दौरान डीएम सुजीत कुमार, सीडीओ राजेश त्यागी, निदेशक आरएस पांडेय, विजय पांडेय, जिला अध्यक्ष महेंद्र यादव, माया पांडेय आदि मौजूद रहे।
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