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विद्युत उपकेंद्र पर संविदा कर्मियों ने जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:56 PM IST
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प्रदर्शन करते विद्युत निगम के संविदा कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर संविदा कर्मियों ने मंगलवार को इमिलिया विद्युत उपकेंद्र पर ताला बंद कर धरना प्रदर्शन किया। इससे डेढ़ घंटे तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही। निगम के अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
देसही देवरिया के इमिलिया विद्युत उपकेंद्र पर 6 और पांडेयचक में 3 संविदा कर्मियों की जनवरी में तैनाती हुई। इनका आरोप है कि ज्यादातर संविदा कर्मचारियों को शुरू से अब तक का मानदेय नहीं मिला। जिन्हें मिला, उन्हें भी तय राशि की बजाए साढ़े 4 हजार रुपये की दर से आधा-अधूरा ही भुगतान हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि जोखिम भरा कार्य होने के बावजूद किसी का अब तक इंश्योरेंश नहीं किया गया। वेतन से कटने वाले ईपीएफ का भी पता नहीं हैं। आईडी कार्ड भी जारी नहीं किया गया है। आरोप है कि इन बातों की मांग करने पर ठेकेदार वरुण सिंह हीलाहवाली कर रहे हैं। अधिशासी अधिकारी भी उनकी नहीं सुनते। मानदेय पिछले आठ माह से बाकी है। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एक्सईएन बृजेश कुमार ने फोन से वार्ता की। आश्वासन दिया कि एक सितंबर तक सबका बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर मानदेय नहीं मिला तो फिर व्यापक रूप से धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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देसही देवरिया के इमिलिया विद्युत उपकेंद्र पर 6 और पांडेयचक में 3 संविदा कर्मियों की जनवरी में तैनाती हुई। इनका आरोप है कि ज्यादातर संविदा कर्मचारियों को शुरू से अब तक का मानदेय नहीं मिला। जिन्हें मिला, उन्हें भी तय राशि की बजाए साढ़े 4 हजार रुपये की दर से आधा-अधूरा ही भुगतान हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि जोखिम भरा कार्य होने के बावजूद किसी का अब तक इंश्योरेंश नहीं किया गया। वेतन से कटने वाले ईपीएफ का भी पता नहीं हैं। आईडी कार्ड भी जारी नहीं किया गया है। आरोप है कि इन बातों की मांग करने पर ठेकेदार वरुण सिंह हीलाहवाली कर रहे हैं। अधिशासी अधिकारी भी उनकी नहीं सुनते। मानदेय पिछले आठ माह से बाकी है। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एक्सईएन बृजेश कुमार ने फोन से वार्ता की। आश्वासन दिया कि एक सितंबर तक सबका बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर मानदेय नहीं मिला तो फिर व्यापक रूप से धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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