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जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास के दावे पर संशय
Updated Sun, 13 Aug 2017 06:59 PM IST
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देवरिया। अविश्वास की आशंकाओं को जिला पंचायत के सदस्यों ने एक स्वर से ठुकरा दिया। कहा कि विकास कार्य और सम्मान से सरोकार है। लालच और प्रलोभन में नहीं आने वाले हैं। उधर, एक और सदस्य की मीटिंग में कम संख्या में सदस्यों ने शिरकत की।
जिला पंचायत के अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू के खिलाफ एक गुट अविश्वास का माहौल तैयार करने में जुटा है। इसके चलते अध्यक्ष का खेमा भी सशंकित है। इसी के चलते सदस्यों को दोबारा मीटिंग बुलाई। अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने जिला पंचायत के सभागार में 45 से अधिक सदस्यों के आने का दावा किया। सदस्यों ने एक-एक कर अध्यक्ष के प्रति विश्वास जताया। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कहा कि हम लोगों को विकास कार्यों से मतलब है। इसमें भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बैनर तले जीत हासिल करने वाले भी शामिल रहे। हालांकि सपा के जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव के बेटे अजय यादव नहीं आएं। इस दौरान मुकुल सिंह, राजू भारती, अरविंद सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, कृपाशंकर उपाध्याय, सुमेश्वरनाथ तिवारी, विनय सिंह, सत्यदेव यादव, रवि प्रकाश कुशवाहा, परवेज आलम, शिवजी गोंड, संतोष यादव, अरुण यादव, रामानंद यादव, मंशा निषाद आदि सदस्य रहे। उधर, पुरवा चौराहा स्थित होटल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। मासूमों की मौत पर शोक जताया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान विरेंद्र चौधरी, राजन यादव, गिरेंद्र यादव, चिंता यादव, शैलेंद्र, गीता देवी, इंद्रदेव, जोखू निषाद, घनश्याम गोंड आदि रहे।
इनसेट
विधानसभा सदस्य की दावेदारी खत्म करना है मकसद
एक जिला पंचायत सदस्य पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं। उनकी मंशा अपने विधानसभा क्षेत्र में उभर रहे एक सजातीय सदस्य की दावेदारी को खत्म करना है। निर्माण समेत अन्य कार्यों में दखल चाहते हैं, लेकिन मकसद को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा कुछ ठेकेदार भी मामले को तूल दे रहे हैं।
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जिला पंचायत के अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू के खिलाफ एक गुट अविश्वास का माहौल तैयार करने में जुटा है। इसके चलते अध्यक्ष का खेमा भी सशंकित है। इसी के चलते सदस्यों को दोबारा मीटिंग बुलाई। अध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने जिला पंचायत के सभागार में 45 से अधिक सदस्यों के आने का दावा किया। सदस्यों ने एक-एक कर अध्यक्ष के प्रति विश्वास जताया। तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कहा कि हम लोगों को विकास कार्यों से मतलब है। इसमें भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बैनर तले जीत हासिल करने वाले भी शामिल रहे। हालांकि सपा के जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव के बेटे अजय यादव नहीं आएं। इस दौरान मुकुल सिंह, राजू भारती, अरविंद सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, कृपाशंकर उपाध्याय, सुमेश्वरनाथ तिवारी, विनय सिंह, सत्यदेव यादव, रवि प्रकाश कुशवाहा, परवेज आलम, शिवजी गोंड, संतोष यादव, अरुण यादव, रामानंद यादव, मंशा निषाद आदि सदस्य रहे। उधर, पुरवा चौराहा स्थित होटल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। मासूमों की मौत पर शोक जताया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान विरेंद्र चौधरी, राजन यादव, गिरेंद्र यादव, चिंता यादव, शैलेंद्र, गीता देवी, इंद्रदेव, जोखू निषाद, घनश्याम गोंड आदि रहे।
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विधानसभा सदस्य की दावेदारी खत्म करना है मकसद
एक जिला पंचायत सदस्य पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं। उनकी मंशा अपने विधानसभा क्षेत्र में उभर रहे एक सजातीय सदस्य की दावेदारी को खत्म करना है। निर्माण समेत अन्य कार्यों में दखल चाहते हैं, लेकिन मकसद को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा कुछ ठेकेदार भी मामले को तूल दे रहे हैं।
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