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जिला अस्पताल में खून जांच की मशीनें खराब
Updated Wed, 02 Aug 2017 10:22 PM IST
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देवरिया। जिला अस्पताल में खून की जांच के लिए लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। जांच मशीनों में आई खराबी के चलते घंटों इंतजार के बाद जांच रिपोर्ट मिल रही है। लैब में काम करने वाले कर्मचारी और वर्कर भी परेशान है। वहीं कई जांच मशीनें अचानक बंद हो जा रही है। इससे जांच रिपोर्ट गड़बड़ आ रहा है। इसकी वजह मशीनों पर क्षमता से अधिक लोड बताया जा रहा है।
मौसम की बेरुखी के चलते जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। सीएचसी के लैब रूम में तैनात कर्मचारियों की मानें तो 150 से 200 लोगों की 500 से अधिक जांच प्रत्येक दिन हो रही है। लोड अधिक होने के कारण बार-बार जांच मशीनें बंद हो जा रही हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है और समय से जांच रिपोर्ट रोगियों को नहीं मिल पा रहा है। जांच के लिए खून लेने का समय सुबह आठ से 11 बजे तक है, लेकिन भीड़ के चलते एक बजे तक लोगों का ब्लड जांच के लिए लिया जा रहा है। मशीनों की खराबी के चलते अधिकांश लोग निजी पैथालॉजी में जांच कराने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल में खून जांच के लिए मैडोनिक और सेलेक्ट्रा मशीन लगी है। यही मशीन महिला अस्पताल में लगाई गई है। चार दिनों से जिला अस्पताल का सेलेक्ट्रा और दो दिन से महिला अस्पताल का मैडोनिक मशीन खराब है। कर्मचारियों के आपसी तालमेल से रोगियों की खून की जांच की जा रही है। इसकी जानकारी सीनियर लैब टेक्नीशियन घनश्याम मिश्र ने सीएमएस को दे दी है। बावजूद इसके मशीनें ठीक नहीं हो सकी हैं। सीएमएस डॉ. केसी राय ने बताया कि मामला संज्ञान में है। खराब हुए जांच मशीनों को सही कराने के लिए बात की जा रही है।
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मौसम की बेरुखी के चलते जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। सीएचसी के लैब रूम में तैनात कर्मचारियों की मानें तो 150 से 200 लोगों की 500 से अधिक जांच प्रत्येक दिन हो रही है। लोड अधिक होने के कारण बार-बार जांच मशीनें बंद हो जा रही हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है और समय से जांच रिपोर्ट रोगियों को नहीं मिल पा रहा है। जांच के लिए खून लेने का समय सुबह आठ से 11 बजे तक है, लेकिन भीड़ के चलते एक बजे तक लोगों का ब्लड जांच के लिए लिया जा रहा है। मशीनों की खराबी के चलते अधिकांश लोग निजी पैथालॉजी में जांच कराने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल में खून जांच के लिए मैडोनिक और सेलेक्ट्रा मशीन लगी है। यही मशीन महिला अस्पताल में लगाई गई है। चार दिनों से जिला अस्पताल का सेलेक्ट्रा और दो दिन से महिला अस्पताल का मैडोनिक मशीन खराब है। कर्मचारियों के आपसी तालमेल से रोगियों की खून की जांच की जा रही है। इसकी जानकारी सीनियर लैब टेक्नीशियन घनश्याम मिश्र ने सीएमएस को दे दी है। बावजूद इसके मशीनें ठीक नहीं हो सकी हैं। सीएमएस डॉ. केसी राय ने बताया कि मामला संज्ञान में है। खराब हुए जांच मशीनों को सही कराने के लिए बात की जा रही है।
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