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Deoria News: बच्ची के लीवर ट्रांसप्लांट के नाम पर 4.14 लाख की ठगी
Thu, 03 Sep 2026 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:20 PM IST
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सलेमपुर (देवरिया)। डेढ़ साल की बीमार बच्ची का एम्स दिल्ली में लीवर ट्रांसप्लांट कराने का झांसा देकर लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक युवक ने उसके परिजन से चार लाख 14 हजार 500 रुपये ठग लिए।
आरोप है कि आरोपी ने एम्स में भर्ती कराने के नाम पर फर्जी बिल भेजकर करीब तीन महीने तक परिजन को गुमराह किया। बच्ची को लेकर परिजन जब एम्स दिल्ली पहुंचे तो बिल फर्जी होने की जानकारी हुई। मामले में पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के जमुआ नंबर एक निवासी पंकज चौहान ने बताया कि उनके भाई की डेढ़ वर्षीय बेटी मान्या चौहान को जन्म से लीवर संबंधी समस्या है।
चिकित्सकों ने बच्ची के लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। इलाज का खर्च कम हो, इस उम्मीद में पंकज ने एम्स दिल्ली में ट्रांसप्लांट कराने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक मित्र के माध्यम से उसकी मुलाकात लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हर्षित पाठक से हुई।
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आरोप है कि हर्षित ने एम्स दिल्ली में बच्ची का लीवर ट्रांसप्लांट कराने और भर्ती की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिया।
इसके लिए उसने अप्रैल में पंकज और उसके परिवार से अलग-अलग माध्यमों से चार लाख 14 हजार 500 रुपये अपने खाते में मंगा लिए। इसके बाद उसने एम्स दिल्ली में भर्ती के नाम पर एक बिल भी भेज दिया।
बिल मिलने के बाद परिजन बच्ची को लेकर दिल्ली एम्स पहुंचे। वहां जांच कराने पर पता चला कि अस्पताल की ओर से ऐसा कोई बिल जारी ही नहीं किया गया है।
परिजन करीब एक सप्ताह तक एम्स में इधर-उधर भटकते रहे मगर बच्ची के इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी। इससे परेशान होकर वे बच्ची को मुंबई के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका लीवर ट्रांसप्लांट करा रहे हैं।
पंकज चौहान ने आरोपी पर रुपये हड़पने और फर्जी दस्तावेज देकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने जौनपुर निवासी हर्षित पाठक पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आरोप है कि आरोपी ने एम्स में भर्ती कराने के नाम पर फर्जी बिल भेजकर करीब तीन महीने तक परिजन को गुमराह किया। बच्ची को लेकर परिजन जब एम्स दिल्ली पहुंचे तो बिल फर्जी होने की जानकारी हुई। मामले में पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कोतवाली क्षेत्र के जमुआ नंबर एक निवासी पंकज चौहान ने बताया कि उनके भाई की डेढ़ वर्षीय बेटी मान्या चौहान को जन्म से लीवर संबंधी समस्या है।
चिकित्सकों ने बच्ची के लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। इलाज का खर्च कम हो, इस उम्मीद में पंकज ने एम्स दिल्ली में ट्रांसप्लांट कराने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान एक मित्र के माध्यम से उसकी मुलाकात लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हर्षित पाठक से हुई।
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आरोप है कि हर्षित ने एम्स दिल्ली में बच्ची का लीवर ट्रांसप्लांट कराने और भर्ती की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिया।
इसके लिए उसने अप्रैल में पंकज और उसके परिवार से अलग-अलग माध्यमों से चार लाख 14 हजार 500 रुपये अपने खाते में मंगा लिए। इसके बाद उसने एम्स दिल्ली में भर्ती के नाम पर एक बिल भी भेज दिया।
बिल मिलने के बाद परिजन बच्ची को लेकर दिल्ली एम्स पहुंचे। वहां जांच कराने पर पता चला कि अस्पताल की ओर से ऐसा कोई बिल जारी ही नहीं किया गया है।
परिजन करीब एक सप्ताह तक एम्स में इधर-उधर भटकते रहे मगर बच्ची के इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी। इससे परेशान होकर वे बच्ची को मुंबई के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका लीवर ट्रांसप्लांट करा रहे हैं।
पंकज चौहान ने आरोपी पर रुपये हड़पने और फर्जी दस्तावेज देकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने जौनपुर निवासी हर्षित पाठक पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।