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Deoria News: जिले के 318 आपदा मित्र किए गए प्रशिक्षित, आपदा में बचाव कार्य में करेेंगे सहयोग
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एसडीआरएफ मुख्यालय में 12 दिन का दिया गया है प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आपदा मित्र परियोजना के तहत जनपद के पांचों तहसील क्षेत्र के 318 युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो आपदा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देकर क्षति कम करेंगे। इन्हें एसडीआरएफ मुख्यालय लखनऊ पर 12 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। इनका पांच लाख रुपये का बीमा भी कराया गया है।
आपदा के समय क्षति कम करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से आपदा मित्र परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत युवाओं को आपदा से बचाव के लिए तैयार किया जा रहा है। जनपद के 318 युवाओं को दो चरणों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मुख्यालय लखनऊ में 12 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें 35 महिलाएं भी शामिल हैं। इन्हें भूकंप, आग, बाढ़ सहित अन्य आपदाओं से लोगों को बचाने के तरीकों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व घायल को अस्पताल पहुंचाने में आसानी हो। यह आपदा के बारे में जागरूक भी करेंगे।
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प्रशिक्षण स्थल का माहौल अच्छा था। वहां आपदा से संबंधित काफी कुछ सीखने को मिला। बाढ़ के पानी, आग में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा अन्य बिंदुओं के बारे में बताया गया।
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तेज नारायण विश्वकर्मा
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- आपदा के पूर्व की तैयारियों को बताया गया। भूकंप आने पर अपने को बचाने के तरीके के साथ दूसरों को बाहर से निकालने के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
-हरिविष्णु यादव
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- आग से घिरे व्यक्ति को बचाने की जानकारी दी गई। रसोई गैस रिसाव से आग लगने, सिलेंडर फटने का अनुमान लाकर उसमें लगी आग बुझाने के बारे में जानकारी दी गई।
-रामपुकार
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- प्रशिक्षण में थ्योरी के साथ ही प्रैटिक्ल भी कराया गया। इसमें प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही सीपीआर के बारे में और उसके तरीकों सहित अन्य उपाय बताए गए।
-पुष्पा देवी
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इतने आपदा मित्रों ने लिया है प्रशिक्षण
जनपद की पांच तहसील से युवाओं को दो चरण में प्रशिक्षण के लिए भेज गया था। इसमें तहसील क्षेत्र भाटपाररानी से 80, सलेमपुर से 52, बरहज से 100, देवरिया सदर से 57, रुद्रपुर से 29 लोगों ने प्रशिक्षण लिया है।
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आपदा मित्रों को प्रमाणपत्र के साथ मिला है रिस्पांडर किट एसडीआरएफ का प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद आपदा मित्रों को प्रमाणपत्र के साथ एक रिस्पांडर किट भी उपलब्ध कराया गया है। इसमें लाइव जैकेट, एक जोड़ी लांग बूट, दो टी शर्ट, एक मच्छरदानी, हेलमेट, चाकू, लाइटर, टार्च, रेनकोट, ग्लब्स, फर्स्ट एड किट, चश्मा और बैग शामिल है।
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त्योहार पर नदी घाटों पर स्वयंसेवक के रूप में थे मुस्तैद
छठ त्योहार और मौनी अमावस्या स्नान पर नदी घाटों पर करीब 60 आपदा मित्र विभिन्न स्थानों पर नदी घाटों पर स्वयंसेवक के रूप में मुस्तैद थे। इसमें बरहज में 15 आपदा मित्रों ने सेवा दी, जहां लोगों को फिसलन से बचाने तथा नदी मेें डूबने से बचाव कार्य में डटे रहे।
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आपदा मित्रों को दो चरणों में लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। आपदा के समय बचाव के लिए ट्रेंड किया गया है। समय पड़ने पर उनसे कार्य लिया जाएगा। आगे भी युवाओं को प्रशिक्षण के लिए राज्य आपदा मोचन बल वाहिनी मुख्यालय लखनऊ भेजा जाएगा।
-नागेंद्र कुुमार सिंह, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी व एडीएम प्रशासन
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आपदा मित्र परियोजना के तहत जनपद के पांचों तहसील क्षेत्र के 318 युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो आपदा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देकर क्षति कम करेंगे। इन्हें एसडीआरएफ मुख्यालय लखनऊ पर 12 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। इनका पांच लाख रुपये का बीमा भी कराया गया है।
आपदा के समय क्षति कम करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से आपदा मित्र परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत युवाओं को आपदा से बचाव के लिए तैयार किया जा रहा है। जनपद के 318 युवाओं को दो चरणों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मुख्यालय लखनऊ में 12 दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें 35 महिलाएं भी शामिल हैं। इन्हें भूकंप, आग, बाढ़ सहित अन्य आपदाओं से लोगों को बचाने के तरीकों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई है, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व घायल को अस्पताल पहुंचाने में आसानी हो। यह आपदा के बारे में जागरूक भी करेंगे।
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प्रशिक्षण स्थल का माहौल अच्छा था। वहां आपदा से संबंधित काफी कुछ सीखने को मिला। बाढ़ के पानी, आग में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा अन्य बिंदुओं के बारे में बताया गया।
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तेज नारायण विश्वकर्मा
- आपदा के पूर्व की तैयारियों को बताया गया। भूकंप आने पर अपने को बचाने के तरीके के साथ दूसरों को बाहर से निकालने के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
-हरिविष्णु यादव
- आग से घिरे व्यक्ति को बचाने की जानकारी दी गई। रसोई गैस रिसाव से आग लगने, सिलेंडर फटने का अनुमान लाकर उसमें लगी आग बुझाने के बारे में जानकारी दी गई।
-रामपुकार
- प्रशिक्षण में थ्योरी के साथ ही प्रैटिक्ल भी कराया गया। इसमें प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही सीपीआर के बारे में और उसके तरीकों सहित अन्य उपाय बताए गए।
-पुष्पा देवी
इतने आपदा मित्रों ने लिया है प्रशिक्षण
जनपद की पांच तहसील से युवाओं को दो चरण में प्रशिक्षण के लिए भेज गया था। इसमें तहसील क्षेत्र भाटपाररानी से 80, सलेमपुर से 52, बरहज से 100, देवरिया सदर से 57, रुद्रपुर से 29 लोगों ने प्रशिक्षण लिया है।
आपदा मित्रों को प्रमाणपत्र के साथ मिला है रिस्पांडर किट एसडीआरएफ का प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद आपदा मित्रों को प्रमाणपत्र के साथ एक रिस्पांडर किट भी उपलब्ध कराया गया है। इसमें लाइव जैकेट, एक जोड़ी लांग बूट, दो टी शर्ट, एक मच्छरदानी, हेलमेट, चाकू, लाइटर, टार्च, रेनकोट, ग्लब्स, फर्स्ट एड किट, चश्मा और बैग शामिल है।
त्योहार पर नदी घाटों पर स्वयंसेवक के रूप में थे मुस्तैद
छठ त्योहार और मौनी अमावस्या स्नान पर नदी घाटों पर करीब 60 आपदा मित्र विभिन्न स्थानों पर नदी घाटों पर स्वयंसेवक के रूप में मुस्तैद थे। इसमें बरहज में 15 आपदा मित्रों ने सेवा दी, जहां लोगों को फिसलन से बचाने तथा नदी मेें डूबने से बचाव कार्य में डटे रहे।
आपदा मित्रों को दो चरणों में लखनऊ में प्रशिक्षण दिया गया है। आपदा के समय बचाव के लिए ट्रेंड किया गया है। समय पड़ने पर उनसे कार्य लिया जाएगा। आगे भी युवाओं को प्रशिक्षण के लिए राज्य आपदा मोचन बल वाहिनी मुख्यालय लखनऊ भेजा जाएगा।
-नागेंद्र कुुमार सिंह, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी व एडीएम प्रशासन