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घाघरा का जलस्तर-
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:21 PM IST
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थमा घाघरा नदी का जलस्तर, कटान जारी
72 घंटे में तीन मीटर तक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। घाघरा नदी के जलस्तर में करीब एक पखवारे से उतार-चढ़ाव हो रहा है। पिछले 72 घंटे में नदी के जलस्तर में तीन मीटर की बढ़त नोट किया गया था। लेकिन पिछले 24 घंटे से जलस्तर थम गया है। जबकि कटान जारी है।
शुरुआती दौर में समय से मानसून के दस्तक देने से हुई बारिश में नदी का पानी काफी तेजी से बढ़ा था। जो 63.10 से 66.10 मीटर तक नोट किया गया था। थाना घाट पर बनी सीढ़ियों से दूर बहने वाली नदी कुछ सीढ़ियों के ऊपर से बहने लगी थी। लेकिन अचानक जलस्तर में नरमी आने के साथ तेजी से पानी सीढ़ियों के नीचे चला गया था। करीब तीन दिन से जलस्तर में दुबारा बढ़त देखी जा रही है। जो 66.30 मीटर तक पहुंच गई है। तटवर्ती लोगों की मानें तो रात से नदी का पानी स्थिर हो गया है। फिलहाल कपरवार संगम तट से कटइलवा गांव तक नदी जगह-जगह कृषि भूमि को अपने आगोश में ले रही है। करीब छह माह से हो रही कटान के चलते सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
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72 घंटे में तीन मीटर तक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। घाघरा नदी के जलस्तर में करीब एक पखवारे से उतार-चढ़ाव हो रहा है। पिछले 72 घंटे में नदी के जलस्तर में तीन मीटर की बढ़त नोट किया गया था। लेकिन पिछले 24 घंटे से जलस्तर थम गया है। जबकि कटान जारी है।
शुरुआती दौर में समय से मानसून के दस्तक देने से हुई बारिश में नदी का पानी काफी तेजी से बढ़ा था। जो 63.10 से 66.10 मीटर तक नोट किया गया था। थाना घाट पर बनी सीढ़ियों से दूर बहने वाली नदी कुछ सीढ़ियों के ऊपर से बहने लगी थी। लेकिन अचानक जलस्तर में नरमी आने के साथ तेजी से पानी सीढ़ियों के नीचे चला गया था। करीब तीन दिन से जलस्तर में दुबारा बढ़त देखी जा रही है। जो 66.30 मीटर तक पहुंच गई है। तटवर्ती लोगों की मानें तो रात से नदी का पानी स्थिर हो गया है। फिलहाल कपरवार संगम तट से कटइलवा गांव तक नदी जगह-जगह कृषि भूमि को अपने आगोश में ले रही है। करीब छह माह से हो रही कटान के चलते सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
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