{"_id":"5982028f4f1c1b667d8b45ab","slug":"31501692559-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटे की दुकान के जांच के दौरान बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटे की दुकान के जांच के दौरान बवाल
Updated Wed, 02 Aug 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एकौना,रुद्रपुर। खोपा गांव की सस्पेंड चल रही कोटे की दुकान की जांच के दौरान बवाल हो गया। दो गुटों में बंटे गांव वाले मारपीट पर उतारू हो गए। गांव में हंगामा होता देख जांच करने गए पूर्ति निरीक्षक तहसील लौट गए। गांव का एक गुट ग्राम प्रधान अशोक यादव के नेतृत्व में कोटेदार के खिलाफ तहसील पहुंच कर प्रदर्शन किया।
तीन माह पहले अनियमितता के आरोप में खोपा गांव की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान सस्पेंड कर दी गई। कोटेदार ने गांव के कार्डधारकों का शपथ देकर दुकान बहाली की मांग की। सत्यापन करने को बुधवार को पूर्ति निरीक्षक युगुल किशोर गांव पहुंचे। जांच के दौरान गांव के लोग दो खेमे में बंट गए और मारपीट पर उतारू हो गए। एक पक्ष ने जांच अधिकारियों पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ता देख जांच अधिकारी लौट गए। इसके बाद कोटेदार के खिलाफ गांव के लोग तहसील पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम आवास के सामने प्रदर्शन किया। गांव वालों ने कहा कि जांच अधिकारी खोपा गांव के लीलापुर में जाकर कोटेदार के पक्ष में बयान करा रहे थे। उनके पहुंचने पर अधिकारी फरार हो गए। कोटेदार ने अधिकारियों के समक्ष गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया है। प्रदर्शन करने वालों में हेंवती, अजय निषाद, अश्विनी साहनी, दुर्गावती, अखिलेश यादव, दिवाकर निषाद, लुटावन, अमरनाथ, रूदल, शोभा आदि रहे। पूर्ति निरीक्षक युगुल किशोर ने कहा कि वह सत्यापन करने गांव में गए थे। गांव वाले आपस में हंगामा करने लगे। जांच पूरी नहीं हो पाई।
विज्ञापन
तीन माह पहले अनियमितता के आरोप में खोपा गांव की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान सस्पेंड कर दी गई। कोटेदार ने गांव के कार्डधारकों का शपथ देकर दुकान बहाली की मांग की। सत्यापन करने को बुधवार को पूर्ति निरीक्षक युगुल किशोर गांव पहुंचे। जांच के दौरान गांव के लोग दो खेमे में बंट गए और मारपीट पर उतारू हो गए। एक पक्ष ने जांच अधिकारियों पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ता देख जांच अधिकारी लौट गए। इसके बाद कोटेदार के खिलाफ गांव के लोग तहसील पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम आवास के सामने प्रदर्शन किया। गांव वालों ने कहा कि जांच अधिकारी खोपा गांव के लीलापुर में जाकर कोटेदार के पक्ष में बयान करा रहे थे। उनके पहुंचने पर अधिकारी फरार हो गए। कोटेदार ने अधिकारियों के समक्ष गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया है। प्रदर्शन करने वालों में हेंवती, अजय निषाद, अश्विनी साहनी, दुर्गावती, अखिलेश यादव, दिवाकर निषाद, लुटावन, अमरनाथ, रूदल, शोभा आदि रहे। पूर्ति निरीक्षक युगुल किशोर ने कहा कि वह सत्यापन करने गांव में गए थे। गांव वाले आपस में हंगामा करने लगे। जांच पूरी नहीं हो पाई।
विज्ञापन