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Deoria News: राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 2,66,914 वादों का निस्तारण
Sun, 10 May 2026 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 10 May 2026 12:05 AM IST
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देवरिया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को दीवानी कचहरी में किया गया। इसमें 2,66,914 वादों का निस्तारण किया गया। वादों के निस्तारित होने से वादी और प्रतिवादी दोनों ने राहत की सांस लिया।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज धनेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पांडेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-।। जगन्नाथ ने मां सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग विभाग के सहयोग से चिन्हित किए गए चार दिव्यांगजनों को जनपद न्यायाधीश ने ट्राई-साइकिल दिया। ट्राई-साइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बना कर और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है। वन स्टॉप सेंटर, देवरिया के समन्वय से मृतक व्यक्तियों की पत्नियों को निराश्रित विधवा पेंशन के 5 प्रमाण पत्र सौंपे गए। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मूल मंत्र सुलभ न्याय है। हम न केवल वादों का निस्तारण कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचे। दिव्यांगों की सहायता और निराश्रित महिलाओं का सम्मान हमारे सामाजिक दायित्व का हिस्सा है।
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लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने एक वाद का निस्तारण कर मु0-500/-रू0 जुर्माना के रूप में दिलाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय ने आठ, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने आठ पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने 54 मामलों का निस्तारण कर 3 करोड़ 57 लाख एक हजार175/-रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह-।।। ने 1105 वाद व अन्य सभी सम्बन्धित न्यायिक अधिकारियों ने 1163 निस्तारित वादों को मिलाकर कुल 2339 मामलों का निस्तारण किया। राजस्व विभाग, बैंक व अन्य विभागों के द्वारा 2,64,575 वादों को निस्तारण किया गया। इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 2,66,914/- मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में 10 करोड़ 32 लाख 36 हजार 600 रुपये की धनराशि का सेटलमेण्ट किया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, मीनू जायसवाल आदि उपस्थित रहीं।
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लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज धनेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पांडेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी-।। जगन्नाथ ने मां सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया।
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कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग विभाग के सहयोग से चिन्हित किए गए चार दिव्यांगजनों को जनपद न्यायाधीश ने ट्राई-साइकिल दिया। ट्राई-साइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बना कर और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है। वन स्टॉप सेंटर, देवरिया के समन्वय से मृतक व्यक्तियों की पत्नियों को निराश्रित विधवा पेंशन के 5 प्रमाण पत्र सौंपे गए। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मूल मंत्र सुलभ न्याय है। हम न केवल वादों का निस्तारण कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचे। दिव्यांगों की सहायता और निराश्रित महिलाओं का सम्मान हमारे सामाजिक दायित्व का हिस्सा है।
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लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह ने एक वाद का निस्तारण कर मु0-500/-रू0 जुर्माना के रूप में दिलाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय ने आठ, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने आठ पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने 54 मामलों का निस्तारण कर 3 करोड़ 57 लाख एक हजार175/-रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह-।।। ने 1105 वाद व अन्य सभी सम्बन्धित न्यायिक अधिकारियों ने 1163 निस्तारित वादों को मिलाकर कुल 2339 मामलों का निस्तारण किया। राजस्व विभाग, बैंक व अन्य विभागों के द्वारा 2,64,575 वादों को निस्तारण किया गया। इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 2,66,914/- मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में 10 करोड़ 32 लाख 36 हजार 600 रुपये की धनराशि का सेटलमेण्ट किया गया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी, बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, मीनू जायसवाल आदि उपस्थित रहीं।