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सड़क हादसे में दुकानदार की मौत
Updated Wed, 02 Aug 2017 10:22 PM IST
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एकौना। पचलड़ी-करहकोल मार्ग पर सड़क हादसे में एक दुकानदार की मौत हो गई। वह बाइक से मिस्त्री को लेकर दुकान खोलने जा रहा था। सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चपेट में आ गया। घायल दुकानदार की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई। घायल मिस्त्री का उपचार प्राइवेट अस्पताल में कराया गया।
छपरा खुर्द गांव के 30 वर्षीय नन्हे सिंह की पचरूखा मोड़ पर लोहे की दुकान है। बुधवार सुबह दुकान पर कार्य करने वाले मिस्त्री अशरफ अली के साथ वह बाइक से निकले। बाइक सवार दोनों युवक पचलड़ी से कुछ सामान खरीदने के बाद दुकान जा रहे थे। भागड़ा नाले के पुल पर सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में बाइक सवार दोनों युवक आ गए। बाइक नन्हे सिंह चला रहे थे। वह सड़क पर गिर कर लहूलुहान हो गए। सिर में गंभीर चोट लगी। पुलिस दुकानदार को लेकर सीएचसी रुद्रपुर पहुंची। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। दुकानदार दो भाइयों में छोटा था। उसके तीन संतान हैं। आंचल, किशन और छोटू का रो रोकर बुरा हाल है। मां बालकेशा देवी और पत्नी रूबी देवी बेहोश हो जा रही थी। परिजनों की चित्कार सुन लोगों की आंखें भर आईं।
एंबुलेंस को लेकर थानाध्यक्ष चालक में कहासुनी
रुद्रपुर। सीएचसी परिसर में मार्ग दुर्घटना में घायल युवक नन्हे सिंह को जिला अस्पताल पहुंचाने को लेकर एकौना के थानाध्यक्ष और 102 एंबुलेंस के चालक में तीखी बहस हुई। चालक ने थानाध्यक्ष पर बदसलूकी का आरोप लगाया। चालक गिरिजेश मणि और राजेश के अनुसार थानाध्यक्ष जबरन 102 एंबुलेंस से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाने का दबाव बना रहे थे। नियमानुसार दुर्घटना के मामले में 108 एंबुलेंस की सेवा ली जाती है। 102 का उपयोग प्रसूता के केस में होता है। बावजूद इसके चालकों ने आदेश कराने को कहा तो थानाध्यक्ष आगबबूला होकर उन पर टूट पड़े। उन्होंने थानाध्यक्ष की शिकायत एसपी से की।
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छपरा खुर्द गांव के 30 वर्षीय नन्हे सिंह की पचरूखा मोड़ पर लोहे की दुकान है। बुधवार सुबह दुकान पर कार्य करने वाले मिस्त्री अशरफ अली के साथ वह बाइक से निकले। बाइक सवार दोनों युवक पचलड़ी से कुछ सामान खरीदने के बाद दुकान जा रहे थे। भागड़ा नाले के पुल पर सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में बाइक सवार दोनों युवक आ गए। बाइक नन्हे सिंह चला रहे थे। वह सड़क पर गिर कर लहूलुहान हो गए। सिर में गंभीर चोट लगी। पुलिस दुकानदार को लेकर सीएचसी रुद्रपुर पहुंची। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। दुकानदार दो भाइयों में छोटा था। उसके तीन संतान हैं। आंचल, किशन और छोटू का रो रोकर बुरा हाल है। मां बालकेशा देवी और पत्नी रूबी देवी बेहोश हो जा रही थी। परिजनों की चित्कार सुन लोगों की आंखें भर आईं।
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एंबुलेंस को लेकर थानाध्यक्ष चालक में कहासुनी
रुद्रपुर। सीएचसी परिसर में मार्ग दुर्घटना में घायल युवक नन्हे सिंह को जिला अस्पताल पहुंचाने को लेकर एकौना के थानाध्यक्ष और 102 एंबुलेंस के चालक में तीखी बहस हुई। चालक ने थानाध्यक्ष पर बदसलूकी का आरोप लगाया। चालक गिरिजेश मणि और राजेश के अनुसार थानाध्यक्ष जबरन 102 एंबुलेंस से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाने का दबाव बना रहे थे। नियमानुसार दुर्घटना के मामले में 108 एंबुलेंस की सेवा ली जाती है। 102 का उपयोग प्रसूता के केस में होता है। बावजूद इसके चालकों ने आदेश कराने को कहा तो थानाध्यक्ष आगबबूला होकर उन पर टूट पड़े। उन्होंने थानाध्यक्ष की शिकायत एसपी से की।
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