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चोटीकटवा बांटे आइल ए भउजी
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:48 PM IST
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विश्वविजय त्रिपाठी
रुद्रपुर (देवरिया)। जिले में चोटी कटने की घटनाओं को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर चोटीकटवा को लेकर आडियो-वीडियो भी चल रहे हैं। भोजपुरी गायक ‘धीरज और महेश’ ने चोटीकटवा को लेकर कई तरह के गीत बनाए हैं। चोटिकटवा बना गीत सोशल मीडिया फेसबुक, वाट्सएप और यू ट्यूब पर वायरल हो रहा है। चोटिकटवा पर बने गाने का ऑटो और ट्रक चालक जमकर बजा रहे हैं।
ठीक से सुतीह ए चाची गांव में, चोटीकटवा बांटे आइल गीत तेजी से वायरल हो रहा है। गीत में लोगों को चोटी कटने के भय और बचने के उपाय भी बताया गया है। इससे पहले भी मुंहनोचवा और धरकोसवा के अफवाहों के दौरान भोजपुरी कलाकारों ने मुंहनोचवा रे मुंह नोच के दिखा दे और गांव में घुसल धरकोसवा को लेकर भोजपुरी में कई गीत गाए, जो गीत काफी हिट हुए। चोटी काटे जाने से बचने के लिए गांवों में ओझाओं का धंधा जोरों पर चल रहा है। कई घरों में देवी-देवताओं की पूजा की जा रही है। लोग चोटी कटने से बचने के लिए घरों के सामने नीम के पत्ते लगाकर हल्दी के छाप लगा रहे हैं। ऐसे में चोटीकटवा को लेकर बाजार में आई गीत चरचा में है। देवरिया में चोटिकटवा की चरचा जोरों पर है। चोटी कटने की घटना रुकने का नाम नहीं ले रही। अस्पतालों में रोज कोई न कोई महिला चोटी कटने से बीमार हो कर इलाज के लिए पहुंच रही है। तेजी से फैले अफवाह पर पुलिस अंकुश लगाने में अब तक विफल है। ऐसे चोटिकटवा पर गाना बनाने वाले मार्केट का रुख भांप कर मार्केटिंग में जुटे हैं।
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रुद्रपुर (देवरिया)। जिले में चोटी कटने की घटनाओं को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर चोटीकटवा को लेकर आडियो-वीडियो भी चल रहे हैं। भोजपुरी गायक ‘धीरज और महेश’ ने चोटीकटवा को लेकर कई तरह के गीत बनाए हैं। चोटिकटवा बना गीत सोशल मीडिया फेसबुक, वाट्सएप और यू ट्यूब पर वायरल हो रहा है। चोटिकटवा पर बने गाने का ऑटो और ट्रक चालक जमकर बजा रहे हैं।
ठीक से सुतीह ए चाची गांव में, चोटीकटवा बांटे आइल गीत तेजी से वायरल हो रहा है। गीत में लोगों को चोटी कटने के भय और बचने के उपाय भी बताया गया है। इससे पहले भी मुंहनोचवा और धरकोसवा के अफवाहों के दौरान भोजपुरी कलाकारों ने मुंहनोचवा रे मुंह नोच के दिखा दे और गांव में घुसल धरकोसवा को लेकर भोजपुरी में कई गीत गाए, जो गीत काफी हिट हुए। चोटी काटे जाने से बचने के लिए गांवों में ओझाओं का धंधा जोरों पर चल रहा है। कई घरों में देवी-देवताओं की पूजा की जा रही है। लोग चोटी कटने से बचने के लिए घरों के सामने नीम के पत्ते लगाकर हल्दी के छाप लगा रहे हैं। ऐसे में चोटीकटवा को लेकर बाजार में आई गीत चरचा में है। देवरिया में चोटिकटवा की चरचा जोरों पर है। चोटी कटने की घटना रुकने का नाम नहीं ले रही। अस्पतालों में रोज कोई न कोई महिला चोटी कटने से बीमार हो कर इलाज के लिए पहुंच रही है। तेजी से फैले अफवाह पर पुलिस अंकुश लगाने में अब तक विफल है। ऐसे चोटिकटवा पर गाना बनाने वाले मार्केट का रुख भांप कर मार्केटिंग में जुटे हैं।
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