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ऋषि, मुनियों की धरती है भारत : शाही
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:00 PM IST
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समारोह को संबोधित करते मंत्री सूर्यप्रताप शाही
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। भारत ऋषि और मुनियों का देश है। यहां हर माह लोग पूजा, अनुष्ठान में जुटे रहते हैं। भारत ही एकमात्र ऐसा देश जो पूरे विश्व को अपना परिवार समझता है। यहां प्रकृति से लेकर माता, पिता, गुरुजनों की पूजा होती है। यह बातें सोमवार को कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कही।
वह रामजी सहाय पीजी कॉलेज में आयोजित सरस्वती पूजन और अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब सभी लोग शिक्षित होंगे। देश के विकास में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। स्वामी विवेकानंद ने विश्व पटल पर अपनी योग, साधना और ज्ञान से शिकागो में देश का गौरव बढ़ाया। डिजिटल इंडिया की वजह से लोग तरक्की कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि 2022 तक हमारे देश से गरीबी व अशिक्षा समाप्त कर एक सशक्त भारत का निर्माण किया जाए। मंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन अर्चन किया। संयोजक गगन बिहारी गुप्त दीपू व मनीष गुप्त ने शाही को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. संतोष यादव, मदन मोहन गुप्त, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, जटाशंकर दूबे, संजीव गुप्त, मनीष भटिया, रविप्रकाश गुप्त आदि मौजूद रहे।
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वह रामजी सहाय पीजी कॉलेज में आयोजित सरस्वती पूजन और अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब सभी लोग शिक्षित होंगे। देश के विकास में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। स्वामी विवेकानंद ने विश्व पटल पर अपनी योग, साधना और ज्ञान से शिकागो में देश का गौरव बढ़ाया। डिजिटल इंडिया की वजह से लोग तरक्की कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि 2022 तक हमारे देश से गरीबी व अशिक्षा समाप्त कर एक सशक्त भारत का निर्माण किया जाए। मंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन अर्चन किया। संयोजक गगन बिहारी गुप्त दीपू व मनीष गुप्त ने शाही को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. संतोष यादव, मदन मोहन गुप्त, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, जटाशंकर दूबे, संजीव गुप्त, मनीष भटिया, रविप्रकाश गुप्त आदि मौजूद रहे।
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