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20 चक्र से अधिक चली गोलियां, थर्राया इलाका
Updated Sat, 14 Oct 2017 10:27 PM IST
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देवरिया। सदर कोतवाली के सरौरा में जमीन के लिए हुए संघर्ष में बदमाशों ने 20 चक्र से अधिक फायरिंग की। इससे पूरा इलाका थर्रा गया। घटना की सूचना के बाद अफरातफरी का माहौल हो गया। घटना के डेढ़ घंटे बाद एसपी और दो घंटे बाद डीएम मौके पर पहुंचे।
जोकहा खास गांव के हरिशंकर पांडेय ने सदर कोतवाली के सरौरा चौराहे के बगल में पेट्रोल पंप लगवाने के लिए जमीन खरीदी है। इसके बगल में हनुमान मंदिर है। आसपास बंजर की भी जमीन है। गांववाले पैमाइश के बाद ही यहां पेट्रोल पंप लगवाने की बात कह रहे थे। दोनों पक्षों में कई बार विवाद भी हुआ था। डेढ़ महीने से चल रहे विवाद की जानकारी जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन और कोतवाली पुलिस को भी थी, लेकिन कोई भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था। दो दिन पहले भी यहां विवाद हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांववालों पर लाठीचार्ज की थी। इससे पूर्व चार सितंबर को गांववालों ने देवरिया-रुद्रपुर मार्ग को जाम कर दिया था। जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांगकर रहे थे, लेकिन किसी भी अधिकारी को वहां जाने की फुर्सत नहीं मिली। पुलिस ने ही बल प्रयोग कर जाम खुलवाया था। कुछ दिन बाद गांव के लोगों ने कलेक्ट्रेट में पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर पैमाइश कराने की मांग की थी। डीएम ने अन्य मामलों की तरह इसे भी समझा होगा। यदि मामले को जिम्मेदारों ने गंभीरता से लिया होता तो शायद घटना नहीं हुई होती। शनिवार को हरिशंकर पांडेय अपने लोगों के साथ पूरी तैैयारी से कब्जा करने आए थे। यहां ट्रक से सीमेंट मंगाया था, नींव खुदवाई जा रही थी। जब गांववालों को पता चला तो वे पहुंचकर विरोध करने लगे। सरौरा गांव के लोगों ने बढ़या बुजुर्ग के नरेंद्र प्रताप सिंह ऊर्फ संजय सिंह को बुलाया। संजय सिंह ने हरिशंकर पांडेय से बात की। इसी दौरान हरिशंकर और उनके लोगों ने संजय का सिर फोड़ दिया। यह देखकर गांववालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। फिर हरिशंकर और उनके साथ के लोगों ने फायर झोंक दिया। वे वाहनों में पहले से ही असलहा लेकर आए थे। इस घटना तीन लोगों की मौत और आठ लोग घायल हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। मौका देखकर हमलावर भी रुद्रपुर की ओर भाग गए। रुद्रपुर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर ने वहां पहुंचकर पूछताछ की। प्रशासन का मानना है कि गांववाले गलती कर रहे थे।
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जोकहा खास गांव के हरिशंकर पांडेय ने सदर कोतवाली के सरौरा चौराहे के बगल में पेट्रोल पंप लगवाने के लिए जमीन खरीदी है। इसके बगल में हनुमान मंदिर है। आसपास बंजर की भी जमीन है। गांववाले पैमाइश के बाद ही यहां पेट्रोल पंप लगवाने की बात कह रहे थे। दोनों पक्षों में कई बार विवाद भी हुआ था। डेढ़ महीने से चल रहे विवाद की जानकारी जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन और कोतवाली पुलिस को भी थी, लेकिन कोई भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था। दो दिन पहले भी यहां विवाद हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांववालों पर लाठीचार्ज की थी। इससे पूर्व चार सितंबर को गांववालों ने देवरिया-रुद्रपुर मार्ग को जाम कर दिया था। जिम्मेदार अधिकारी को बुलाने की मांगकर रहे थे, लेकिन किसी भी अधिकारी को वहां जाने की फुर्सत नहीं मिली। पुलिस ने ही बल प्रयोग कर जाम खुलवाया था। कुछ दिन बाद गांव के लोगों ने कलेक्ट्रेट में पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर पैमाइश कराने की मांग की थी। डीएम ने अन्य मामलों की तरह इसे भी समझा होगा। यदि मामले को जिम्मेदारों ने गंभीरता से लिया होता तो शायद घटना नहीं हुई होती। शनिवार को हरिशंकर पांडेय अपने लोगों के साथ पूरी तैैयारी से कब्जा करने आए थे। यहां ट्रक से सीमेंट मंगाया था, नींव खुदवाई जा रही थी। जब गांववालों को पता चला तो वे पहुंचकर विरोध करने लगे। सरौरा गांव के लोगों ने बढ़या बुजुर्ग के नरेंद्र प्रताप सिंह ऊर्फ संजय सिंह को बुलाया। संजय सिंह ने हरिशंकर पांडेय से बात की। इसी दौरान हरिशंकर और उनके लोगों ने संजय का सिर फोड़ दिया। यह देखकर गांववालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। फिर हरिशंकर और उनके साथ के लोगों ने फायर झोंक दिया। वे वाहनों में पहले से ही असलहा लेकर आए थे। इस घटना तीन लोगों की मौत और आठ लोग घायल हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। मौका देखकर हमलावर भी रुद्रपुर की ओर भाग गए। रुद्रपुर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर ने वहां पहुंचकर पूछताछ की। प्रशासन का मानना है कि गांववाले गलती कर रहे थे।
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