{"_id":"5af47b264f1c1b360b8b9619","slug":"171525971750-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑक्सीजन के नाम पर वसूली, आशा निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑक्सीजन के नाम पर वसूली, आशा निलंबित
Updated Thu, 10 May 2018 10:46 PM IST
विज्ञापन
Docter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाटपाररानी। पीएचसी पर प्रसव के बाद शिशु को ऑक्सीजन की जरूरत बताकर आशा कार्यकर्ता प्रसूता को सरकारी एंबुलेंस से एक निजी नर्सिंगहोम में लेकर चली गई। इसके नाम पर प्रसूता से 2500 रुपये लिए गए। शिकायत पर आधी रात को सीएमओ और एसडीएम पीएचसी पर पहुंचे। लापरवाह आशा कार्यकर्ता को सीएमओ ने निलंबित कर दिया। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात एएनएम और प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
सरया गांव में एक ईंट भट्ठे पर रहने वाली रांची की रूपम देवी को बुधवार दिन में प्रसव पीड़ा हुई। घरवाले उसे लेकर पीएचसी पहुंचे। रात करीब 10 बजे उसे प्रसव हुआ। कुछ देर बाद नवजात को सांस लेने की तकलीफ होने लगी। पीएचसी पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं था। निशनिया पैकौली गांव की आशा कार्यकर्ता कलावती देवी एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को लेकर नगर के हनुमंत जांचघर चली गई। शिशु को ऑक्सीजन देने के बाद आशा व नर्सिंग होम संचालक ने 2500 रुपये लिए। इसकी शिकायत भाजपा नेता जीतेंद्र जायसवाल ने एसडीएम रामकेश और सीएमओ डॉ. रामनिवास से मोबाइल पर की।
इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अफसर रात करीब एक बजे पीएचसी पर पहुंचे। इसकी भनक लगते ही आशा आननफानन में जच्चा-बच्चा को लेकर पीएचसी पहुंची और यहां वार्ड में भर्ती करा दिया। सीएमओ की पूछताछ मेें प्रसूता ने 2500 रुपये वसूलने और प्रसव के दौरान सीएचसी पर 200 रुपये देने की बात कही। सीएमओ ने आशा कार्यकर्ता कलावती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ड्यूटी पर तैनात एएनएम ममता और चिकित्साधीक्षक डॉ. केके गुप्ता का बयान दर्ज किया। रात में अधीक्षक का मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके लिए सीएमओ ने उन्हें फटकार लगाई। आशा का कहना है कि पीएचसी में ऑक्सीजन नहीं था। शिशु की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर वहां लेकर गई। सीएमओ ने बताया कि आशा कार्यकर्ता को निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधीक्षक और एएनएम का बयान लिया गया है, जांच चल रही है।
विज्ञापन
औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले डॉक्टर
सलेमपुर सीएचसी के अंतर्गत संचालित होने वाले न्यू पीएचसी केंद्र का सीएमओ डॉ. रामनिवास ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. एएम त्रिपाठी ड्यूटी से नदारद मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर नहीं आते हैं। सीएमओ ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ पड़री बाजार पीएचसी पर भी पहुंचे। यहां सभी कर्मचारी और डॉक्टर मौजूद मिले। लेकिन अस्पताल परिसर में सफाई की कमी थी। इसके लिए प्रभारी डॉक्टर को निर्देश दिया।
विज्ञापन
सरया गांव में एक ईंट भट्ठे पर रहने वाली रांची की रूपम देवी को बुधवार दिन में प्रसव पीड़ा हुई। घरवाले उसे लेकर पीएचसी पहुंचे। रात करीब 10 बजे उसे प्रसव हुआ। कुछ देर बाद नवजात को सांस लेने की तकलीफ होने लगी। पीएचसी पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं था। निशनिया पैकौली गांव की आशा कार्यकर्ता कलावती देवी एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को लेकर नगर के हनुमंत जांचघर चली गई। शिशु को ऑक्सीजन देने के बाद आशा व नर्सिंग होम संचालक ने 2500 रुपये लिए। इसकी शिकायत भाजपा नेता जीतेंद्र जायसवाल ने एसडीएम रामकेश और सीएमओ डॉ. रामनिवास से मोबाइल पर की।
विज्ञापन
इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अफसर रात करीब एक बजे पीएचसी पर पहुंचे। इसकी भनक लगते ही आशा आननफानन में जच्चा-बच्चा को लेकर पीएचसी पहुंची और यहां वार्ड में भर्ती करा दिया। सीएमओ की पूछताछ मेें प्रसूता ने 2500 रुपये वसूलने और प्रसव के दौरान सीएचसी पर 200 रुपये देने की बात कही। सीएमओ ने आशा कार्यकर्ता कलावती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। ड्यूटी पर तैनात एएनएम ममता और चिकित्साधीक्षक डॉ. केके गुप्ता का बयान दर्ज किया। रात में अधीक्षक का मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके लिए सीएमओ ने उन्हें फटकार लगाई। आशा का कहना है कि पीएचसी में ऑक्सीजन नहीं था। शिशु की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर वहां लेकर गई। सीएमओ ने बताया कि आशा कार्यकर्ता को निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्साधीक्षक और एएनएम का बयान लिया गया है, जांच चल रही है।
विज्ञापन
औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले डॉक्टर
सलेमपुर सीएचसी के अंतर्गत संचालित होने वाले न्यू पीएचसी केंद्र का सीएमओ डॉ. रामनिवास ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. एएम त्रिपाठी ड्यूटी से नदारद मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर नहीं आते हैं। सीएमओ ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ पड़री बाजार पीएचसी पर भी पहुंचे। यहां सभी कर्मचारी और डॉक्टर मौजूद मिले। लेकिन अस्पताल परिसर में सफाई की कमी थी। इसके लिए प्रभारी डॉक्टर को निर्देश दिया।