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अस्पताल में तड़प तड़प कर मरा टीवी का मरीज
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:31 PM IST
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रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी के एक मरीज की शुक्रवार दोपहर मौत हो गई। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। गरीब परिवार के पास निजी गाड़ी से मरीज को ले जाने तक रुपये नहीं थे। करीब एक घंटे बाद अस्पताल के गेट पर ही मरीज की मौत हो गई।
भगवानपुर के 42 वर्षीय जोखू एक साल से टीबी से पीड़ित थे। सीएचसी से दवा चल रही थी। दो दिन से उसकी हालत गंभीर थी। शुक्रवार की सुबह घर वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। कुछ देर इलाज के बाद सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे लेकर भर्ती कक्ष से बाहर निकले। 108 एंबुलेंस से बात करने के बाद भी कोई मदद नहीं मिला। घरवाले रुपये के अभाव में मरीज को दूसरे अस्पताल नहीं ले जा पाए। वह मुख्य गेट पर तड़पता रह गया। करीब एक घंटे बाद मौत हो गई। घरवालों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसकी मौत पर घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। अधीक्षक डॉ. आरपी यादव ने कहा कि एंबुलेंस की मॉनीटरिंग लखनऊ से होती है। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
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भगवानपुर के 42 वर्षीय जोखू एक साल से टीबी से पीड़ित थे। सीएचसी से दवा चल रही थी। दो दिन से उसकी हालत गंभीर थी। शुक्रवार की सुबह घर वाले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। कुछ देर इलाज के बाद सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे लेकर भर्ती कक्ष से बाहर निकले। 108 एंबुलेंस से बात करने के बाद भी कोई मदद नहीं मिला। घरवाले रुपये के अभाव में मरीज को दूसरे अस्पताल नहीं ले जा पाए। वह मुख्य गेट पर तड़पता रह गया। करीब एक घंटे बाद मौत हो गई। घरवालों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसकी मौत पर घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। अधीक्षक डॉ. आरपी यादव ने कहा कि एंबुलेंस की मॉनीटरिंग लखनऊ से होती है। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
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