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पड़री बाजार में बारावफात जुलूस पांच घंटा रोका, गांव में तनाव
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:15 PM IST
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पड़री बाजार में बारावफात जुलूस रोकने के बाद एसडीएम, सीओ व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर। बारावफात का जुलूस निकालने पर एक पक्ष के लोगों ने निजी जमीन बताते हुए रोक दिया। इसको लेकर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। इससे गांव में तनाव बढ़ गया। खबर मिलते ही मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। एसडीएम और सीओ के हस्तक्षेप के बाद जुलूस पुराने रास्ते से निकला।
खुखुंदू थाने के पड़री पांडेय गांव में बारावफात पर शनिवार की सुबह आठ बजे जुलूस निकला। गांव में भ्रमण के दौरान एक पक्ष के लोगों ने जिस रास्ते से जुलूस गुजर रहा था उसे अपना बताते हुए रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। दूसरे पक्ष के लोग पुराने रास्ते से जुलूस ले जाने की जिद पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख ग्राम प्रधान इमरान अंसारी ने पुलिस को सूचना दी। एसडीएम घनश्याम, सीओ शितांशु यादव, तहसीलदार ओमप्रकाश और खुखुंदू थानेदार मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने प्रकरण समझने के बाद दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद एक पक्ष के लोग शांत हुए और दिन में एक बजे जुलूस पुराने रास्ते से निकला। एसडीएम घनश्याम ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर जुलूस निकाला गया। रास्ते के विवाद पर डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
दो साल पहले हुआ था बवाल
दो साल पहले बारावफात का जुलूस रोकने पर गांव में बवाल हो गया था। पुलिस और जुलूस रोकने वालों के बीच मारपीट हुई थी। ग्राम प्रधान इमरान अंसारी ने बताया कि जिस रास्ते से जुलूस जाता है, वह ग्राम सभा का खड़ंजा है। लेकिन गांव के कुछ लोग निजी जमीन बताकर रोकते हैं।
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खुखुंदू थाने के पड़री पांडेय गांव में बारावफात पर शनिवार की सुबह आठ बजे जुलूस निकला। गांव में भ्रमण के दौरान एक पक्ष के लोगों ने जिस रास्ते से जुलूस गुजर रहा था उसे अपना बताते हुए रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। दूसरे पक्ष के लोग पुराने रास्ते से जुलूस ले जाने की जिद पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख ग्राम प्रधान इमरान अंसारी ने पुलिस को सूचना दी। एसडीएम घनश्याम, सीओ शितांशु यादव, तहसीलदार ओमप्रकाश और खुखुंदू थानेदार मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने प्रकरण समझने के बाद दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद एक पक्ष के लोग शांत हुए और दिन में एक बजे जुलूस पुराने रास्ते से निकला। एसडीएम घनश्याम ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर जुलूस निकाला गया। रास्ते के विवाद पर डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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दो साल पहले हुआ था बवाल
दो साल पहले बारावफात का जुलूस रोकने पर गांव में बवाल हो गया था। पुलिस और जुलूस रोकने वालों के बीच मारपीट हुई थी। ग्राम प्रधान इमरान अंसारी ने बताया कि जिस रास्ते से जुलूस जाता है, वह ग्राम सभा का खड़ंजा है। लेकिन गांव के कुछ लोग निजी जमीन बताकर रोकते हैं।
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