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राजस्व ग्रामों में तैनात सफाईकर्मी जिला मुख्यालय पर बजा रहे ड्यूटी
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साहब के घर ड्यूटी दे रहे सफाईकर्मी
सौ से अधिक अफसरों के पास संबद्ध, गांवों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त
कई से कार्यालय में लिया जा रहा है लिपिक का भी काम, कुछ निभा रहे अर्दली की भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। स्वच्छ भारत मिशन का सपना आखिर कैसे साकार होगा। जिनके कंधों पर गांवों की सफाई की जिम्मेदारी है वे बड़े साहब की जी हुजूरी कर रहे हैं। किसी को बंगले से संबद्ध किया गया है तो कोई दफ्तर का काम संभाल रहा है। करीब सौ से अधिक सफाईकर्मी मुख्यालय पर विभिन्न अफसरों के दफ्तर-आवास से संबद्ध हैं। नतीजतन, गांवों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। बजबजाती नालियां और गंदगी के ढेर से ग्रामीण कराह रहे हैं।
बड़े अफसरों के प्रश्रय के कारण ही ये सफाईकर्मी अब झाडू उठाने में शर्म महसूस करने लगे हैं। यह कर्मचारी तभी गांव में जाते हैं जब उन्हें ग्राम प्रधान से पेरोल पर हस्ताक्षर की जरूरत होती है। बाकी समय वह मुख्यालय पर अधिकारियों की जी हुजूरी में बिताते हैं। बंगले पर सब्जी पहुंचाने भर से उनकी हाजिरी लग जा रही है। साहब की मेहरबानी से सैकड़ों सफाईकर्मी जिला मुख्यालय के अलग-अलग विभागों में अटैच किए गए हैं। कोई अर्दली बन गया है तो कई को पटल का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्ट्रेट में तैनात सफाईकर्मियों से तो बीडीओ, एडीओ पंचायत भी सहमे रहते हैं। नियमानुसार देखें तो सफाईकर्मियों के तैनाती स्थल राजस्व गांव हैं। उन्हें वहां काम करने के एवज में ही वेतन दिया जाता है। इन सबसे इतर तमाम अधिकारी सफाईकर्मियों से मुख्यालय पर काम ले रहे हैं। पंचायत राज विभाग के कार्यालय में डाक डिस्पैच से लगायत वार रूम तक सफाईकर्मियों को जिम्मेदारी मिली हुई है। सीडीओ के यहां भी करीब आधा दर्जन सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इस संबंध में डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय का कहना है कि गांवों में सफाई कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति राजस्व गांव के लिए है। उन्हें उनके मूल कार्यस्थल पर भेजा जाएगा।
इनसेट
यहां तैनात हैं इतने सफाईकर्मी
डीएम कार्यालय पर चार, कैंप कार्यालय पर दो, पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय एक, डीडीओ के यहां छह, एनआरएलएम में दो, मनरेगा में एक, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आठ, मुख्य राजस्व अधिकारी के यहां एक, स्टेडियम में दो, एनआईसी दो, गोशाला बस अड्डा नौ, सीडीओ आवास पर पांच, पीडी कार्यालय एक, ट्रेजरी अफसर कार्यालय एक, डीपीआरओ कार्यालय में चार सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। कलेक्ट्रेट में रमेश प्रसाद को डाक वितरण, नजारत अनुभाग अभिषेक कुमार अर्दली, एडीएम प्रशासन रणजीत बहादुर शर्मा अर्दली व मोहन लाल शर्मा को भूमि सुधार लिपिक के रूप में संबद्ध किया गया है। इसके अलावा ज्यादातर बीडीओ और एडीओ के पास दो-दो सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है।
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इनसेट
2162 के सापेक्ष 2124 की है तैनाती
जिले में कुल 2162 राजस्व गांव हैं। इसके सापेक्ष 2124 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। 38 सफाई कर्मचारियों की जगह पहले से रिक्त है। इन्हें मुख्यालय से संबद्ध किए जाने से गांव में साफ-सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। बरसात शुरू होने को है लेकिन नालियों से सिल्ट की सफाई नहीं हो सकी है। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन आदि सार्वजनिक जगहों पर गंदगी का अंबार है।
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सौ से अधिक अफसरों के पास संबद्ध, गांवों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त
कई से कार्यालय में लिया जा रहा है लिपिक का भी काम, कुछ निभा रहे अर्दली की भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। स्वच्छ भारत मिशन का सपना आखिर कैसे साकार होगा। जिनके कंधों पर गांवों की सफाई की जिम्मेदारी है वे बड़े साहब की जी हुजूरी कर रहे हैं। किसी को बंगले से संबद्ध किया गया है तो कोई दफ्तर का काम संभाल रहा है। करीब सौ से अधिक सफाईकर्मी मुख्यालय पर विभिन्न अफसरों के दफ्तर-आवास से संबद्ध हैं। नतीजतन, गांवों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। बजबजाती नालियां और गंदगी के ढेर से ग्रामीण कराह रहे हैं।
बड़े अफसरों के प्रश्रय के कारण ही ये सफाईकर्मी अब झाडू उठाने में शर्म महसूस करने लगे हैं। यह कर्मचारी तभी गांव में जाते हैं जब उन्हें ग्राम प्रधान से पेरोल पर हस्ताक्षर की जरूरत होती है। बाकी समय वह मुख्यालय पर अधिकारियों की जी हुजूरी में बिताते हैं। बंगले पर सब्जी पहुंचाने भर से उनकी हाजिरी लग जा रही है। साहब की मेहरबानी से सैकड़ों सफाईकर्मी जिला मुख्यालय के अलग-अलग विभागों में अटैच किए गए हैं। कोई अर्दली बन गया है तो कई को पटल का जिम्मा सौंपा गया है। कलेक्ट्रेट में तैनात सफाईकर्मियों से तो बीडीओ, एडीओ पंचायत भी सहमे रहते हैं। नियमानुसार देखें तो सफाईकर्मियों के तैनाती स्थल राजस्व गांव हैं। उन्हें वहां काम करने के एवज में ही वेतन दिया जाता है। इन सबसे इतर तमाम अधिकारी सफाईकर्मियों से मुख्यालय पर काम ले रहे हैं। पंचायत राज विभाग के कार्यालय में डाक डिस्पैच से लगायत वार रूम तक सफाईकर्मियों को जिम्मेदारी मिली हुई है। सीडीओ के यहां भी करीब आधा दर्जन सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इस संबंध में डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय का कहना है कि गांवों में सफाई कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति राजस्व गांव के लिए है। उन्हें उनके मूल कार्यस्थल पर भेजा जाएगा।
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यहां तैनात हैं इतने सफाईकर्मी
डीएम कार्यालय पर चार, कैंप कार्यालय पर दो, पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय एक, डीडीओ के यहां छह, एनआरएलएम में दो, मनरेगा में एक, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आठ, मुख्य राजस्व अधिकारी के यहां एक, स्टेडियम में दो, एनआईसी दो, गोशाला बस अड्डा नौ, सीडीओ आवास पर पांच, पीडी कार्यालय एक, ट्रेजरी अफसर कार्यालय एक, डीपीआरओ कार्यालय में चार सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। कलेक्ट्रेट में रमेश प्रसाद को डाक वितरण, नजारत अनुभाग अभिषेक कुमार अर्दली, एडीएम प्रशासन रणजीत बहादुर शर्मा अर्दली व मोहन लाल शर्मा को भूमि सुधार लिपिक के रूप में संबद्ध किया गया है। इसके अलावा ज्यादातर बीडीओ और एडीओ के पास दो-दो सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है।
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2162 के सापेक्ष 2124 की है तैनाती
जिले में कुल 2162 राजस्व गांव हैं। इसके सापेक्ष 2124 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। 38 सफाई कर्मचारियों की जगह पहले से रिक्त है। इन्हें मुख्यालय से संबद्ध किए जाने से गांव में साफ-सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। बरसात शुरू होने को है लेकिन नालियों से सिल्ट की सफाई नहीं हो सकी है। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन आदि सार्वजनिक जगहों पर गंदगी का अंबार है।