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दो घंटे इंतजार के बाद बीमार प्रसूता को मिला एंबुलेंस
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:59 PM IST
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देवरिया। दर्द से तड़प रही एक प्रसूता को दो घंटे इंतजार के बाद एंबुलेंस मिली। नाराज तीमारदारों ने हंगामा किया। प्रसूता की हालत नाजुक बताई जा रही है।
लार के चुरिया गांव की सत्येंद्र सिंह की पत्नी गुड़िया को गुरुवार को सुबह प्रसव पीड़ा हुई। घर वाले उसे लेकर लार सीएचसी पर पहुंचे। महिला को मृत बच्चा पैदा हुआ और उसकी हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर ने जांच के बाद खून की कमी बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे दोपहर में महिला अस्पताल के इमरजेंसी में लाए। एक घंटे इलाज के बाद रक्तस्राव बंद नहीं हुआ तो डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घर वाले 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया। एक घंटे बाद जब एंबुलेंस नहीं पहुंचा तो नाराज घर वाले सिस्टम पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा करने लगे। उग्र लोगों को देख डॉक्टर और कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली। आनन-फानन में घर वालों ने चार पहिया गाड़ी मंगाया। इसी दरम्यान एंबुलेंस पहुंच गई। प्रसूता को गोरखपुर लेकर घर वाले एंबुलेंस से रवाना हुए। गुड़िया की हालत गंभीर बताई जा रही है। सीएमएस डॉ. माला कुमारी ने बताया कि 102 एंबुलेंस की मानीटरिंग लखनऊ से होती है। इसमें यहां के अफसरों का कोई रोल नहीं है।
दलालों के चंगुल में फंसा महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। कर्मचारियों की मिलीभगत से सीजर और इलाज के नाम पर दलाल वसूली कर रहे हैं। गुरुवार को एक गर्भवती महिला अस्पताल पर पहुंची। वह दर्द से कराह रही थी। डॉक्टर ने सीजर करने की बात कही। ओटी के बाहर मौजूद दलाल महिलाएं उसे अपनी बातों में फंसा लिया और एक निजी डॉक्टर के यहां लेकर चली गईं।
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लार के चुरिया गांव की सत्येंद्र सिंह की पत्नी गुड़िया को गुरुवार को सुबह प्रसव पीड़ा हुई। घर वाले उसे लेकर लार सीएचसी पर पहुंचे। महिला को मृत बच्चा पैदा हुआ और उसकी हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर ने जांच के बाद खून की कमी बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे दोपहर में महिला अस्पताल के इमरजेंसी में लाए। एक घंटे इलाज के बाद रक्तस्राव बंद नहीं हुआ तो डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घर वाले 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया। एक घंटे बाद जब एंबुलेंस नहीं पहुंचा तो नाराज घर वाले सिस्टम पर सवाल खड़ा करते हुए हंगामा करने लगे। उग्र लोगों को देख डॉक्टर और कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली। आनन-फानन में घर वालों ने चार पहिया गाड़ी मंगाया। इसी दरम्यान एंबुलेंस पहुंच गई। प्रसूता को गोरखपुर लेकर घर वाले एंबुलेंस से रवाना हुए। गुड़िया की हालत गंभीर बताई जा रही है। सीएमएस डॉ. माला कुमारी ने बताया कि 102 एंबुलेंस की मानीटरिंग लखनऊ से होती है। इसमें यहां के अफसरों का कोई रोल नहीं है।
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दलालों के चंगुल में फंसा महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। कर्मचारियों की मिलीभगत से सीजर और इलाज के नाम पर दलाल वसूली कर रहे हैं। गुरुवार को एक गर्भवती महिला अस्पताल पर पहुंची। वह दर्द से कराह रही थी। डॉक्टर ने सीजर करने की बात कही। ओटी के बाहर मौजूद दलाल महिलाएं उसे अपनी बातों में फंसा लिया और एक निजी डॉक्टर के यहां लेकर चली गईं।
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