फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   कहने को शहर, हालत देहात से बदतर

कहने को शहर, हालत देहात से बदतर

Thu, 12 Apr 2018 11:20 PM IST
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
कहने को शहर, हालत देहात से बदतर
नगर के किनारे स्थित नई बस्ती सुविधाओ से बंचित। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। ‘दूर के ढोल सुहाने लगते हैं’ यह कहावत देवरिया शहरवासियों के लिए चरितार्थ हो रही है। महंगी जमीन खरीदकर शहरी सुविधाओं का सपना घर बनाने के बाद अधूरा सा लगने लगा है। ना भरपूर बिजली मिल रही और ना ही पीने को साफ पानी। सड़क और नाली का नामोनिशान तक नहीं है। पगडंडियों पर चलना नए बाशिंदों की मजबूरी है।
विज्ञापन

नगर पालिका की स्थापना अंग्रेजी हुकूमत में सन् 1901 में की। 1974 में इसका क्षेत्र विस्तार कर आठ वार्ड बनाए गए। वर्ष 1995 के करीब आबादी के हिसाब से पालिका क्षेत्र को 25 वार्डों में विभाजित किया गया। तबसे नगर पालिका की सीमा जस की तस है। शहरी सुविधाओं की लालच में ग्रामीण इलाकों से लोग नगर सीमा से सटे इलाकों में महंगे दाम पर जमीन खरीदकर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में वह नगर पालिका की सुविधाओं से लैस होंगे। कई साल गुजरने के बावजूद सीमा विस्तार नहीं हो सका है और लोगों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। सड़क नहीं होने से स्कूली वैन घर तक नहीं पहुंच पाती। लंबी दूरी तय कर अभिभावक मुख्य मार्गों पर खड़े होकर स्कूल वैन का इंतजार करते हैं।
विज्ञापन

-----------
बढ़ गई जमीन की कीमत
शहर में तो जमीन की कीमत आसमान छू ही रही है, आसपास के गांवों की जमीन भी काफी महंगी बिक रही है। नगर पालिका के व्यावसायिक परिक्षेत्र में जमीन की खरीद के लिए 38,850, आवासीय परिक्षेत्र में न्यू कॉलोनी में 13,650, कठिनहिया में 7,182 व मुंशी गोरखनाथ टोला में 9,450 रुपये प्रति वर्ग मीटर कीमत सरकार की ओर से निर्धारित है। हालांकि सामान्य तौर पर बिक्री की कीमत करीब डेढ़ गुना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
यहां बढ़ी जमीन की बिक्री
नगर पालिका क्षेत्र से बाहर आसपास के गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री बढ़ गई है। शहरी सुविधाओं की आस में लोग जमीन की खूब खरीदारी कर रहे हैं। सोंदा, मेहड़ा, कठिनहियां, मुड़ाडीह, पिपरपांती आदि गांवों में खूब जमीन की खरीद हो रही है। पालिका क्षेत्र से बाहर होने के बावजूद यहां जमीन की कीमत 15 लाख से 25 लाख रुपये प्रति कट्ठा के करीब जा पहुंची है। महंगी जमीन खरीदकर घर बना चुके लोग भले ही खुद को शहरी मान रहे हों लेकिन सुविधाएं गांव की मिल रही हैं।
------
नगरवासियों को भी नहीं मिल रहीं सुविधाएं
नगर पालिका क्षेत्र में अभी कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां आज भी लोग सड़क, बिजली पानी आदि सुविधाओं से वंचित हैं। वार्ड नंबर एक भटवलिया पूर्वी मोहल्ला, मुंशी गोरखनाथ टोला वार्ड नंबर 16, वार्ड नंबर आठ रामगुलाम टोला पूर्वी, देवरिया खास वार्ड नंबर 11 सहित तमाम मोहल्लों में लोग बांस-बल्लियों के सहारे घरों में बिजली कनेक्शन पहुंचा रहे हैं। तमाम जगहों पर सड़क के अभाव में लोग पगडंडियों पर चलने को मजबूर हैं।
-------
शासन को भेजा गया है प्रस्ताव
नगरपालिका अध्यक्ष अलका सिंह का कहना है कि नगरपालिका क्षेत्र के विस्तार के लिए 2013 में बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा गया था। अब तक शासन स्तर से इस पर कोई पहल नहीं की गई है। शासनादेश मिलने पर नगरीय क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।

-------
वर्ष 2008 में भी भेजा गया था प्रस्ताव
नगर पालिका क्षेत्र विस्तार के लिए शासन को दो बार प्रस्ताव भेजे गए हैं। पूर्व नगरपालिका चेयरमैन बसंत लाल श्रीवास्तव ने वर्ष 2008 में शासन को प्रस्ताव भेजा था। वर्ष 2013 में अलका सिंह की ओर से प्रस्ताव दिया गया। प्रस्तावित सूची में पिपरपांती, सोंदा, गोबराईं, पिड़रा, खरजरवा, कतरारी, रजला, बभनी आदि गांव शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed