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अधिक उपज के लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करें किसान

Tue, 28 Aug 2018 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया Updated Tue, 28 Aug 2018 10:58 PM IST
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अधिक उपज के लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती करें किसान
कृषि भवन परिसर में आयोजित कार्यशाला में जानकारी देते विशेषज्ञ। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। कृषि भवन सभागार में कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को किया गया। इसमें जिले के 32 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर जोर दिया गया।
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कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि कम लागत से अधिक उपज वाली खेती किसान करे। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर यह संभव है। किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं को वैज्ञानिकों के सामने प्रमुखता से रखा। इससे निदान का तरीका वैैैज्ञानिकों ने विस्तार से बताया। डॉ.राजेश पांडेय ने फसलों की सुरक्षा पर जोर देते हुए बचाव का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि फसल को सुरक्षित रखने के लिए इसकी निगरानी जरूरी है। मौसम के बदलाव से फसलों पर भी प्रभाव पड़ता है। इसके किसानों की लापरवाही फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। डॉ.संतोष चतुर्वेदी ने कहा कि किसान मछली पालन कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कम पूंजी में अधिक लाभ मछली पालन से मिलेगा। बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को खेती का तरीका बदलने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि यंत्रीकरण, फसल संवर्द्धन समेत कृषि विभाग के योजनाओं को विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम शुभारंभ नाबार्ड के अधिकारी संचित कुमार सिंह ने किया। इस दौरान कृषि उप निदेशक डॉ.एके मिश्रा, राघवेंद्र शाही, मारकंडेय सिंह, ख्वाजा मंसूरी, नीरज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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किसानों को बताए आधुनिक खेती के गुर
गौरी बाजार। कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) की ओर से क्षेत्र के दमर भिसवां गांव में मंगलवार को किसान गोष्ठी व पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। गोष्ठी में किसानों को आधुनिक कृषि के अलावा खेती को लाभकारी बनाने के बारे में जानकारी दी गई।
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कृभको के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण, कंपोस्ट खाद एवं जैविक उर्वरकों के उपयोग के संदर्भ में जानकारी दी। बताया कि किसान कम से कम रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करें। कीटनाशकों का प्रयोग जरूरत पड़ने पर ही करें। पर्यावरण विशेषज्ञ भुवनेश्वर पांडेय ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों को कृभको की ओर से आम, अमरूद, सागौन, यूकेलिप्टस आदि के पौधे वितरित किए गए। कृषक भारती की सेवा केंद्र के रमेश चंद्र शुक्ला ने सेवा केंद्र की ओर किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं के संदर्भ में जानकारी दी।
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