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तेज बुखार की चपेट में आ रहे बच्चे
Updated Sun, 13 Aug 2017 06:59 PM IST
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देवरिया। तेज बुखार की चपेट में आने से 45 से अधिक बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती है। एक दिन में इमरजेंसी में दस से अधिक ऐसे बच्चे पहुंचे। जिनको झटका और तेज बुखार था। इंजेक्शन खत्म होने के कारण इमरजेेंसी में आए सांस के रोगियों को बाहर से इंजेक्शन खरीदना पड़ा।
गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के अभाव में बच्चों की हुई मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा भी सक्रिय हुआ है। इमरजेंसी में रविवार को चिरईगोड़ा रनिहवा गांव के नंदलाल की बेटी गुड्डी, रतनपुरा के बलिराम साहनी की बेटी पलक, धमौली की रिंकी, बैकुंठपुर के कृष्णा, पड़री अनिरुद्ध के रंजीत, मदनपुर के अभय समेत अन्य बच्चे तेज बुखार और झटका से पीड़ित आए। इसमें कई ऐसे बच्चे है जो कई दिनों से बुखार की चपेट में है। इनका इलाज निजी डॉक्टरों के यहां चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर घर वाले जिला अस्पताल लेकर आए है। इधर कुद दिनों से तेज बुखार से पीड़ित बच्चे ज्यादे आ रहे है। वहीं इमरजेंसी में दो रोगी सांस के आए थे। लेकिन सांस का इंजेक्शन डेरीकालीन नहीं होने के कारण लोगों को मेडिकल स्टोरों से खरीदना पड़ा। बाल रोग चिकित्सक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात की वजह से बच्चों की झटका और तेज बुखार की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में 45 बच्चे भर्ती है। इसमें दस एईएस से पीड़ित है। जनवरी से अब तक एईएस के 150 बच्चे आए है। इसमें एक की मौत हुई है और आठ को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर किया गया है। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचाव और उबाला हुआ पानी ही बच्चों को दें।
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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के अभाव में बच्चों की हुई मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा भी सक्रिय हुआ है। इमरजेंसी में रविवार को चिरईगोड़ा रनिहवा गांव के नंदलाल की बेटी गुड्डी, रतनपुरा के बलिराम साहनी की बेटी पलक, धमौली की रिंकी, बैकुंठपुर के कृष्णा, पड़री अनिरुद्ध के रंजीत, मदनपुर के अभय समेत अन्य बच्चे तेज बुखार और झटका से पीड़ित आए। इसमें कई ऐसे बच्चे है जो कई दिनों से बुखार की चपेट में है। इनका इलाज निजी डॉक्टरों के यहां चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर घर वाले जिला अस्पताल लेकर आए है। इधर कुद दिनों से तेज बुखार से पीड़ित बच्चे ज्यादे आ रहे है। वहीं इमरजेंसी में दो रोगी सांस के आए थे। लेकिन सांस का इंजेक्शन डेरीकालीन नहीं होने के कारण लोगों को मेडिकल स्टोरों से खरीदना पड़ा। बाल रोग चिकित्सक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बरसात की वजह से बच्चों की झटका और तेज बुखार की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान में 45 बच्चे भर्ती है। इसमें दस एईएस से पीड़ित है। जनवरी से अब तक एईएस के 150 बच्चे आए है। इसमें एक की मौत हुई है और आठ को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर किया गया है। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचाव और उबाला हुआ पानी ही बच्चों को दें।
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