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डीआईओएस दफ्तर में तालाबंदी, एडीआईओएस से तकरार
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:35 PM IST
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देवरिया। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने डीआईओएस कार्यालय में ताला बंद कर विरोध जताया। मानदेय बढ़ोत्तरी और सुरक्षा युक्त सेवा नियमावली बनाई जाए। ऐसा नहीं होने पर शिक्षकों ने बजट सत्र के दौरान आंदोलन की चेतावनी दी। एडीआईओएस रामहजूर को मांगपत्र दिया।
वित्तविहीन शिक्षक मंगलवार को डीआईओएस कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों को दफ्तर खाली करने की चेतावनी दी। कुछ ताला बंद कर बाहर निकल आएं लेकिन एडीआईओएस रामहजूर और कुछ अन्य कर्मचारी बाहर नहीं निकले। इस पर शिक्षक नेता और एडीआईओएस से तकरार हो गई। किसी तरह मामला शांत हुआ। प्रदेश महासचिव अजय सिंह ने कहा कि मानदेय बढ़ाकर पांच अंकों में की जाए। अप्रशिक्षित शिक्षकों केे प्रशिक्षण में छूट देकर मानदेय में शामिल करें। अंशकालिक शब्द को हटाए और शिक्षक का पूर्णकालिक दर्जा दी जाए। जिलाध्यक्ष राजकिशोर यादव ने कहा कि पांच वर्ष से अधिक का अनुभव वाले शिक्षक को सहायता प्राप्त स्कूलों में रिक्त पदों पर समायोजित करें। बीमा और ईपीएफ योजना लागू की जाए ताकि भविष्य सुरक्षित रह सके। सुनील यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के खिलाफ काम कर रही है। इससे वित्तविहीन शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस दौरान कुलदीप यादव, बालेंद्र त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, संतोष तिवारी, तहसीलदार कुशवाहा, ध्रुवदेव शुक्ल, भगवान दीन यादव आदि रहे।
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वित्तविहीन शिक्षक मंगलवार को डीआईओएस कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों को दफ्तर खाली करने की चेतावनी दी। कुछ ताला बंद कर बाहर निकल आएं लेकिन एडीआईओएस रामहजूर और कुछ अन्य कर्मचारी बाहर नहीं निकले। इस पर शिक्षक नेता और एडीआईओएस से तकरार हो गई। किसी तरह मामला शांत हुआ। प्रदेश महासचिव अजय सिंह ने कहा कि मानदेय बढ़ाकर पांच अंकों में की जाए। अप्रशिक्षित शिक्षकों केे प्रशिक्षण में छूट देकर मानदेय में शामिल करें। अंशकालिक शब्द को हटाए और शिक्षक का पूर्णकालिक दर्जा दी जाए। जिलाध्यक्ष राजकिशोर यादव ने कहा कि पांच वर्ष से अधिक का अनुभव वाले शिक्षक को सहायता प्राप्त स्कूलों में रिक्त पदों पर समायोजित करें। बीमा और ईपीएफ योजना लागू की जाए ताकि भविष्य सुरक्षित रह सके। सुनील यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के खिलाफ काम कर रही है। इससे वित्तविहीन शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक गया है। इस दौरान कुलदीप यादव, बालेंद्र त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, संतोष तिवारी, तहसीलदार कुशवाहा, ध्रुवदेव शुक्ल, भगवान दीन यादव आदि रहे।
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