{"_id":"594410cf4f1c1bb37b8b46c3","slug":"131497632975-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगरीय निकायों में दुबारा होगी ओबीसी की रैपिड सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगरीय निकायों में दुबारा होगी ओबीसी की रैपिड सर्वे
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। नगरीय निकायों में ओबीसी की दुबारा रैपिड सर्वे होगी। अध्यक्ष और सभासद पद के संभावित दावेदारों ने शिकायत पर शासन ने निर्णय लिया है। इन लोगों ने रैपिड सर्वे में मनमानी का आरोप लगाया था। शासन ने भी जल्दबाजी में सर्वे में मनमानी की बात कुबूल की है। 45 दिन के अंदर सर्वे रिपोर्ट नगरीय निकाय के निदेशक को भेजना है।
जिले में 11 नगरीय निकाय देवरिया और बरहज नगर पालिका परिषद जबकि रामपुर कारखाना, बरियारपुर, गौरीबाजार, रुद्रपुर, सलेमपुर, मझौलीराज, लार, भटनी, भाटपाररानी नगर पंचायत शामिल है। प्रमुख सचिव नगर विकास कुमार कमलेश ने कहा है कि नगरीय निकायों में वार्डवार अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का ब्योरा एकत्र करना है। आपत्ति दाखिल करने का सात दिन तक मौका मिलेगा। दरअसल 2011 की जनगणना में ओबीसी के आंकड़े प्रकाशित नहीं है। ऐसे में निकायों में ओबीसी की गणना कराने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष और सभासद पद के संभावित दावेदारों ने पत्र लिखकर ओबीसी की गणना में अनियमितता का आरोप लगाया था। उनका दावा है कि अध्यक्ष और कुछ मजबूत दावेदारों के इशारे पर रैपिड सर्वे की गई है। इसके तहत प्रभारी अधिकारी मजिस्ट्रेट स्तर के होंगे। जो क्षेत्रीय अधिकारी और प्रगणक के अलावा पर्यवेक्षक नामित करेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी पांच प्रतिशत जबकि प्रभारी अधिकारी एक प्रतिशत रैंडम जांच का ब्योरा रखेंगे।
विज्ञापन
जिले में 11 नगरीय निकाय देवरिया और बरहज नगर पालिका परिषद जबकि रामपुर कारखाना, बरियारपुर, गौरीबाजार, रुद्रपुर, सलेमपुर, मझौलीराज, लार, भटनी, भाटपाररानी नगर पंचायत शामिल है। प्रमुख सचिव नगर विकास कुमार कमलेश ने कहा है कि नगरीय निकायों में वार्डवार अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का ब्योरा एकत्र करना है। आपत्ति दाखिल करने का सात दिन तक मौका मिलेगा। दरअसल 2011 की जनगणना में ओबीसी के आंकड़े प्रकाशित नहीं है। ऐसे में निकायों में ओबीसी की गणना कराने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष और सभासद पद के संभावित दावेदारों ने पत्र लिखकर ओबीसी की गणना में अनियमितता का आरोप लगाया था। उनका दावा है कि अध्यक्ष और कुछ मजबूत दावेदारों के इशारे पर रैपिड सर्वे की गई है। इसके तहत प्रभारी अधिकारी मजिस्ट्रेट स्तर के होंगे। जो क्षेत्रीय अधिकारी और प्रगणक के अलावा पर्यवेक्षक नामित करेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी पांच प्रतिशत जबकि प्रभारी अधिकारी एक प्रतिशत रैंडम जांच का ब्योरा रखेंगे।
विज्ञापन