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कैसे दूर होगी बिजली विभाग की कंगाली
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:39 PM IST
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रुद्रपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की संभावना पर विभाग के अधिकारी ही पानी फेरते नजर आ रहे हैं। बिलों के भुगतान को लेकर लापरवाह बने अधिकारी विभाग की कंगाली दूर नहीं होने दे रहे हैं। रुद्रपुर के ग्रामीण इलाकों में पिछले छह माह से बिजली का बिल नहीं आने से लोग बिल की अदायगी नहीं कर रहे। ऐसे में उपभोक्ताओं पर एकाएक कई महीनों का बिल भुगतान बड़ा बोझ बन जाएगा।
रुद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली विभाग कंप्यूटराइज्ड बिल देने के लिए मीटर लगवाने की कवायद शुरू की गई है। छह माह पहले मीटर लगाने का टेंडर हो चुका है। लेकिन अब तक पांच प्रतिशत उपभोक्ताओं का भी मीटर नहीं लगा। विभाग में पर्याप्त मीटर नहीं होने से गांवों में मीटर नहीं लग पा रहा है। मीटर नहीं लगने तक विभाग को फिक्स बिल भेजने का निर्देश दिया गया है। छह माह से उपभोक्ताओं के घर बिल भी नहीं पहुंच रहा है। बिजली उपभोक्ता शैलेश यादव, दिनेश सिंह, अमन पांडेय, अष्टभुजा सिंह आदि ने कहा कि बिजली विभाग के लापरवाही से छह माह से बिल नहीं जमा हो रहा है। पॉवर हाउस पर बिल जमा करने का टेंडर भी नहीं हो पाया है। उपभोक्ताओं को एक ही बार कई महीनों के बिल का दबाव झेलना पड़ेगा। उन्होंने तत्काल बिल भेजने की मांग की। इस बात एसडीओ एके पॉल ने कहा कि बिलिंग का टेंडर नहीं हो पाने से बिल जेनरेट नहीं हो पा रहा है। जल्द ही गांवों में मीटर लगवाकर बिजली का बिल जेनरेट कराया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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रुद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली विभाग कंप्यूटराइज्ड बिल देने के लिए मीटर लगवाने की कवायद शुरू की गई है। छह माह पहले मीटर लगाने का टेंडर हो चुका है। लेकिन अब तक पांच प्रतिशत उपभोक्ताओं का भी मीटर नहीं लगा। विभाग में पर्याप्त मीटर नहीं होने से गांवों में मीटर नहीं लग पा रहा है। मीटर नहीं लगने तक विभाग को फिक्स बिल भेजने का निर्देश दिया गया है। छह माह से उपभोक्ताओं के घर बिल भी नहीं पहुंच रहा है। बिजली उपभोक्ता शैलेश यादव, दिनेश सिंह, अमन पांडेय, अष्टभुजा सिंह आदि ने कहा कि बिजली विभाग के लापरवाही से छह माह से बिल नहीं जमा हो रहा है। पॉवर हाउस पर बिल जमा करने का टेंडर भी नहीं हो पाया है। उपभोक्ताओं को एक ही बार कई महीनों के बिल का दबाव झेलना पड़ेगा। उन्होंने तत्काल बिल भेजने की मांग की। इस बात एसडीओ एके पॉल ने कहा कि बिलिंग का टेंडर नहीं हो पाने से बिल जेनरेट नहीं हो पा रहा है। जल्द ही गांवों में मीटर लगवाकर बिजली का बिल जेनरेट कराया जाएगा। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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