फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   नामजदगी के बाद भी तेल तस्करों की माफिया गैंग नहीं बना पाई पुलिस

नामजदगी के बाद भी तेल तस्करों की माफिया गैंग नहीं बना पाई पुलिस

Mon, 19 Jun 2017 10:23 PM IST
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
नामजदगी के बाद भी तेल तस्करों की माफिया गैंग नहीं बना पाई पुलिस
देवरिया। सत्ता भले ही बदल गई, मगर पुलिस-तेल तस्करों का तिलिस्म नहीं टूटा। गौरीबाजार में डिपो से तेल चोरी में कई नामजदगी होने के बावजूद पुलिस एक भी माफिया गैंग नहीं बना पाई। तेल तस्कर बेखौफ खेल जारी हैं। देवरिया पुलिस की लापरवाही को लखनऊ पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान में लिया है। तेल चोरी के मामले में आईजी गोरखपुर से भी जवाब-तलब किया है।
विज्ञापन

सीएम के फरमान पर आईजी मोहित अग्रवाल ने अवैैध खनन, पशु तस्कर, लूट, हत्या करने वाले, परिवहन माफिया, तेल तस्कर, वन माफिया को चिह्नित करने की बात कही थी। लेकिन देवरिया पुलिस ने शासन की मंशा को ठेंगा दिखा दिया। बैतालपुर डिपो से तेल चोरी करने वाले तस्करों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। गौरीबाजार पुलिस की जीडी में करीब 40 लोगों के खिलाफ टैंकर से तेल चोरी करने, अवैध रूप से बिक्री करने का केस दर्ज है। इन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने माफिया गैंग बनाना मुनासिब नहीं समझा। इसी कार्रवाई से पुलिस की साठगांठ में चलाने वाले अवैध धंधे पर ग्रहण लग जाता है। पुलिस की लापरवाही अब गले की हड्डी बनने वाली है। सिपाही से लेकर उच्चाधिकारियों तक तेल चोरी के खेल की आंच आने वाली है। लखनऊ पुलिस मुख्यालय ने तेल चोरी की घटना को गंभीरता से लिया है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से पुलिस के बड़े अफसर नाराज हैं। एसओ गौरीबाजार जेपी यादव ने कहा कि तेल चोरी करने वालों की खोजबीन की जा रही है। जल्द की आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


चोरी के तेल से फर्राटा भरते हैं टैंकर
डिपो से निकलने के बाद तेल चोरी के सबसे बड़े खरीदार तो टैंकर चालक हैं। आईओसी से करीब 300 से अधिक टैंकर अनुबंधित हैं। सूत्रों का दावा है कि अधिकांश चालक टैंकर में चोरी के डीजल का इस्तेमाल करते हैं। आधी कीमत पर डीजल उपलब्ध हो जाता है। कुछ मिट्टी का तेल मिला लेते हैं। इस खेल में नेपाली ट्रक भी पीछे नहीं हैं। नियम के तहत डिपो में तेल लोड कराने से पहले टैंकर की टंकी फूल होनी चाहिए। ताकि गेट से गाड़ी बाहर होते ही टैंकर किसी पेट्रोल टंकी पर न रुके। लेकिन डिपो के कुछ लोगों की मिलीभगत से नियम-कानून ताक पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई लोग हो गए मालामाल
तेल चोरी के खेल में कई लोगों ने सरकारी नौकरी को भी छोड़ दिया। डिपो से निकले वाले टैंकर से तेल आधे से कम रेट में लेकर दूरदराज तक सप्लाई की। तेल चोरी के खेल में लगे लोग दस वर्ष में मालामाल हो गए। भ्रष्टाचार में पुलिस भी संलिप्त थी। ऐसे में तस्करों के खिलाफ ठोक कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि कभी टैंकर चलाने वाले लोग आज पेट्रोल पंप मालिक हैं। उनके पास भी कई टैंकर हैं, जो डिपो से संचालित होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed