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जानलेवा ठंड से दो लोगों की मौत
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:05 PM IST
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जिले में ठंड का आलम यह है कि लोग अलाव से चिपके रहने को मजबूर हैं। ऐेसे में बच्चे को कहीं ले जाना भारी परेशानी का काम है। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। जिले के अलग-अलग थानाक्षेत्रों में ठंड लगने से दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई। सलेमपुर के भरौली वार्ड निवासी 60 वर्षीय पत्नी दुजी देवी की ठंड से मौत हो गई। वह भोजन करने के बाद रात में घर पर सोई थी। सोमवार की सुबह उसकी हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सीएचसी लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, सदर कोतवाली क्षेत्र के अहिल्यापुर गांव निवासी झनर देवी (70 वर्ष) की ठंड लगने के कारण मौत हो गई। मकर संक्रांति पर घरवाले स्नान करा रहे थे। इस दौरान झनर देवी बेहोश हो गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, सोमवार को जनवरी माह में 15 दिन बीत गया, लेकिन न तो ठंड पीछा छोड़ रही है और न ही कोहरे खत्म हो रहा है। 25 दिसंबर को मौसम ने करवट बदला। इसके बाद ऐसी ठंड पड़ने लगी की लोगों को दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। सुबह-शाम गलन से हर कोई आजिज है। लोग अब भगवान से दुआ करने लगे हैं कि ठंड से मुक्ति दें। मगर सूर्यदेव हैं कि दर्शन देने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से की गई अलाव की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। फोरलेन के लिए काटे गए पेड़ों के जड़ लोगों के लिए सहारा बने हैं। कड़ाके की ठंड में कक्षा आठ के विद्यालयों में 16 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को कांपते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। कोचिंग वालों का अपना अलग ही नियम है। ठंड कड़ाके ही हो या हल्की, सुबह से ही कोचिंग क्लास शुरू हो जाती हैं। प्रशासन की नजर इन पर नहीं पड़ रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दिन में दो बजे न्यूनतम तापमान छह डिग्री रहा।
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हवा 11 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही थी और नमी 62 प्रतिशत रही। इसके बावजूद मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने सुबह-सुबह स्नान किया। मौसम की बेरुखी से हर कोई परेशान है। खासकर बुजुर्ग और बच्चे। बच्चे घरों में कैद रहकर बोर हो रहे हैं। तो दुकानदारों की परेशानी की वजह दुकानदारी सही से न चलने की है। ठंड से लोग खरीदारी करने बहुत कम निकल रहे हैं। लोग केवल जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं।
कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। यात्रियों की संख्या में गिरावट भी आई है। इससे देवरिया डिपो की आमदनी पर भी असर पड़ रहा है।
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दूसरी ओर, सोमवार को जनवरी माह में 15 दिन बीत गया, लेकिन न तो ठंड पीछा छोड़ रही है और न ही कोहरे खत्म हो रहा है। 25 दिसंबर को मौसम ने करवट बदला। इसके बाद ऐसी ठंड पड़ने लगी की लोगों को दिन में भी कंपकंपी छूट रही है। सुबह-शाम गलन से हर कोई आजिज है। लोग अब भगवान से दुआ करने लगे हैं कि ठंड से मुक्ति दें। मगर सूर्यदेव हैं कि दर्शन देने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से की गई अलाव की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। फोरलेन के लिए काटे गए पेड़ों के जड़ लोगों के लिए सहारा बने हैं। कड़ाके की ठंड में कक्षा आठ के विद्यालयों में 16 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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हाईस्कूल और इंटर के बच्चों को कांपते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। कोचिंग वालों का अपना अलग ही नियम है। ठंड कड़ाके ही हो या हल्की, सुबह से ही कोचिंग क्लास शुरू हो जाती हैं। प्रशासन की नजर इन पर नहीं पड़ रही है। सोमवार को सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दिन में दो बजे न्यूनतम तापमान छह डिग्री रहा।
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हवा 11 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही थी और नमी 62 प्रतिशत रही। इसके बावजूद मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने सुबह-सुबह स्नान किया। मौसम की बेरुखी से हर कोई परेशान है। खासकर बुजुर्ग और बच्चे। बच्चे घरों में कैद रहकर बोर हो रहे हैं। तो दुकानदारों की परेशानी की वजह दुकानदारी सही से न चलने की है। ठंड से लोग खरीदारी करने बहुत कम निकल रहे हैं। लोग केवल जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं।
कोहरे की वजह से ट्रेनों और बसों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। यात्रियों की संख्या में गिरावट भी आई है। इससे देवरिया डिपो की आमदनी पर भी असर पड़ रहा है।