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व्यवसायिक शिक्षकों को अब ट्रेजरी से मिलेगा मानदेय
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:47 PM IST
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देवरिया। व्यावसायिक शिक्षकों का मानदेय अब ट्रेजरी से सीधे उनके खाते में जाएगा। 29 जून को शिक्षा अनुभाग के अनु सचिव पद्माकर शुक्ल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। व्यवसायिक शिक्षक इसे अपने विनियमितिकरण की दिशा में कदम मान रहे हैं।
प्रदेश के 892 राजकीय और वित्त पोषित विद्यालयों में वर्ष 1989 से व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत हुई। व्यवसायिक शिक्षा में कुल 36 ट्रेड की पढ़ाई होती है। इसके लिए 2200 से अधिक शिक्षक मानदेय के आधार पर रखे गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या 2169 है। जिले के 12 विद्यालयों में 32 शिक्षक अध्यापन कार्य करते हैं। शुरुआत के दिनों में विद्यालय की ओर से व्यावसायिक शिक्षक को 50 रुपये प्रति व्याख्यान मिलता था। यह अधिकतम 1500 रुपये प्रतिमाह होता था। इसके बाद 350 रुपये प्रति व्याख्यान और अधिकतम 10 हजार रुपये विद्यालय के खाते में आता था। प्रबंध समिति के लोग शिक्षकों को मानदेय देते थे। व्यावसायिक शिक्षकों के संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि उनको मानदेय खाते में दिया जाए। यह प्रक्रिया चल रही थी। उधर संगठन के लोग विनियमितिकरण के लिए संघर्षरत हैं। 29 जून को शिक्षा अनुभाग के अनु सचिव पद्माकर शुक्ल ने आदेश दिया कि व्यावसायिक शिक्षकों के चालू वित्तीय वर्ष का मानदेय ट्रेजरी से खाते में दिया जाए। इस आदेश से व्यवसायिक शिक्षकों में खुुशी हैं। माध्यमिक व्यवसायिक शिक्षक जागरूक मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि वर्षों की तपस्या का फल मिलने वाला है। संगठन विनियमितिकरण कराने के लिए प्रयासरत है।
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प्रदेश के 892 राजकीय और वित्त पोषित विद्यालयों में वर्ष 1989 से व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत हुई। व्यवसायिक शिक्षा में कुल 36 ट्रेड की पढ़ाई होती है। इसके लिए 2200 से अधिक शिक्षक मानदेय के आधार पर रखे गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या 2169 है। जिले के 12 विद्यालयों में 32 शिक्षक अध्यापन कार्य करते हैं। शुरुआत के दिनों में विद्यालय की ओर से व्यावसायिक शिक्षक को 50 रुपये प्रति व्याख्यान मिलता था। यह अधिकतम 1500 रुपये प्रतिमाह होता था। इसके बाद 350 रुपये प्रति व्याख्यान और अधिकतम 10 हजार रुपये विद्यालय के खाते में आता था। प्रबंध समिति के लोग शिक्षकों को मानदेय देते थे। व्यावसायिक शिक्षकों के संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की थी कि उनको मानदेय खाते में दिया जाए। यह प्रक्रिया चल रही थी। उधर संगठन के लोग विनियमितिकरण के लिए संघर्षरत हैं। 29 जून को शिक्षा अनुभाग के अनु सचिव पद्माकर शुक्ल ने आदेश दिया कि व्यावसायिक शिक्षकों के चालू वित्तीय वर्ष का मानदेय ट्रेजरी से खाते में दिया जाए। इस आदेश से व्यवसायिक शिक्षकों में खुुशी हैं। माध्यमिक व्यवसायिक शिक्षक जागरूक मंच के प्रदेश अध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि वर्षों की तपस्या का फल मिलने वाला है। संगठन विनियमितिकरण कराने के लिए प्रयासरत है।
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