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गैर इरादतन हत्या में दो को दस वर्ष का कारावास
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गैर इरादतन हत्या में दो को दस वर्ष का कारावास
देवरिया। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सुगही बुजुर्ग में तेरह वर्ष पूर्व हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर जिला जज अशोक कुमार दुबे की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी पाते हुए दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही छह हजार अर्थदंड लगाया है।
अपर शासकीय अधिवक्ता महेश्वर प्रसाद के अनुसार बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सुगही बुजुर्ग निवासी रामचंद्र व उनके पड़ोसी गौरीशंकर के परिवार के बच्चों के बीच विवाद हुआ था। दोनों में कहासुनी हुई। इसी रंजिश के कारण गौरीशंकर के पिता अलगू व उसकी मां उबिया देवी लाठी डंडा लेकर तीन अप्रैल 2008 की शाम साढ़े छह बजे रामचंद्र के दरवाजे पर आ गए और मारपीट करने लगे। रामचंद्र की मां गुलाइची देवी, भतीजे सुशील कुमार व भाभी सुशीला देवी को चोटें आईं। गुलाइची देवी को गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, वहां से मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बघौचघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई के बाद गौरीशंकर व उबिया देवी को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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देवरिया। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सुगही बुजुर्ग में तेरह वर्ष पूर्व हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर जिला जज अशोक कुमार दुबे की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी पाते हुए दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही छह हजार अर्थदंड लगाया है।
अपर शासकीय अधिवक्ता महेश्वर प्रसाद के अनुसार बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सुगही बुजुर्ग निवासी रामचंद्र व उनके पड़ोसी गौरीशंकर के परिवार के बच्चों के बीच विवाद हुआ था। दोनों में कहासुनी हुई। इसी रंजिश के कारण गौरीशंकर के पिता अलगू व उसकी मां उबिया देवी लाठी डंडा लेकर तीन अप्रैल 2008 की शाम साढ़े छह बजे रामचंद्र के दरवाजे पर आ गए और मारपीट करने लगे। रामचंद्र की मां गुलाइची देवी, भतीजे सुशील कुमार व भाभी सुशीला देवी को चोटें आईं। गुलाइची देवी को गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, वहां से मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बघौचघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई के बाद गौरीशंकर व उबिया देवी को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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