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Deoria News: राधिका डेयरी में मिला 10 क्विंटल खराब पनीर, शादियों में खपाने की थी तैयारी
Fri, 21 Nov 2025 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 21 Nov 2025 01:18 AM IST
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पनीर बरामदगी के बाद टीम ने नष्ट करा दिया। संवाद
देवरिया। दूध की किल्लत से जूझ रहे जिले में मिलावटी पनीर का धंधा बड़े पैमाने पर फैल गया है। बृहस्पतिवार को ऊसरा इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही राधिका डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। इस दौरान टीम को 10 क्विंटल खराब पनीर मिला है, जिसके नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा है। चर्चा है कि यहां सिंथेटिक दूध से पनीर तैयार होता था। इस पनीर को शादियों में देवरिया के अलावा आसपास के जिलों में भी खपाने की तैयारी थी।
त्योहार के बाद सहालग में भी पनीर की बहुत डिमांड है। इसे देखते हुए धंधेबाज दूसरे जिलों से भी पनीर यहां ला रहे हैं। इसके अलावा जिले के अंदर भी कई जगह सिंथेटिक दूध से पनीर बनाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इसकी जानकारी मिली तो छानबीन शुरू हुई। बृहस्पतिवार की दोपहर में मुख्य खाद्य सुरक्षा के अधिकारी राजीव मिश्र की अगुवाई में ऊसरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित राधिका डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा।
टीम ने यहां लगभग 10 क्विंटल पनीर बरामद किया, जिसके खराब होने की आशंका प्रथम दृष्टया ही स्पष्ट दिख रही थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान डेयरी परिसर से मिले पनीर की स्थिति संदिग्ध और मानक के विपरीत पाई गई। टीम ने पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जबकि पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
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डेयरी में सिंथेटिक दूध से पनीर तैयार किए जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। इस डेयरी में दूध पहुंचाने वालों ने बताया कि करीब तीन महीने से यहां दूध का कलेक्शन भी बंद था। अगस्त तक डेयरी के पास ही सुबह दूध एकत्रित होता था, लेकिन अब यहां दूध नहीं आता है। माना जा रहा है कि बरामद पनीर शादियों में सप्लाई के लिए तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पनीर के टेक्सचर, गंध और रंग में गड़बड़ी स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिससे टीम ने इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए तुरंत नष्ट करने का निर्देश दिया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र का कहना है कि मिलावटी या खराब पनीर का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में कार्रवाई होगी।
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पिछले महीने भी पकड़ा गया था तीन क्विंटल पनीर
बीते अक्तूबर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों के मद़्देनजर अभियान चलाया तो लगभग 300 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तब सलेमपुर-मझौली मार्ग पर औरंगाबाद के पास एक पिकअप वैन में संदिग्ध पनीर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने वाहन को रोककर उसकी जांच की। पूछताछ में वैन चालक ने बताया कि यह पनीर आजमगढ़ स्थित श्वेत सागर डेयरी में तैयार किया गया था और इसे देवरिया की विभिन्न दुकानों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर अधिकारियों ने मौके पर ही उसका परीक्षण किया, जिसमें इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया था।
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मिलावटी पनीर से ये है नुकसान
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि खराब या सिंथेटिक पदार्थों से बना पनीर दस्त, उल्टी, पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग का कारण बन सकता है। सिंथेटिक दूध या नकली फैट से बने पनीर में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और कृत्रिम रसायन मिलाए जाते हैं, जो किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे पनीर से त्वचा पर एलर्जी, दाने और जलन जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। इसके अलावा इसके नियमित सेवन से हृदय रोग, हार्मोनल असंतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
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त्योहार के बाद सहालग में भी पनीर की बहुत डिमांड है। इसे देखते हुए धंधेबाज दूसरे जिलों से भी पनीर यहां ला रहे हैं। इसके अलावा जिले के अंदर भी कई जगह सिंथेटिक दूध से पनीर बनाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इसकी जानकारी मिली तो छानबीन शुरू हुई। बृहस्पतिवार की दोपहर में मुख्य खाद्य सुरक्षा के अधिकारी राजीव मिश्र की अगुवाई में ऊसरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित राधिका डेयरी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा।
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टीम ने यहां लगभग 10 क्विंटल पनीर बरामद किया, जिसके खराब होने की आशंका प्रथम दृष्टया ही स्पष्ट दिख रही थी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान डेयरी परिसर से मिले पनीर की स्थिति संदिग्ध और मानक के विपरीत पाई गई। टीम ने पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जबकि पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
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डेयरी में सिंथेटिक दूध से पनीर तैयार किए जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। इस डेयरी में दूध पहुंचाने वालों ने बताया कि करीब तीन महीने से यहां दूध का कलेक्शन भी बंद था। अगस्त तक डेयरी के पास ही सुबह दूध एकत्रित होता था, लेकिन अब यहां दूध नहीं आता है। माना जा रहा है कि बरामद पनीर शादियों में सप्लाई के लिए तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पनीर के टेक्सचर, गंध और रंग में गड़बड़ी स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिससे टीम ने इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए तुरंत नष्ट करने का निर्देश दिया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र का कहना है कि मिलावटी या खराब पनीर का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में कार्रवाई होगी।
पिछले महीने भी पकड़ा गया था तीन क्विंटल पनीर
बीते अक्तूबर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों के मद़्देनजर अभियान चलाया तो लगभग 300 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तब सलेमपुर-मझौली मार्ग पर औरंगाबाद के पास एक पिकअप वैन में संदिग्ध पनीर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने वाहन को रोककर उसकी जांच की। पूछताछ में वैन चालक ने बताया कि यह पनीर आजमगढ़ स्थित श्वेत सागर डेयरी में तैयार किया गया था और इसे देवरिया की विभिन्न दुकानों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर अधिकारियों ने मौके पर ही उसका परीक्षण किया, जिसमें इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया था।
मिलावटी पनीर से ये है नुकसान
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि खराब या सिंथेटिक पदार्थों से बना पनीर दस्त, उल्टी, पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग का कारण बन सकता है। सिंथेटिक दूध या नकली फैट से बने पनीर में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च और कृत्रिम रसायन मिलाए जाते हैं, जो किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे पनीर से त्वचा पर एलर्जी, दाने और जलन जैसी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं। इसके अलावा इसके नियमित सेवन से हृदय रोग, हार्मोनल असंतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।