फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Wonderful association of culture of Punjab, Rajasthan and Madhya Pradesh

पंजाब, राजस्थान व मध्यप्रदेश की संस्कृति का अद्भुत समागम

Sat, 07 Oct 2017 10:34 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Sat, 07 Oct 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
Wonderful association of culture of Punjab, Rajasthan and Madhya Pradesh
नृत्य करती महिला। - फोटो : amarujala

विज्ञापन
चित्रकूट। शरदोत्सव में राजस्थान के प्रसिद्ध मांगणियार गायन के बाद पंजाब के भांगडे़ पर दर्शक रात भर मंत्र मुग्ध होकर बैठे रहे। भोपाल की कल्याणी वैदेही फगरे ग्रुप ने नर्मदा परिक्रमा का नृत्य प्रस्तुत किया तो दर्शक वाह-वाह कर उठे। देश की विभिन्न संस्कृतियों की झलक रातभर देखने को मिली।
धर्मनगरी के सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय परिसर में संचालित दीनदयाल  शोध संस्थान के शरदोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के  समाज कल्याण मंत्री रामपति शास्त्री ने किया। कार्यक्रम में राजस्थान के कलाकार भुट्टे खॉं एवं उनके साथियों ने मांगणियार गायन से किया। बताया गया कि राजस्थान की भूमि का पारांपरिक गायन है जो एक जाति है जो गांव-गांव जाकर गाया करती थी। इसके बाद भोपाल की कल्याणी वैदेही फ गरे ग्रुप द्वारा नर्मदा परिक्रमा नृत्य नाटिका के माध्यम परिक्रमा की नृत्य शैली में भाव मुद्रा व संगीत पक्ष को एक साथ प्रदर्शित किया।
विज्ञापन

गोंड जनजाति ने कर्मा व शैला नृत्य प्रस्तुत किया
खोही। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के गौंड़ जनजाति के कलाकारों  द्वारा कर्मा और शैला नृत्य का प्रदर्शन किया गया। गौंड़ जनजाति का कर्मा नृत्यकर्म की प्रेरणा देने वाला नृत्य और शैला नृत्य शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में किया जाता है। उसके बाद गणगौर नृत्य की प्रस्तुति जो कि मप्र के निमाड़ अंचल में शिव-ंपार्वती के लोक रूप को गणगौर पर्व के माध्यम से नौ दिनों तक रणुबाई और घडियर राजा के रूप में अनुष्ठान किया जाता है। इस अवसर पर रात्रि में सभी ग्रामीण एकत्रित होकर गणगौर नृत्य करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गजब कर डारो रे कारी कांवर बारे ने...
खोही। शरदोत्सव वही विभिन्न राज्यों की लोक प्रस्तुतियों के प्रदर्शन के साथ पंजाब का भांगड़ा व जिन्दुआ नृत्य की प्रस्तुति भी पटियाला से आए अमरदीप सिंह एवं उनके साथी कलाकारों द्वारा किया गया। अंत में प्रसिद्ध भजन गायक पवन तिवारी ने भक्ति गीतों की अनूठी छटा विखेरी। गजब कर डारो रे कारी कांवर बारे ने, पीरे पीताम्बर बारे ने वफिर मनोहर माधुरी जोड़ी हमारे श्याम श्यामा की, रसीली रस भरी अंखियां गीत प्रस्तुत किए। इस मौके पर प्रमुख द्वारा के संत मदनगोपाल दास महाराज, महात्मा गांधी ग्रामोदय विवि के कुलपति प्रो. नरेशचन्द्र गौतम, जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेशचन्द्र दुबे,गायत्री पीठ के डॉ. रामनारायन त्रिपाठी,  त्यागी जी महाराज, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव डॉ. अशोक पांडेय, अभय महाजन, संतोष मिश्रा, राजेश दुबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed